IIT Kanpur: महामंत्र जाप से छात्रों में आया सकारात्मक बदलाव, शोध में हुआ खुलासा

The CSR Journal Magazine
आईआईटी कानपुर में हाल ही में एक दिलचस्प शोध किया गया, जिसमें 28 छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। ये छात्र पहले कभी मंत्र जाप नहीं करते थे। शोध का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि लगातार आठ हफ्ते तक महामंत्र का जाप करने से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।

महामंत्र जाप का महत्व

छात्रों के लिए पढ़ाई का दबाव और परीक्षाओं की चिंता एक आम समस्या है। ऐसे में मन को शांत रखना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस शोध में छात्रों ने ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ महामंत्र का जाप किया। शोधकर्ताओं ने ईईजी और हार्ट रेट वैरिएबिलिटी टेस्ट के माध्यम से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में आए बदलावों का अध्ययन किया।

शोध की प्रक्रिया

शोध का नेतृत्व प्रो. बृजभूषण ने किया। पहले चरण में सभी छात्रों का ईईजी परीक्षण किया गया, जिससे मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों का आकलन किया गया। इसके बाद हार्ट रेट वैरिएबिलिटी टेस्ट किया गया, जिससे हृदय की धड़कनों में होने वाले बदलावों को समझा गया। ये परीक्षण तनाव और आराम की स्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं।

महामंत्र जाप के बाद के परिणाम

छात्रों ने आठ सप्ताह तक नियमित रूप से महामंत्र का जाप किया। इसके बाद फिर से ईईजी और हार्ट रेट वैरिएबिलिटी टेस्ट किए गए। परिणामों में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला। प्रो. बृजभूषण ने कहा कि नियमित मंत्र जाप से मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

तनाव और आराम की प्रक्रिया

प्रो. बृजभूषण ने बताया कि शरीर में स्वायत्त तंत्रिका तंत्र की दो शाखाएं होती हैं: सिम्पेथेटिक और पैरासिम्पेथेटिक। सिम्पेथेटिक सिस्टम तनाव के समय सक्रिय होता है, जबकि पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम आराम की स्थिति में मदद करता है। हार्ट रेट वैरिएबिलिटी टेस्ट इन प्रणालियों की गतिविधियों को समझने में मदद करता है।

आध्यात्मिकता और विज्ञान का संगम

आईआईटी कानपुर का यह शोध पारंपरिक मंत्र जाप और आधुनिक वैज्ञानिक परीक्षणों के बीच संबंध को समझने का प्रयास है। शोध के परिणाम मानसिक तनाव और शरीर की प्रतिक्रिया के बारे में आगे के अध्ययन का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। हालाँकि, अध्ययन में केवल 28 छात्रों को शामिल किया गया था, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि मंत्र जाप का प्रभाव हर किसी पर समान होगा।

भविष्य के लिए संभावनाएं

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पढ़ाई और प्रतिस्पर्धा के दबाव के बीच, मंत्र जाप, ध्यान और योग जैसे अभ्यासों का वैज्ञानिक आकलन यह समझने में मदद कर सकता है कि तनाव प्रबंधन के लिए कौन-से तरीके अधिक प्रभावी हैं। इस अध्ययन ने यह स्पष्ट किया है कि मानसिक शांति के लिए नियमित अभ्यास कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। इस शोध ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक नई दिशा दिखाई है। अब यह देखना होगा कि क्या अन्य संस्थान भी इस तरह के अध्ययन करेंगे और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाएंगे।

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