भारत ने मुइज्जू को फिर किया समर्थन, मालदीव के लिए 30 अरब रुपए का करेंसी स्वैप रोलओवर

The CSR Journal Magazine
भारत ने मालदीव को 30 अरब रुपए की करेंसी स्वैप सुविधा के रोलओवर को मंजूरी दी है। यह कदम SAARC देशों के लिए करेंसी स्वैप अरेंजमेंट के तहत उठाया गया है। यह व्यवस्था अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और मालदीव मॉनेटरी अथॉरिटी के बीच साइन की गई थी। इस सहायता से मालदीव की अर्थव्यवस्था को एक बड़ी संजीवनी मिली है।

रोलओवर से मिलेगी वित्तीय स्थिरता, मालदीव के आर्थिक संकट का समाधान

इस स्वैप सुविधा के तहत, मालदीव सरकार को 30 अरब की पहली निकासी 23 अप्रैल को दी गई थी। यह राशि मालदीव की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने में मददगार साबित होगी। 2024–27 के फ्रेमवर्क के अंतर्गत, द्विपक्षीय करेंसी स्वैप अरेंजमेंट में फायदेमंद ब्याज दरों और अन्य शर्तों के साथ रियायतें भी शामिल हैं। मालदीव वर्तमान में आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पैसों के अभाव में रुकी हुई हैं। ऐसे में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार ने भारत की ओर मदद के लिए देखा है। भारत ने कई तरीकों से मालदीव की मदद की है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते फिर से मधुरता की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत का दीर्घकालिक समर्थन

आरबीआई ने 2012 में इस ढांचे की शुरुआत के बाद से मालदीव को कुल मिलाकर 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की स्वैप सहायता प्रदान की है। भारत ने सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के माध्यम से भी मालदीव का समर्थन किया है। भारत ने 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के दो दीर्घकालिक ट्रेजरी बॉंड खरीदे हैं।

भारत-मालदीव संबंधों में सुधार, भविष्य की संभावनाएं

मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद, भारत के प्रति उनकी नीतियों में बदलाव आया है। उन्होंने चुनाव में भारत विरोधी अभियान चलाया था, लेकिन अब वह भारत के साथ संबंधों को सुधारने के लिए तत्पर हैं। भारत की मदद से मालदीव की वित्तीय स्थिति में सुधार हो रहा है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आ रही है। भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और महासागर विजन में मालदीव का विशेष स्थान है। यह रोलओवर भारत की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और गहरा किया जा सके। इस तरह की मदद से मालदीव की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

भारत की मदद का महत्व, मालदीव की नई दिशा

भारत ने हमेशा मालदीव की मदद की है, चाहे वह आर्थिक हो या राजनीतिक। यह मदद मालदीव के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है। भारत की सहायता से मालदीव की सरकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को फिर से शुरू करने में सक्षम होगी, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मालदीव की सरकार अब भारत के सहयोग से अपने आर्थिक संकट को दूर करने की दिशा में काम कर रही है। यह सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा। भारत की मदद से मालदीव एक नई दिशा में आगे बढ़ सकता है, जो उसके लिए आर्थिक स्थिरता और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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