अनिल द्विवेदी: अमेरिका में मेयर बनने की कड़ी टक्कर, सिर्फ 1667 वोटों से हारे

The CSR Journal Magazine
मध्य प्रदेश के सीधी में जन्मे अनिल द्विवेदी ने अमेरिका की धरती पर अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में कैलिफोर्निया के यूरेका शहर में हुए नगर चुनाव में वे मेयर पद के प्रत्याशी बने। इस चुनाव में निवर्तमान मेयर किम बर्गेल ने जीत हासिल की, जबकि अनिल द्विवेदी दूसरे स्थान पर रहे। उनकी कहानी ने देश-विदेश में सुर्खियां बटोरी हैं।

अनिल द्विवेदी का प्रारंभिक जीवन, फिल्मों से रियल एस्टेट तक का सफर

अनिल द्विवेदी के पिता डॉ. रमेश प्रसाद द्विवेदी भिलाई के दिल्ली पब्लिक स्कूल में हिंदी के वरिष्ठ व्याख्याता हैं। अनिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भिलाई में पूरी की और फिर वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से नव्य व्याकरण में आचार्य की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा के साथ-साथ उनका रुझान कला और फिल्म निर्माण की ओर बढ़ा। अनिल ने मुंबई में लगभग दो साल तक सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने लेखन, निर्देशन और फिल्म निर्माण में हाथ आजमाया। उनकी शॉर्ट फिल्म ‘देवी: द लिटिल गॉडेस’ ने 2014 में अमेरिका के कई फिल्म समारोहों में पहचान बनाई। इस सफलता के बाद उन्हें अमेरिका में काम करने का अवसर मिला, जो उनके लिए एक नया अध्याय बन गया।

अमेरिका में उद्यमिता का सफर, यूरेका मेयर चुनाव के आंकड़े

अनिल ने अमेरिका में रियल एस्टेट के क्षेत्र में अपनी कंपनी स्थापित की और अमेरिकी नागरिकता हासिल की। वर्तमान में वे यूरेका में एक सफल उद्यमी, रियल्टर और कम्युनिटी लीडर के रूप में सक्रिय हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने कम आय वाले वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यूरेका शहर के मेयर पद के चुनाव में कुल 3,634 वैध वोट डाले गए। चुनाव परिणामों के अनुसार, किम बर्गेल ने 2,371 वोट (65.24%) प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि अनिल द्विवेदी को 704 वोट (19.37%) मिले। तीसरे स्थान पर केसी ड्रेसर रहे, जिन्हें 559 वोट (15.38%) मिले।

वोटिंग का विवरण

चुनाव में कुल वोटों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा मेल के जरिए आया। किम बर्गेल को 1,618 वोट मिले, जबकि अनिल द्विवेदी को 489 वोट मिले। वोट सेंटर पर डाले गए कुल 1,190 वोटों में किम बर्गेल को 753, केसी ड्रेसर को 222 और अनिल द्विवेदी को 215 वोट मिले। इस प्रकार, अनिल द्विवेदी का सफर एक साधारण विद्यार्थी से लेकर मेयर पद के सशक्त प्रत्याशी तक का है।

संस्कृत से फिल्म निर्माण तक का सफर

अनिल द्विवेदी का जीवन एक प्रेरणादायक कहानी है। संस्कृत के एक साधारण विद्यार्थी से लेकर फिल्मकार और अब अमेरिकी कारोबारी तक का उनका सफर कई अनूठे आयाम समेटे हुए है। यूरेका में उनकी पहचान अब एक सफल उद्यमी और समाजसेवी के रूप में बन चुकी है। अनिल द्विवेदी ने अपने चुनावी अभियान के दौरान स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। वे भविष्य में भी अपनी कम्युनिटी के लिए काम करने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि समाज सेवा और उद्यमिता का संगम ही सच्ची सफलता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos