Home हिन्दी फ़ोरम रामोत्सव – धर्मपथ से रामपथ तक खिल उठी अयोध्या, पीएम मोदी ने...

रामोत्सव – धर्मपथ से रामपथ तक खिल उठी अयोध्या, पीएम मोदी ने किया विकास परियोजनाओं लोकार्पण

630
0
SHARE
रामोत्सव - धर्मपथ से रामपथ तक खिल उठी अयोध्या, पीएम मोदी ने किया विकास परियोजनाओं लोकार्पण
 
भले ही भगवान राम को लेकर देश में कितनी ही राजनीति क्यों न हो लेकिन आज अयोध्या के विकासपथ की राह पूरी दुनिया देख रही है। भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा के पहले आज 30 दिसंबर 2023 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विकास के नये युग की शुरुआत हुई है जिसका सूत्रपात खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है। 30 दिसंबर 2023 अयोध्या के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाएगी। आज अयोध्या के लिए पीएम मोदी 15700 करोड़ की 46 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जिसमें मुख्यतः अयोध्या धाम जंक्शन से 6 वंदे भारत और 2 अमृत भारत ट्रेनों को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई और साथ ही अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का पीएम मोदी ने उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी के अयोध्या दौरे को देखते हुए समूचे अयोध्या पर ना सिर्फ भक्ति का रंग चढ़ा बल्कि आमजन के सिर मोदी-योगी का जादू भी देखने को मिला।

पीएम मोदी 15,700 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या में रहे। इस दौरान पीएम मोदी 15,700 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। यही नहीं श्रीराम की नगरी से देश के विभिन्न शहरों के लिए भी सौगातों का पिटारा भी खोल दिया। पीएम मोदी देश के अलग अलग स्टेशनों से संचालित होने वाली 6 वंदे भारत और 2 अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले पीएम मोदी ने पुनर्विकसित अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया। इसी के साथ 30 दिसंबर 2023 की तिथि अयोध्या के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया और भगवान श्रीराम की नगरी में विकास के नया युग का शुभारंभ भी हो गया।

राम का लेकर नाम, जनता को समर्पित किया भव्य और नव्य ‘अयोध्या धाम’, इनफेंट केयर, सिक रूम भी है

पीएम मोदी के विजन व सीएम योगी (UP CM Yogi News) के क्रियान्वयन ने रामनगरी अयोध्या को नवनिर्मित ‘वर्ल्ड क्लास’ सुविधाओं से लैस रेलवे स्टेशन का तोहफा दिया है।उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh News) समेत देश-दुनिया की आध्यात्मिक आस्था का केंद्र अयोध्या के नवनिर्माण का कार्य पीएम नरेंद्र मोदी की मार्गदर्शन और सीएम योगी के कुशल नेतृत्व में किया जा रहा है। इस क्रम में, एक बड़ा मील का पत्थर आज शनिवार को रखा गया। 241 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए गए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन (Ayodhya Dham Railway Station) में यूं तो तमाम खूबियां हैं मगर यहां कुछ सुविधाएं ऐसी हैं जो आमतौर पर एयरपोर्ट्स पर भी देखने को नहीं मिलतीं। (AyodhyaDham) इस फेहरिस्त में इनफेंट केयर रूम, सिक रूम, पैसेंजर फैसिलिटीज डेस्क, टूरिस्ट इनफॉर्मेशन सेंटर मुख्य हैं जो स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर हैं तथा पूरा कॉम्प्लेक्स जी प्लस टू मॉडल (ग्राउंड प्लस मिडिल व फर्स्ट फ्लोर) पर बना है। इसके अतिरिक्त, क्लॉक रूम, फूड प्लाजा, वेटिंग हॉल्स, स्टेयरकेस, एस्केलेटर्स, लिफ्ट व टॉयलेट्स जैसी सुविधाएं हैं।

अयोध्या एयरपोर्ट का काम रिकॉर्ड समय में हुआ पूरा, ये हैं खासियतें

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या के साथ अन्य शहरों की हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार होने जा रहा है। अयोध्या में हवाई अड्डे Ayodhya Airport का निर्माण 20 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया था। अयोध्या एयरपोर्ट के विकास से पूरे साल व्यवसायों और तीर्थ पर्यटन को भी सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की पूरी अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। बात करें अयोध्या एयरपोर्ट की खासियतों की तो एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2200 मीटर है और यह ए-321 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगा। ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट (जीएसई) क्षेत्र के साथ दो लिंक टैक्सीवे और आठ ए321 प्रकार के विमानों की पार्किंग के लिए उपयुक्त एक एप्रन का भी निर्माण किया गया है। फेस-2 के तहत, 50000 वर्गमीटर के एक नए टर्मिनल भवन के विकास की योजना है, जो पीक आवर्स के दौरान 4000 यात्रियों और सालाना 60 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा।

एयरपोर्ट के निर्माण में 350 करोड़ खर्च हुए

हवाई अड्डे को 350 करोड़ रुपये में विकसित किया गया है, जिसमें टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टॉवर, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और संबद्ध शहर-साइड बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है। टर्मिनल भवन के शहरी हिस्से का निर्माण दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं के साथ कार और बस पार्किंग के साथ किया गया है। एयरपोर्ट को अयोध्या के इतिहास और महत्व को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। टर्मिनल भवन की संरचना अयोध्या के आगामी श्री राम मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित है। एयरपोर्ट इंसुलेटेड रूफ सिस्टम, ऊर्जा बचत के लिए कैनोपी का प्रावधान, एलईडी लाइटिंग, कम गर्मी बढ़ाने वाली डबल ग्लेज़िंग यूनिट, भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी सुविधा है।

विकास के नए युग में अयोध्या का प्रवेश, पीएम ने कहा, ”22 जनवरी को पूरे देश में दीपावली मनाएं, श्रीराम ज्योति जलाएं”

पुरातन वैभव से समृद्ध अयोध्या में सदियों की उपेक्षा ने जो उदासी की भावना बोई थी, उसके बादल अब छट चुके हैं। अब विकास के आकाश पर नई अयोध्या का दैदीप्य सूर्य प्रकाशमान है। ऐसे में, अयोध्या (Ayodhya) के खोए वैभव को लौटाकर पुनर्विकास के नायक बने नरेंद्र मोदी रामनगरी में जब तक रहे इस पल के साक्षी बनने के लिए अयोध्या की सारी जनता उत्साहित रही और उल्लास-उमंग के रंगों से भर उठी। धर्मपथ से लेकर रामपथ होते हुए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान बच्चे भी जय जय श्रीराम (Jay Shree Ram) के साथ मोदी-मोदी की गूंज करते रहे। पीएम मोदी ने भी बच्चों को निराश नहीं किया। वे भी यहां के लोगों का अभिवादन करते रहे। इस दौरान पीएम मोदी (PM Narendra Modii n Ayodhya) ने कहा कि “एक समय था, जब यहीं अयोध्या में रामलला टेंट (Ayodhya Ram Mandir) में विराजमान थे। आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं बल्कि पक्का घर देश के 4 करोड़ गरीबों को भी मिला है। आज का भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है, वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी छाया हुआ है। 22 जनवरी को पूरे देश में दीपावली मनाएं, श्रीराम ज्योति जलाएं। पूरे हिंदुस्तान में शाम जगमग होनी चाहिए”।

बच्चों से हालचाल लेना नहीं भूले सीएम योगी, बाबा को देख भाव विह्वल हो उठे बच्चे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का बालप्रेम किसी से छिपा नहीं है। शुक्रवार को अयोध्या आगमन पर भी सीएम ने रामपथ पर बच्चों से हालचाल जाना था तो शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अयोध्या पहुंचे तो यहां भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के बच्चों से मिलने लगे। सर्द मौसम में बच्चे अपने बीच योगी आदित्यनाथ को पाकर विह्वल हो गए। सीएम ने बच्चों से पहले नाम पूछा, फिर बोले-स्कूल जाते हो, क्या-क्या पढ़ाई करते हो। यह प्रश्न सुनकर मुस्कुराते बच्चों ने सीएम के प्रश्नों का जवाब भी दिया। सीएम ने यहां कई बच्चों से बातचीत की।