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यूपी की नई ट्रांसफर नीति से दिव्यांग कर्मियों को मिलेगी राहत

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यूपी की नई ट्रांसफर नीति से दिव्यांग कर्मियों को मिलेगी राहत
 
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी ट्रांसफर नीति 2024-25 का ऐलान किया है। Uttar Pradesh Transfer Policy में दिव्यांगों (Person with Disability) को विशेष रूप से राहत मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश ट्रांसफर पॉलिसी के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दिव्यांग कर्मियों या ऐसे कर्मियों के आश्रित परिवार जन 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगता से प्रभावित हों को नॉर्मल ट्रांसफर से मुक्त रखा जाएगा। लेकिन अगर इन दिव्यांग कर्मचारियों के ऊपर कोई गंभीर शिकायत आती है तो इनका ट्रांसफर किया जा सकता है। यही नहीं, दिव्यांग कार्मिक के द्वारा अनुरोध किए जाने पर पोस्ट की उपलब्धता के आधार पर उसे उनके गृह जिले में तैनात करने पर विचार किया जा सकता है।

यूपी में दिव्यांग कर्मचारियों को सामान्य ट्रांसफर से रखा जाएगा मुक्त, होम डिस्ट्रिक्ट में हो सकेगी तैनाती

गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों (Loksabha Election Result of Uttar Pradesh) के बाद पहली कैबिनेट बैठक में योगी सरकार (Yogi Government) ने नई स्थानांतरण नीति 2024-25 (Uttar Pradesh Transfer Policy) को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति में विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण में कई तरह की राहत भी प्रदान की गई हैं। नई स्थानांतरण नीति में विशेष परिस्थितियों में ट्रांसफर के लिए स्पेशल प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसके अनुसार मानसिक या फिर शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों के माता-पिता की तैनाती अधिकृत सरकारी डॉक्टर के सर्टिफिकेट के आधार पर विकल्प प्राप्त करके ऐसे स्थान पर की जा सकेगी, जहां मेडिकल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो या जहां से उनकी उचित देखभाल हो सके। इसके अलावा किसी अधिकारी/कर्मचारी के व्यक्तिगत कारणों जैसे मेडिकल या बच्चों की शिक्षा, शासकीय सेवा के दौरान मृत माता या पिता के अवयस्क बच्चों के पालन पोषण, देखभाल के आधार पर स्थान रिक्त होने या दूसरे अधिकारी/कर्मचारी के सहमत होने पर ट्रांसफर या समायोजन किया जा सकेगा बशर्ते कि उस पर कोई प्रशासनिक आपत्ति न हो। (How to register Unique Disability Card)

यूपी में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो उनका एक ही जिले में किया जा सकेगा ट्रांसफर

नई पॉलिसी के अनुसार यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हों तो उन्हें एक ही जिले, नगर या स्थान पर तैनात करने के लिए ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसी तरह 2 साल में रिटायर होने वाले ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों को उनके गृह जिले और क्लास वन और क्लास टू के अधिकारियों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट को छोड़ते हुए इच्छित जिले में तैनात करने पर विचार किया जाएगा। इसके पहले उस मंडल या जनपद में उसकी तैनाती अवधि को संज्ञान में नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा प्रमोशन, रिटायरमेंट आदि स्थितियों में प्राप्त रिक्त पदों पर स्थानांतरण किए जा सकेंगे।

एस्पिरेशनल जिलों और विकास खंडों का विशेष ध्यान

भारत सरकार द्वारा घोषित उत्तर प्रदेश की आकांक्षी जिला योजना से संबंधित 8 जिले (चित्रकूट, चंदौली, सोनभद्र, फतेहपुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती व बहराइच) एवं प्रदेश के घोषित 100 आकांक्षी विकास खंडों में प्रत्येक विभाग द्वारा प्रत्येक दशा में समस्त पदों पर तैनाती करके परिपूर्ण किया जाएगा। इन आकांक्षी जिलो एवं बुंदेलखंड के सभी जिलों के साथ ही 34 जिलों के 100 आकांक्षी विकास खंडों में तैनात कर्मचारियों को ट्रांसफर के बाद उनके नियंत्रक प्राधिकारियों द्वारा तब तक अवमुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि उनके प्रतिस्थानी द्वारा कार्यभार ग्रहण न कर लिया जाए। यह प्रतिबंध आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, पीसीएस एवं पीपीएस अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।