Home हिन्दी फ़ोरम राजस्थान में शिक्षा को बढ़ाएगी पावर ग्रिड की ये सीएसआर पहल

राजस्थान में शिक्षा को बढ़ाएगी पावर ग्रिड की ये सीएसआर पहल

64
0
SHARE
 
राजस्थान में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड ने पहल की है। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड ने अपने सीएसआर पहल से राजस्थान में 1 करोड़ 63 लाख 25 हजार की राशि उपलब्ध कराएगी। इस बात की जानकारी देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य एवं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने The CSR Journal से ख़ास बातचीत की।

राजस्थान में शिक्षा पर पावर ग्रिड देगी 1 करोड़ 63 लाख की सीएसआर

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि “संसदीय क्षेत्र बीकानेर में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड सीएसआर (CSR) मद से राजकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 1 करोड़ 63 लाख 25 हजार की राशि स्वीकृत हुई है, ये बीकानेर समेत राज्य के शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी”। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (Power Grid Corporation of India Ltd.) के कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के इस पहल पर अर्जुन राम मेघवाल ने बीकानेर के समस्त क्षेत्रवासियों का हार्दिक बधाई दी साथ ही विद्युत मंत्री आर के सिंह का आभार भी जताया।

राजस्थान के इन स्कूलों में शिक्षा पर होगा सीएसआर (Power Grid CSR in School)

बीकानेर में मौजूद तौलियासर, आडसर, टेडाना, धनेरू, सुजानदेसर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड सीएसआर (Corporate Social Responsibility) फंड इन स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में खर्च किये जायेंगे। केंद्रीय संसदीय कार्य एवं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के पहल का ये नतीजा है कि ये सीएसआर पहल हुई है। इसके पहले भी अर्जुन राम मेघवाल सीएसआर की मदद से राजस्थान के विभिन्न इलाकों और अपने संसदीय क्षेत्र में CSR Activities कर चुके है।

एक करोड़ बच्चों के लिए ब्रिज कोर्स का ऐलान (Education in Rajasthan)

फिलहाल राजस्थान में शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है, कुछ दिन पहले ही Rajasthan में “राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम” कार्यक्रम का भी शुभारंभ हुआ। सीएम अशोक गहलोत ने इसकी शुरुआत की थी। आपको बता दें कि राज्य के शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में कक्षा एक से आठवीं तक के करीब एक करोड़ बच्चों के लिए ब्रिज कोर्स का ऐलान किया है। जिससे कि कोरोना काल में हुए पढ़ाई की हानि के अंतर को कम किया जा सके और इसके लिए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को 75 करोड़ का बजट भी दे रखा है।