पाक में PTI का मार्च, सरकार पर बढ़ा अरबों का बोझ; इस्लामाबाद में पूर्ण लॉकडाउन

The CSR Journal Magazine

इस्लामाबाद में PTI के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 22,000 सुरक्षाकर्मी तैनात, राजधानी छावनी में तब्दील

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) द्वारा देश की राजधानी इस्लामाबाद में घोषित बड़े विरोध प्रदर्शन और धरने को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संघीय सरकार ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने और किसी भी संभावित हिंसक टकराव से निपटने के लिए लगभग 22,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। इस्लामाबाद को पूरी तरह से एक अभेद्य किले या छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया है, ताकि प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित रेड जोन या संवेदनशील सरकारी इमारतों की तरफ कूच न कर सकें।

सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक खाका

मिली जानकारी के अनुसार, तैनात किए गए 22,000 सुरक्षाबलों में इस्लामाबाद पुलिस के जवानों के साथ-साथ पंजाब पुलिस, फ्रंटियर कांस्टेबलरी (FC) और पाकिस्तान रेंजर्स के अतिरिक्त दस्ते शामिल हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के इन जवानों को राजधानी के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों को शहर के मुख्य हिस्सों में दाखिल होने से रोकने के लिए कई प्रमुख रास्तों और चौराहों पर भारी-भरकम कंटेनर और कंक्रीट के बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। मुख्य रूप से फैजाबाद इंटरचेंज और रेड जोन की तरफ जाने वाली सड़कों को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

PTI ने बदली रणनीति

पीटीआई ने सरकार को चौंकाते हुए अपने आंदोलन की रणनीति में बदलाव किया है। पहले यह देशव्यापी मार्च 27 सितंबर को होना था, लेकिन पीटीआई नेतृत्व ने इसे आगे बढ़ाकर अब 4 अक्टूबर करने का एलान किया है। पार्टी का मानना है कि इस देरी से सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का दबाव और अधिक बढ़ जाएगा। हालांकि, पीटीआई के प्रवक्ताओं का यह भी कहना है कि वे हालात के मुताबिक इस तारीख से पहले भी अचानक मार्च शुरू कर सकते हैं।

भारी-भरकम सुरक्षा खर्च और आर्थिक बोझ

पीटीआई द्वारा प्रदर्शन को एक हफ्ते आगे बढ़ाने से नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तानी सरकार पर बहुत बड़ा वित्तीय बोझ आ पड़ा है। इस्लामाबाद पुलिस ने पहले इस सुरक्षा तामझाम के लिए 82 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के बजट की मांग की थी। अब प्रदर्शन टलने और सुरक्षा बलों को लंबे समय तक तैनात रखने के कारण यह खर्च 1 अरब रुपये (1 बिलियन) को पार करने का अनुमान है।

कंटेनरों का ‘रेंट माफिया’ और भारी किराया

पूरे शहर और राजमार्गों को सील करने के लिए प्रशासन ने 1,500 से अधिक भारी शिपिंग कंटेनरों को किराए पर लिया है। इनमें से कई कंटेनरों में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए नुकीले स्पाइक्स (लोहे की कीलें) भी लगाई गई हैं। इन कंटेनरों का दैनिक किराया ही लगभग 4.65 करोड़ पाकिस्तानी रुपये बैठ रहा है, जो अगले एक-दो हफ्तों में बढ़कर 32 से 65 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

इमरान खान के परिवार और कार्यकर्ताओं की धरपकड़

सरकार ने प्रदर्शन को पूरी तरह कुचलने के लिए पीटीआई के जमीनी तंत्र पर प्रहार किया है। पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने (MPO अध्यादेश) के तहत पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तीन बहनों—अलीमा खान, उजमा खान और नोरिन नियाज़ी को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा देश भर से पीटीआई के लगभग 1,500 सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है।

राजमार्गों की पूर्ण नाकेबंदी और जनता की नाराजगी

इस्लामाबाद को सिर्फ शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों से भी पूरी तरह काट दिया गया है। प्रांतीय राजधानी पेशावर को इस्लामाबाद से जोड़ने वाले मुख्य मोटरवे (M-1), डेरा इस्माइल खान राजमार्ग, हजारा मोटरवे और जीटी रोड को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (जहाँ पीटीआई की प्रांतीय सरकार है) से आने वाले रास्तों पर कड़ा पहरा है। इस पूर्ण लॉकडाउन के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे स्थानीय व्यापारी और आम नागरिक बेहद गुस्से में हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाजुक समय

यह पूरा सियासी घमासान ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की एक समीक्षा टीम मौजूद है और देश पहले से ही ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर अन्य विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। ऐसे में देश की राजधानी का पूरी तरह ठप होना पाकिस्तान की आर्थिक साख के लिए भी एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी और धारा 144 लागू

इस्लामाबाद प्रशासन ने शहर में पहले ही धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा, रैली, पांच या पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने और हथियार प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को आंसू गैस के गोले, लाठियां और दंगा नियंत्रण उपकरण मुहैय्या कराए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके। अस्पतालों को भी हाई अलर्ट पर रहने और डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पीटीआई का रुख और राजनीतिक तनाव

दूसरी ओर, इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेताओं का कहना है कि उनका यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में है। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रदर्शनों से राजधानी की सामान्य जिंदगी पूरी तरह पटरी से उतर जाती है, जिससे व्यापार, दफ्तर और आम नागरिकों का आवागमन ठप हो जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस भारी सुरक्षा तैनाती का उद्देश्य पीटीआई के कार्यकर्ताओं को इस्लामाबाद के केंद्र में जुटने से रोकना है ताकि 2014 या उसके बाद के धरने जैसी स्थितियां दोबारा पैदा न हों। फिलहाल पूरे शहर में भारी तनाव का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं।

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