app-store-logo
play-store-logo
February 15, 2026

पश्चिम बंगाल में ममता का बड़ा दांव: बेरोज़गार युवाओं को 1500 रुपए हर महीने

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सीएम ममता बनर्जी ने युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ‘युवा साथी योजना’ की घोषणा की है, जिसके तहत 21 से 40 साल के बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपए भत्ता दिया जाएगा। यह योजना एक अप्रैल से लागू होगी। ममता की यह कदम उनके ‘MMY’ (मुस्लिम, महिला, युवा) रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने पहले मुस्लिम और महिला वोटबैंक पर ध्यान केंद्रित किया था, और अब युवा वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए यह नई पहल की है।

युवाओं की बढ़ती भागीदारी

इस योजना के तहत रविवार को पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में आवेदन शिविर लगाए गए हैं, जहां युवा बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन कर सकते हैं। देखा गया कि युवा बेरोजगारी भत्ते के लिए लंबी कतार में खड़े होकर आवेदन कर रहे हैं। इनमें एमए, बीए और बीएससी पास युवा शामिल हैं, जो नौकरी की तलाश में हैं। इससे स्पष्ट होता है कि ममता बनर्जी की सरकार युवाओं को लुभाने के लिए गंभीर है।

मुस्लिम वोटबैंक पर ममता की नजर

पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी पिछले जनगणना के अनुसार 27 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34 प्रतिशत होने का अनुमान है। मुस्लिम वोटबैंक पर ममता की मजबूत पकड़ इसे चुनावों में एक महत्वपूर्ण कारक बनाता है। ममता बनर्जी ने ओबीसी लिस्ट में मुस्लिमों को शामिल किया है और उनकी सामाजिक-economic स्थिति में सुधार का वादा किया है। 2011 से वे मुस्लिम समुदाय के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही हैं।

महिलाओं के लिए भी ममता के कदम

ममता बनर्जी ने महिलाओं के लिए भी कई योजनाएं शुरू की हैं। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत पहले महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह दिए जाते थे, अब यह राशि बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी गई है। महिलाएं राज्य की 50 प्रतिशत वोटरों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और ममता का फोकस उनके कल्याण पर भी है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी ममता ने महिलाओं के लिए विशेष पहल की हैं।

चुनावी दांव पर ममता का नया मोड़

मंत्री शशि पांजा ने कहा है कि युवा योजना से जुड़ने के लिए लोग तेजी से आगे आ रहे हैं। यह प्रोजेक्ट युवाओं के लिए सकारात्मक परिणाम ला सकता है। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी कहा कि नौकरी न मिलने वाले युवाओं को लोन देने की योजना तैयार की गई है। इन सबके बीच विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

बंगाल में सियासी घमासान तेज हुआ

इस बार ममता बनर्जी ने मुस्लिम, महिला और युवा वोटरों पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके जरिए वे आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती हैं। ममता के ये कदम क्या उन्हें फिर से जीत दिला पाएंगे, या बंगाल में कोई नया खेला होगा, यह आगामी चुनावों में ही साफ होगा। चुनावी महाकुंभ की इस होड़ में ममता के सामने कई चुनौतियां हैं, जिनका सामना उन्हें करना होगा।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates
App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos