Badrinath में DJ कॉन्सर्ट पर मुरली मनोहर जोशी ने सांस्कृतिक मर्यादा के उल्लंघन का कड़ा ऐतराज जताया

The CSR Journal Magazine
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ में आयोजित एक सांस्कृतिक उत्सव पर कड़ा ऐतराज जताया है। जोशी ने शुक्रवार को कहा कि पवित्र स्थल पर ऐसे संगीत कार्यक्रम का आयोजन न केवल सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि यह धाम की पवित्रता पर भी सीधा हमला है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि ऐसे आयोजनों पर रोक लगाई जाए और देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखा जाए। इससे पहले साधु-संतों ने भी इस तरह के कार्यक्रम पर चिंता जताई थी। बद्रीनाथ में सेना द्वारा आयोजित देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 के दौरान तेज म्यूजिक और डीजे पर डांस के वीडियो वायरल होने के बाद यह विवाद खड़ा हुआ है।

काबिल-ए-गौर मुद्दे

मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह को अनुमति देना पवित्रता पर आघात है। यह इस बात का संकेत है कि देवभूमि को अब बाजारू संस्कृति में बदलने की कोशिश की जा रही है। जोशी ने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों से अपील की कि वे इस परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि हिमालय देवताओं का निवास है और इसे नाच-गाकर अपमानित करना करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है।

विवाद का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें लोगों को तेज संगीत पर नाचते हुए देखा गया। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या बद्रीनाथ जैसी पवित्र जगह के पास ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने भी कार्यक्रम की प्रस्तुतियों और उनकी सामग्री पर आपत्ति जताई है। ज्योतिर्मठ के संतों ने भी इस पर धार्मिक मर्यादा का सवाल उठाया और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।

प्रशासन का पक्ष

चमोली जिला प्रशासन ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सरकारी स्टॉल प्रशासन की ओर से थे, जबकि सांस्कृतिक गतिविधियों का चयन सेना ने किया था। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैली गलतफहमियों और निष्कर्षों के आधार पर लोगों से तथ्यों की जांच करने की अपील की। यह आयोजन भारत अमेरिकी सैनिकों के औली में युद्धाभ्यास-2026 के समापन के बाद हुआ, जिसकी थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी भाग लिया और आयोजकों को बधाई दी।

लोगों की प्रतिक्रियाएं

उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने तीर्थस्थलों की धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के स्वरूप पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों को धाम की गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। ज्योतिर्मठ के स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरी ने भी कार्यक्रम को धार्मिक मर्यादा के विपरीत बताकर मुख्यमंत्री से मामला देखने की अनुरोध किया। कुछ स्थानीय संगठनों ने भी सोशल मीडिया पर तेज म्यूजिक और डांस के वीडियो को लेकर आपत्ति दर्ज की।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक गायिका प्रियंका मेहर ने भी अपनी प्रस्तुति दी, और कार्यक्रम के दौरान लोगों के डांस करने के वीडियो और अधिक वायरल हुए। इस विषय पर बहस शुरू हो गई कि धार्मिक स्थल के आस-पास इस तरह का तेज संगीत और डीजे का कार्यक्रम उचित है या नहीं। कई लोगों ने इसकी पवित्रता की आवश्यकता पर जोर दिया।

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