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February 1, 2026

MMR नगर निगम चुनाव के करोड़पति उम्मीदवार- राजनीति में रियल एस्टेट और कारोबारियों का बढ़ता दबदबा! 

The CSR Journal Magazine

 

कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई और पनवेल में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में 100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले कई उम्मीदवार मैदान में, हलफनामों ने खोली संपन्नता की तस्वीर !

MMR की राजनीति में धनपतियों का बढ़ता दबदबा

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए चुनावी हलफनामों ने स्थानीय राजनीति की आर्थिक तस्वीर को साफ़ कर दिया है। कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई और पनवेल नगर निगम क्षेत्रों में लगभग सभी प्रमुख दलों से बड़ी संख्या में करोड़पति उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। कई प्रत्याशियों ने 100 करोड़ रुपये से भी अधिक की संपत्ति घोषित की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शहरी स्थानीय निकायों की राजनीति में अब धन, रियल एस्टेट और बड़े कारोबारियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC): रियल एस्टेट का वर्चस्व

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम क्षेत्र में इस बार संपन्न उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक चर्चा में है। उपलब्ध हलफनामों के विश्लेषण से पता चलता है कि यहां आधे से ज्यादा उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि 1 करोड़ रुपये से कम संपत्ति वाले प्रत्याशी गिनती के ही हैं।

सबसे अमीर उम्मीदवार: रविंद्र पाटिल (शिवसेना)

डोंबिवली के वार्ड नंबर 29 से शिवसेना उम्मीदवार रविंद्र पाटिल ने कुल 182.56 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वे इस चुनाव में KDMC के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। वर्ष 2015 के नगर निगम चुनाव में उनकी घोषित संपत्ति करीब 95 करोड़ रुपये थी, यानी पिछले लगभग एक दशक में उनकी संपत्ति में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। उनकी अधिकांश संपत्ति रियल एस्टेट और उससे जुड़े व्यवसायों से जुड़ी बताई जा रही है।

दूसरे स्थान पर: शालिनी सुनील वायले (शिवसेना)

कल्याण पश्चिम के वार्ड नंबर 2 से चुनाव लड़ रहीं शालिनी सुनील वायले ने 140.77 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। पिछले चुनाव में उनकी संपत्ति करीब 105 करोड़ रुपये थी, जिसमें अधिकतर हिस्सा पैतृक अचल संपत्ति का था। इस बार उनके कुल नेटवर्थ में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

तीसरे स्थान पर: सरोज राय

व्यवसायी और पूर्व भाजपा नगरसेवक मनोज राय की पत्नी सरोज राय ने संयुक्त पारिवारिक संपत्ति के रूप में 122 करोड़ रुपये घोषित किए हैं। उनकी संपत्ति में आवासीय और व्यावसायिक रियल एस्टेट, निवेश और अन्य व्यावसायिक परिसंपत्तियां शामिल हैं।

नवी मुंबई नगर निगम (NMMC): हर दूसरा उम्मीदवार करोड़पति

नवी मुंबई नगर निगम क्षेत्र में कुल 499 उम्मीदवारों में से 226 उम्मीदवार करोड़पति हैं। यह आंकड़ा बताता है कि नवी मुंबई की राजनीति में धन की भूमिका कितनी अहम हो चुकी है।

सबसे अमीर उम्मीदवार: संतोष शेट्टी (कांग्रेस)

नेरुल से कांग्रेस उम्मीदवार संतोष शेट्टी ने 100 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वे परिवहन व्यवसाय से जुड़े हैं और उनके पास 51 स्कूल बसों का बेड़ा है।

अन्य प्रमुख संपन्न उम्मीदवार

• किशोर पाटकर (शिवसेना, नवी मुंबई प्रमुख): 93 करोड़ रुपये, रियल एस्टेट व्यवसाय!
• गावते परिवार (दीघा): नवीन, अपर्णा और दीपा, तीनों मिलाकर 306 करोड़ रुपये की संयुक्त संपत्ति!
• रविंद्र इठापे (भाजपा, नेरुल): 75 करोड़ रुपये!
• नामदेव भगत (शिवसेना): 56 करोड़ रुपये!
• मंदाकिनी म्हात्रे (शिवसेना): 44 करोड़ रुपये!
• नेत्रा शिर्के (भाजपा): 37 करोड़ रुपये!
• सुरेश शेट्टी (भाजपा): 25 करोड़ रुपये!
• एम. के. माधवी (शिवसेना): 24 करोड़ रुपये!इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नवी मुंबई में व्यापार, परिवहन और रियल एस्टेट से जुड़े उम्मीदवार सबसे अधिक आर्थिक रूप से मजबूत हैं।

पनवेल नगर निगम (PCMC): भाजपा के संपन्न चेहरे आगे

पनवेल नगर निगम क्षेत्र में भी करोड़पति उम्मीदवारों की कोई कमी नहीं है, खासकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में।
प्रमुख उम्मीदवार
• इक़बाल काज़ी (भाजपा): 171 करोड़ रुपये की संपत्ति!
• मधु पाटिल (भाजपा, खारघर): 140 करोड़ रुपये से अधिक!
अन्य भाजपा उम्मीदवार-
• चंद्रकांत सोनी
• संतोष शेट्टी
• दशरथ म्हात्रे
• ममता म्हात्रे
• कलंबोली से एक अन्य उम्मीदवार, इन सभी ने 18 करोड़ से 44 करोड़ रुपये के बीच की संपत्ति घोषित की है।
PWP पार्टी के उम्मीदवार
• अरविंद म्हात्रे: 37.88 करोड़ रुपये,
• दिलीप कदम: 10.45 करोड़ रुपये!

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR): एक विस्तृत परिचय

मुंबई महानगर क्षेत्र (Mumbai Metropolitan Region – MMR) भारत के सबसे बड़े, सबसे घनी आबादी वाले और आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र केवल मुंबई शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके आसपास विकसित हुए कई बड़े शहरों, उपनगरों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलाकर बना है।

MMR क्या है?

MMR एक विशाल शहरी-आर्थिक क्षेत्र है, जिसे Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) के अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है। इसका उद्देश्य मुंबई पर बढ़ते जनसंख्या और बुनियादी ढांचे के दबाव को कम करना तथा आसपास के क्षेत्रों को संतुलित विकास देना है।

MMR का भौगोलिक विस्तार

• कुल क्षेत्रफल: लगभग 6,355 वर्ग किलोमीटर,
• जनसंख्या: करीब 2.6–3 करोड़ (अनुमानित),
• राज्य: महाराष्ट्र!
MMR में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं-
• मुंबई शहर और उपनगर (मुंबई सिटी व मुंबई उपनगर जिला)
• ठाणे
• पालघर
• वसई-विरार
• कल्याण-डोंबिवली
• उल्हासनगर
• भिवंडी-निजामपुर
• नवी मुंबई
• पनवेल
• अंबरनाथ, बदलापुर, मीरा-भायंदर

प्रशासनिक संरचना

MMR का नियोजन और विकास MMRDA करता है, जबकि स्थानीय प्रशासन के लिए विभिन्न नगर निगम और नगर परिषदें कार्यरत हैं, जैसे-
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC),
• ठाणे नगर निगम (TMC),
• कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC),
• नवी मुंबई नगर निगम (NMMC),
• मीरा-भायंदर नगर निगम,
• वसई-विरार नगर निगम,
• पनवेल नगर निगम!

आर्थिक महत्व

MMR को भारत की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है।
• देश के GDP का बड़ा हिस्सा यहीं से आता है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) यहीं स्थित हैं।
• बैंकिंग, वित्त, आईटी, मीडिया, फिल्म उद्योग (बॉलीवुड), बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र!
नवी मुंबई, ठाणे और पनवेल जैसे क्षेत्रों में आईटी पार्क, औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब तेज़ी से विकसित हो रहे हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी

MMR देश का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क रखता है-
• लोकल ट्रेन नेटवर्क (मध्य, पश्चिमी और हार्बर लाइन),
• मुंबई मेट्रो (विभिन्न चरणों में),
मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (Atal Setu),
एक्सप्रेसवे: मुंबई–पुणे, मुंबई–नागपुर समृद्धि महामार्ग (कनेक्टिविटी),
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (निर्माणाधीन/विकासाधीन),
• जेएनपीटी पोर्ट – भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह!

MMR में शहरी चुनौतियां

तेज़ विकास के साथ कई चुनौतियां भी हैं-
• अत्यधिक जनसंख्या घनत्व,
• आवास संकट और ऊंची संपत्ति कीमतें,
• यातायात जाम और प्रदूषण,
• जल आपूर्ति, सीवरेज और कचरा प्रबंधन पर दबाव,
• सामाजिक और आर्थिक असमानता!

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

MMR की नगर निगम राजनीति पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा देती है। यहां के नगर निकाय बजट कई राज्यों से भी बड़े होते हैं। रियल एस्टेट, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले राज्य स्तर की नीतियों को प्रभावित करते हैं। इसी कारण MMR के नगर निगम चुनावों में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या अधिक देखी जाती है

स्थानीय राजनीति और धन का बढ़ता रिश्ता

मुंबई महानगर क्षेत्र केवल एक शहर समूह नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक धड़कन है। यहां होने वाला हर विकास, निवेश और चुनावी फैसला न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की शहरी दिशा तय करता है। MMR का संतुलित और समावेशी विकास भारत के भविष्य के शहरी मॉडल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। MMR के इन नगर निगम चुनावों ने यह साफ़ कर दिया है कि शहरी स्थानीय निकायों की राजनीति अब केवल जनसेवा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें रियल एस्टेट, परिवहन और बड़े व्यापारिक हितों की मजबूत मौजूदगी है। करोड़ों और अरबों की संपत्ति वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या आम नागरिकों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व इस दौड़ में पीछे छूटता जा रहा है। आने वाले चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि मतदाता धनबल से अधिक किसे प्राथमिकता देते हैं- दौलत को या जनसेवा के दावे को !
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