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छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने दी बड़ी सौगात, सुकमा के इस गांव को 75 साल बाद मिली अंधेरे से आजादी

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छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने दी बड़ी सौगात, सुकमा के इस गांव को 75 साल बाद मिली अंधेरे से आजादी
 
छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला घोर नक्सल प्रभावित है। लेकिन अब इसकी पहचान बदल रही है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल (Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel) की सरकार विकास, विश्वास और सुरक्षा के थीम पर कार्य करते हुए जिला प्रशासन, जिला पुलिस और सीआरपीएफ के कड़े प्रयासों से अब एलमागुंडा गांव में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंचीं है (Chhattisgarh News – Village in Naxal-affected Sukma gets electricity for first time)। सुकमा जिले के एलमागुंडा गांव के ग्रामीणों को स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले बड़ी सौगात मिली है। नक्सल प्रभावित एलमागुंडा गांव में जैसे ही बिजली पहुंची ग्रामीणों की ख़ुशी देखते ही बन रही थी।

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सुकमा जिले के कुछ गांव नक्सल प्रभावित (Naxal Affected Sukma) और बेहद संवेदनशील हैं। लिहाजा सुरक्षाबलों के जवानों द्वारा प्रशासन व पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीणों से बेहतर संबंध स्थापित करके विकास के बहुत सारे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में कैंप स्थापित करने के साथ ही उन इलाकों में लोगों की बुनियादी जरूरतों को पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में एलमागुंडा गांव में आजादी के बाद पहली बार बिजली सेवा पहुंचाई गयी है। अब गांव में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों का विश्वास भी सीएम भूपेश बघेल की सरकार (Chhattisgarh Election News), शासन-प्रशासन और सुरक्षाबलों के प्रति बढ़ा है।

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एलमागुंडा बहुत ज्यादा नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। नक्सली दहशत के कारण यहां के लोग अभाव में जीने के आदी थे, यहां सुख सुविधाएं नहीं थी। पहले फोर्स का कैंप और अब बिजली की आमद ने ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ा दीं है। एलमागुंडा के ग्रामीणों ने बताया कि हमारी जिंदगी बिलकुल अंधेरे में थी, हम लगातार सरकार से बिजली की मांग करते रहे लेकिन जब सीएम भूपेश बघेल सत्ता में आये तब जाकर बिजली की हमारी मांग मानी गयी और गांव में बिजली पहुंच गई। अब हम भी बिजली की रोशनी में रहेंगे। गांव में टीवी भी देख पाएंगे।