Home हिन्दी फ़ोरम मुंबई एयरपोर्ट बना भारत का पहला सस्टेनेबल एयरपोर्ट

मुंबई एयरपोर्ट बना भारत का पहला सस्टेनेबल एयरपोर्ट

190
0
SHARE
मुंबई एयरपोर्ट बना भारत का पहला 100 फीसदी सस्टेनेबल एयरपोर्ट
 
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से 100 फीसदी सस्टेनेबल एयरपोर्ट बन गया है। Mumbai Airport भारत का ऐसा पहला एयरपोर्ट है जो अपनी ऊर्जा खपत की जरूरतों के लिए पूरी तरह से हरित स्रोतों में बदल गया है। Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport (CSMIA) भारत में पहली ऐसी हाइब्रिड तकनीक लॉन्च की है जो पूरी तरह से हरित ऊर्जा पर चलती है। Sustainable Airport पर CSMIA द्वारा की गई ये पहल एयरपोर्ट के प्रयासों का हिस्सा है जो इसके कार्बन फुटप्रिंट को कम करता है और ‘नेट ज़ीरो’ की ओर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाता है।
कुल 100 फीसदी जरूरतों में से मुंबई एयरपोर्ट की बिजली की आवश्यकता का लगभग 5 फीसदी अपने ऑन साइट सौर उत्पादन (Solar Energy Generation) के माध्यम से और बाकी 95 फीसदी अन्य हरित स्रोतों (Green Energy Resources) जैसे Hydro और Wind Energy से खरीदता है। शुरू में 1.06 मेगावाट रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया उसके बाद एनर्जी जनरेशन की क्षमता 4.66 मेगावाट तक बढ़ाया।

Mumbai Airport को 2029 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन बनाने का लक्ष्य

CSMIA ने 2029 तक “शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन” (Net Zero Carbon Emission) हासिल करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। अप्रैल 2022 में, CSMIA ने हरित ऊर्जा की अपनी क्षमता के उपयोग को बढ़ाया और 2 Kwp टर्बो मिल से युक्त 10 Kwp हाइब्रिड सोलर मिल को तैनात किया और 36 किलोवाट/दिन की अनुमानित न्यूनतम ऊर्जा उत्पादन के साथ 8 किलोवाट सौर पीवी मॉड्यूल बनाया। यह अपनी तरह का पहला, पूरी तरह से एकीकृत, हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा उत्पाद है, जो बिजली पैदा करने के लिए संयुक्त रूप से सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग करता है।

मुंबई एयरपोर्ट पर एक लाख टन से ज्यादा Carbon Emission में कमी

अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के लिए यह हरित संक्रमण हर साल लगभग 1 लाख 20 हजार टन CO2 समकक्ष (tCO 2 e) की कमी सुनिश्चित करता है। इस प्रकार साल 2029 तक CSMIA के नेट ज़ीरो के लक्ष्य के करीब होता जा रहा है। पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक जैसे स्तंभों को मजबूत करने में विश्व स्तर पर विमानन क्षेत्र की बहुत बड़ी भूमिका है। ऐसे में मुंबई एयरपोर्ट की ये पहल अन्य एयरपोर्ट को भी Net Zero Carbon Emission के लिए प्रेरित करेगा।