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मुंबई ने निभाई सामाजिक ज़िम्मेदारी, सड़क दुर्घटनाएं हुईं कम

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मुंबई की चकाचौंध दुनिया में हर एक मुंबईकर दिन रात कुछ न कुछ हासिल करने के लिए दौड़ता भागता रहता है। ना रात का ख्याल, ना दिन में वक़्त, मुंबई में कोई बन जाता है, तो कोई इस भीड़ का महज हिस्सा बनकर रह जाता है। मुंबई यानी हादसों का शहर। लेकिन हादसों को लेकर एक खुशख़बरी है। मुंबई में हाल के साल में मुंबई की सड़कों पर हादसे कम हुए है। ये खुलासा खुद मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने किया है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर यशस्वी यादव ने सालाना मुंबई रोड सेफ्टी रिपोर्ट जारी किया है। जिसमे बताया गया है कि हादसों के शहर मुंबई में सड़क दुर्घटनाएं कम हुई है।

मुंबई में साल 2019-20 में हुए सबसे कम रोड एक्सीडेंट

आकड़ों की माने तो सड़क दुर्घटना में 2015 में 611 लोगों की जान गई थी। वहीं साल 2019 में 447 लोगों की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई है। यानी 27 फीसदी की गिरावट आई है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर यशस्वी यादव ने बताया कि ट्रैफिक कंट्रोल डिपार्टमेंट मुंबई शहर में सड़क दुर्घटना के खतरों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यशस्वी यादव ने मुंबईकरों से अपील करते हुए कहा कि “हम मुंबई के लोगों से सुरक्षित ड्राइव करने का आग्रह करते हैं। हमेशा अपने हेलमेट और सीट बेल्ट पहनें, और कभी भी ड्रिंक एंड ड्राइव ना करें”।

20 से 29 साल के उम्र वाले लोग सड़क दुर्घटनाओं के सबसे ज्यादा शिकार

जाहिर है कि मुंबई ट्रैफिक पुलिस के जवान लगातार धूप हो या फिर बारिश मुंबई के रास्तों पर तैनात रहकर अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इस बीच मुंबईकरों ने भी अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी का परिचय दिया है। यही कारण है कि मुंबई में रोड एक्सीडेंट के आकड़ों में कमी आयी है। आकड़े ये भी चौंकाने वाले हैं कि मुंबई की सड़कों पर हुए एक्सीडेंट में सबसे ज्यादा प्रभावित पैदल चलने वाले, साइकिल और मोटर साइकिल सवार ही होते हैं। ये भी सच्चाई है कि साल 2015 से पैदल चलने वाले के एक्सीडेंट में 40 फीसदी की गिरावट आयी है। 20 साल से लेकर 29 साल के उम्र वाले इन दुर्घटनाओं के सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने सड़क दुर्घटना में हुई मौतों पर साल 2020 की भी रिपोर्ट जारी की है। जनवरी से लेकर अगस्त 2020 तक की अवधि में शहर में कुल 172 मौतें दर्ज की गईं। इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि COVID-19 महामारी में सबसे कम सड़क दुर्घटनाएं हुई। क्योंकि लॉकडाउन को बड़ी ही कड़ाई से मुंबई पुलिस ने प्रभावी बनाया था। लेकिन जैसे धीरे-धीरे लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील हुई फिर से सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है।

मुंबई में सड़क दुर्घटनाएं ना हो इसलिए सीएसआर के तहत हो रहें हैं प्रशिक्षण

कॉर्पोरेट कंपनीज भी अपने सीएसआर (CSR) के माध्यम से रोड सेफ्टी ड्राइव करती रहती हैं। ड्राइवरों को प्रशिक्षण देना, उनके हेल्थ चेकअप्स जैसे सामाजिक काम कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (Corporate Social Responsibility) के जरिये किया जाता रहा है। वहीं मुंबई पुलिस इन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की हर संभव कोशिश करती है। लेकिन ये तब तक संभव नहीं हो पायेगा जब तक आम जन मानस का सहयोग नहीं होगा।