पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ओमान के खासब पोर्ट पर खड़े तेल टैंकर ‘एमवी स्काईलाइट’ पर हुए मिसाइल हमले में राजस्थान के नागौर जिले के 24 वर्षीय दलीप सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। मर्चेंट नेवी में एक महीने पहले ही नौकरी जॉइन करने वाले दलीप परिवार की बेहतर जिंदगी का सपना लेकर विदेश गए थे।
ओमान पोर्ट पर मिसाइल हमले में दलीप सिंह की मौत
पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच ओमान के खासब पोर्ट पर खड़े तेल टैंकर ‘एमवी स्काईलाइट’ पर हुए मिसाइल हमले में राजस्थान के नागौर जिले के 24 वर्षीय दलीप सिंह की मौत हो गई। एक महीने पहले ही मर्चेंट नेवी जॉइन करने वाले दलीप अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने विदेश गए थे।
एक महीने पहले जॉइन की थी नौकरी
राजस्थान के नागौर जिले के खींवताना गांव निवासी 24 वर्षीय दलीप सिंह ने 22 जनवरी 2026 को मर्चेंट नेवी जॉइन की थी। वे ऑयल/केमिकल टैंकर ‘एमवी स्काईलाइट’ पर क्रू मेंबर के रूप में तैनात थे। परिवार के अनुसार, 28 फरवरी को उनकी मां से आखिरी बार बात हुई थी और सब कुछ सामान्य था। दलीप का सपना था कि विदेश में नौकरी कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें। साधारण किसान परिवार से आने वाले दलीप घर की एकमात्र बड़ी उम्मीद थे। लेकिन 1 मार्च की सुबह हुए हमले ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
ओमान के खासब पोर्ट पर हुआ भीषण हमला
घटना 1 मार्च की सुबह की बताई जा रही है, जब पलाऊ के झंडे वाला तेल टैंकर ‘एमवी स्काईलाइट’ ओमान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खासब पोर्ट के पास खड़ा था। इसी दौरान ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल या बारूद से लदी ड्रोन बोट ने जहाज के अगले हिस्से को निशाना बनाया।
मिसाइल सीधे उस हिस्से पर गिरी जहां दलीप ड्यूटी पर तैनात थे। जोरदार धमाके के बाद जहाज में आग लग गई और वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बचाव दल ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया।
15 भारतीयों समेत 20 क्रू मेंबर्स थे सवार
शिपिंग कंपनी ‘स्काईलाइट’ के अनुसार, जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे। हमले के बाद राहत-बचाव अभियान में अधिकांश सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि तीन सदस्य लापता हो गए थे। बिहार के रहने वाले कैप्टन आशीष का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दलीप सिंह का शव अभी भी लापता बताया जा रहा है। कंपनी ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है और तलाश अभियान जारी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना संघर्ष का केंद्र
खासब पोर्ट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ पर स्थित है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ईरान-इजरायल युद्ध के चलते यह इलाका लगातार तनाव में है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह हमला ईरान द्वारा अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चलाए जा रहे प्रतिशोध अभियान से जुड़ा हो सकता है। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खींवताना गांव में मातम, सरकार से मदद की मांग
जैसे ही शिपिंग कंपनी की ओर से सूचना नागौर के खींवताना गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। होली के पर्व से ठीक पहले आई इस दुखद खबर ने गांव को गमगीन कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और परिवारजनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दलीप सिंह का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए। साथ ही युद्धग्रस्त क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। दूर पश्चिम एशिया में चल रही जंग की आंच अब राजस्थान के एक छोटे से गांव तक पहुंच चुकी है। रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार गए दलीप सिंह की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वैश्विक संघर्षों की कीमत आखिर कब तक आम परिवार चुकाते रहेंगे?
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
The Baloch Liberation Army (BLA) has reportedly executed its inaugural maritime strike against Pakistani security forces, resulting in the death of three personnel from...
During a recent 40-minute telephone call, US President Donald Trump conveyed a heartfelt message to Indian Prime Minister Narendra Modi. Reports from the Press...