पुणे शहर के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित लोहेगांव स्थित Pune International Airport को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना अब एक कदम आगे बढ़ गई है। संबंधित विभागों द्वारा इस परियोजना के लिए एक “व्यावहारिक रूट” को अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे शहर और हवाई अड्डे के बीच यात्रा और भी आसान, तेज और सुविधाजनक हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, यह कनेक्टिविटी MahaMetro द्वारा संचालित Pune Metro परियोजना के विस्तार के तहत विकसित की जाएगी। अब तक हवाई अड्डे तक सीधी मेट्रो सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को टैक्सी, बस या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी होती थी।
प्रैक्टिकल रूट से लागत और समय दोनों की बचत
नए तय किए गए रूट को तकनीकी, यातायात और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस “प्रैक्टिकल रूट” से कम से कम भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी और निर्माण कार्य भी अपेक्षाकृत आसान रहेगा। इससे परियोजना की लागत और समय दोनों में बचत होगी। मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद पुणे एयरपोर्ट से शहर के प्रमुख इलाकों जैसे शिवाजीनगर, स्वारगेट और पिंपरी-चिंचवड तक यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी। इससे आईटी हब, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।
लंबे समय से पुणेकर कर रहे परेशानी का सामना
Pune International Airport को Pune Metro से सीधी कनेक्टिविटी न होने के कारण यात्रियों को लंबे समय से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। एयरपोर्ट आने-जाने के लिए लोगों को टैक्सी, ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे खासकर पीक समय में लोहेगांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक जाम लग जाता था। ट्रैफिक के कारण यात्रा में अनिश्चितता बनी रहती थी और यात्रियों को फ्लाइट पकड़ने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना पड़ता था। कैब का किराया भी अपेक्षाकृत अधिक होने से यात्रा महंगी पड़ती थी। सार्वजनिक बस सेवा होने के बावजूद वह हर समय सुविधाजनक और तेज नहीं थी, खासकर भारी सामान के साथ यात्रा करना कठिन होता था। निजी वाहनों की अधिकता से सड़क पर भीड़ और वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा था। आधुनिक महानगर के रूप में विकसित हो रहे पुणे में एयरपोर्ट तक मेट्रो कनेक्टिविटी का अभाव शहर की बुनियादी ढांचे की एक बड़ी कमी माना जा रहा था।
नई परियोजना से ट्रैफिक और प्रदूषण, दोनों से मुक्ति
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट-मेट्रो कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसके अलावा, पुणे को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित महानगर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब अगला चरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और आवश्यक मंजूरी लेने का है। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में पुणे एयरपोर्ट सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।
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