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‘हर घर जल’ की तर्ज पर मुंबई में ‘हर घर में नल’

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पानी की जरूरतों को समझते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बीएमसी चुनाव के पहले बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निर्देश पर मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने सभी के लिए पानी पॉलिसी (Mumbai Water Policy) को लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मुंबई के सभी घरों को पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। 1 मई को महाराष्ट्र दिवस पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) सभी को पानी उपलब्ध कराने वाली योजना ‘हर घर में नल’ (Water for All) का उद्घाटन करेंगे। इससे सरकारी और निजी भूखंडों पर बसे झोपड़पट्टी वासियों और अन्य अवैध निर्माणों में रह रहे लोगों को पानी कनेक्शन (Water Connection in Mumbai) मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

मुंबई के अवैध घर, इमारतों और झोपड़ियों को भी मिलेगा नल कनेक्शन

बीएमसी चुनाव के पहले शिवसेना ने शहर में 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन यह योजना भी पाइप लाइन में ही है। मुंबई में पानी की चोरी, दूषित जलापूर्ति की शिकायतें मिलती रहती हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रत्येक नागरिक को अच्छा भोजन शुद्ध पानी और हवा का मूलभूत अधिकार दिया गया है। इसी का हवाला देते हुए शिवसेना पार्टी द्वारा शासित महाराष्ट्र सरकार ने सभी को पानी की पॉलिसी को लागू करने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से हर किसी को और हर घर को चाहे वो सरकारी जमीन हो या निजी या फिर अवैध ही क्यों न हो, हर घर को नल का कनेक्शन दिया जायेगा।

महाराष्ट्र दिवस पर सीएम उद्धव का मुंबईकरों को तोहफ़ा, मिलेगा ‘हर घर में नल’

महाराष्ट्र सरकार मुंबई में ‘हर घर में नल’ लगाएगी वहीं केंद्र सरकार ‘हर घर में जल’ परियोजना बहुत पहले से चला रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने (PM Modi) हालही में हर घर में जल योजना को लेकर एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि जल जीवन मिशन देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे देश के विकास को नई गति मिल रही है। साथ ही अब तक ‘हर घर में जल’ परियोजना के तहत कितने नल लगाए जा चुके हैं इसकी भी जानकारी दी थी। पीएम मोदी में मुताबिक जल जीवन मिशन देश के विकास को एक नई गति दे रहा है।

देश में अब तक 9.40 करोड़ घरों को जल की आपूर्ति सुविधा से जोड़ा जा चुका है

पिछले 3 वर्षों से भी कम समय में देश के करोड़ों घरों में नल से जल पहुंचा है। यह जन आकांक्षाओं और जन भागीदारी की एक बड़ी मिसाल है। केंद्र सरकार के मुताबिक, 2019 तक सिर्फ 3.23 करोड़ घर पानी की आपूर्ति से जुड़े थे। वहीं, 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत से अब तक 9.40 करोड़ घरों को जल की आपूर्ति सुविधा से जोड़ा जा चुका है। जल जीवन मिशन से देश के 107 जिलों के लगभग 1.5 लाख गांव लाभान्वित हुए हैं। 17.39 लाख स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पेयजल आपूर्ति से जुड़े हुए हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक, गांवों में पेयजल प्रबंधन के लिए 4.82 लाख जल समितियों का गठन किया गया है।
गांवों में लगभग 9.69 लाख महिलाओं को पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। 4 लाख से अधिक गांवों में स्थानीय स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच करने की सुविधा है।