अगस्त में अल नीनो बढ़ा सकता है मुश्किलें: बारिश का घाटा 12% पर आया

The CSR Journal Magazine
आने वाले दिनों में देश के मौसम को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। हाल ही में दौलत Capital ने अल नीनो के बढ़ते प्रभाव की ओर इशारा किया है। इस महीने मौसम संबंधी बदलावों के चलते विशेषकर मध्य और पश्चिमी भारत में बारिश की कमी का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की मानें तो फिलहाल बारिश की स्थिति सामान्य से बेहतर हो सकती है, लेकिन बढ़ते अल नीनो के कारण स्थिति बिगड़ने की संभावना भी है।

हवा का खेल और बारिश की कमी

आंकड़ों के अनुसार, इस अगस्त में बारिश का घाटा 12% तक पहुंच गया है। जबकि पहले से ही इस वर्ष मानसूनी सीजन में कम बारिश के संकेत मिल रहे थे। इस बार का मौसम, खासकर जून और जुलाई के महीनों में, उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इससे ये आशंका जताई जा रही है कि अगला महीना भी कुछ खास नहीं होगा। अल नीनो के प्रभाव से मौसम में अस्थिरता आ सकती है, जिसके नकारात्मक परिणाम किसानों को झेलने पड़ सकते हैं।

भारत में कृषि पर प्रभाव

कृषि क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में अगर बारिश का वक्त पर न होना या कमी रहना जारी रहा, तो यह किसानों की फसल को प्रभावित कर सकता है। अल नीनो के चलते मानसून की स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है और ये याद रखना जरूरी है कि किसानों के लिए कमजोर बारिश का मतलब है कि उन्हें कम पैदावार का सामना करना पड़ सकता है।

जलवायु परिवर्तन का असर

जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम की तस्वीर लगातार बदल रही है। हर साल की तरह, इस साल भी अल नीनो के प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। आईओडी (Indian Ocean Dipole) की स्थिति इस बार लगभग न्यूट्रल बताई जा रही है, जो कि मौसम को और अधिक अस्थिर बना सकता है। ऐसे में किसानों के लिए संभावित सलाह और मौसम के सही अनुमान बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

क्या हैं संभावनाएं?

यदि इस साल शरद ऋतु तक बारिश का पैटर्न सही नहीं रहता, तो उत्पादन में कमी विशेषकर खाद्यान्न की फसलों में देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि मौसम विज्ञान विशेषज्ञों ने अल नीनो का प्रभाव ओर तापमान में वृद्धि के संभावित आंकड़ों को अधिक सचेत रहने की चेतावनी दी है। केंद्र और राज्य सरकारों को किसानों की मदद के लिए पहले से तैयार रहना होगा।

सकारात्मक संकेत भी हैं

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान भी जताया गया है। IMD के अनुसार, कृषि के लिए सकारात्मक मौसम नित नए मौकों का द्वार खोल सकता है। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि अल नीनो के खतरे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि सभी स्तरों पर तत्परता बरती जाए।

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