Poultry Farming: मोदी सरकार देती है 50% सब्सिडी, जानें कैसे बनाएं कमाई का फॉर्मूला

The CSR Journal Magazine
आजकल गांवों से लेकर शहरों तक मुर्गी पालन एक लाभकारी व्यवसाय बनता जा रहा है। चिकन और अंडों की बढ़ती मांग के चलते इस क्षेत्र में रोजगार के कई अवसर पैदा हो रहे हैं। खास बात यह है कि केंद्र सरकार भी इस क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए 50% तक सब्सिडी दे रही है। इस योजना का लाभ उठाकर आप अपना पोल्ट्री बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

कौन सी योजना है 50% सब्सिडी देने वाली?

केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत उद्यमिता विकास कार्यक्रम (NLM-EDP) के तहत ग्रामीण पोल्ट्री ब्रीडिंग फार्म के लिए 50% तक कैपिटल सब्सिडी दी जाती है। इस योजना के तहत मुर्गी पालन की एक यूनिट पर अधिकतम 25 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है। अगर किसी प्रोजेक्ट की लागत 50 लाख रुपये है, तो आपको 25 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है।

कैसे मिलेगी सब्सिडी और कौन उठा सकता लाभ?

सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी दो किस्तों में जारी की जाती है। इसके लिए प्रोजेक्ट की मंजूरी और निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, अगर प्रोजेक्ट की स्वीकृत लागत 50 लाख रुपये है, तो आपको 25 लाख रुपये सरकार देगी, जबकि बाकी 25 लाख की व्यवस्था आपको स्वयं करनी होगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको इस क्षेत्र में अनुभव और प्रशिक्षण होना आवश्यक है। इसके अलावा, आपको अपनी या लीज पर ली गई जमीन की व्यवस्था करनी होगी। प्रोजेक्ट की लागत का कम से कम 10% हिस्सा मार्जिन मनी के रूप में जुटाना भी जरूरी है।

आवेदन कैसे करें?

NLM स्कीम के तहत आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। NLM Udyamimitra पर जाएं, उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत आवेदन करें, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। बैंक से प्रोजेक्ट की फंडिंग की प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद एजेंसी और केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलने पर आगे की प्रक्रिया पूरी करें।

मुर्गी पालन से कमाई का फॉर्मूला, चूजों की बिक्री का तरीका

मुर्गी पालन में कमाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सिर्फ मुर्गियों को पालना नहीं है, बल्कि उत्पादन से लेकर बाजार तक अपनी व्यवस्था तैयार करना भी है। अंडों से कमाई करने के लिए पैरेंट फार्म में मुर्गियों से मिलने वाले अंडों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अच्छी उत्पादन क्षमता और अंडों की गुणवत्ता से चूजों के उत्पादन का आधार तैयार होता है। हैचरी में तैयार चूजों को आसपास के पोल्ट्री किसानों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए पहले से खरीदारों और डीलरों का नेटवर्क बनाना जरूरी है। मदर यूनिट में चूजों को शुरुआती चार सप्ताह तक पालकर भी बाजार में बेचा जा सकता है। इससे ऐसे खरीदारों को जोड़ा जा सकता है जो छोटे चूजों के बजाय कुछ बड़े और शुरुआती देखभाल से गुजर चुके चूजे खरीदना चाहते हैं।

व्यवसाय की संभावनाएं

मुर्गी पालन के व्यवसाय में कई संभावनाएं हैं। अगर आप सही तरीके से योजना बनाते हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हैं, तो आप इस क्षेत्र में अच्छी कमाई कर सकते हैं। यह न केवल आपको आर्थिक स्वतंत्रता देगा, बल्कि आपके लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos