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जल संरक्षण में महाराष्ट्र अव्वल, जलयुक्त शिवार को मिली सफलता

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जल संरक्षण के मामले में महाराष्ट्र अव्वल है। Water Conservation में देश के अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र नंबर 1 स्टेट बन कर उभरा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने भारत में जलाशयों की गणना पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की है। जिसमें महाराष्ट्र को देश में पहले स्थान पर रखा गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के लोगों को बधाई देते हुए ख़ुशी जाहिर की है।

जल संरक्षण पर महाराष्ट्र अव्वल, सीएम ने कही ये बात

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस रिपोर्ट की जानकारी देते हुए The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय (Jal Shakti Mantralay) ने भारत में जलाशयों की गणना पर पहली रिपोर्ट की घोषणा की है और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारा महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर रहा है। महाराष्ट्र के लिए ये अभिमान का क्षण है। आगे चलकर राज्य में पानी का संकट सामने नहीं आए, इसके लिए राज्य की महायुति की सरकार कटिबद्ध है।

जल संरक्षण पर महाराष्ट्र डीसीएम ने जलयुक्त शिवार को बताया बड़ी सफलता

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis Jalyukta Shivar) ने इस सफलता का श्रेय जलयुक्त शिवार योजना को दिया है। The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने भारत के जलाशयों की गणना से जुड़ी पहली रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अपना महाराष्ट्र नंबर वन पर आया है। यह बताते हुए मुझे बेहद खुशी महसूस हो रही है कि जलयुक्त शिवार योजना की वजह से यह संभव हो पाया है। साल 2018-19 में यह गणना की गई थी। उसकी रिपोर्ट अब आई है।

Water Conservation को लेकर क्या है जलयुक्त शिवार अभियान

ज्यादातर जल भंडारों को जल संरक्षण योजना के अंतर्गत लाया गया है। साथ ही सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जलयुक्त शिवार 2.0 अभियान को भी सफल बनाने का आह्वान किया है। महाराष्ट्र सरकार ने साल 2016 में 2019 तक महाराष्ट्र को सूखा मुक्त राज्य बनाने के लिए “जलयुक्त शिवार अभियान” परियोजना की शुरुआत की थी। इस परियोजना में नदियों को गहरा और चौड़ा करना, सीमेंट और मिट्टी के स्टॉप डैम का निर्माण, नालों पर काम करना और खेत के तालाबों की खुदाई करना शामिल था। इस परियोजना का लक्ष्य हर साल 5000 गांवों को पानी की कमी से मुक्त करना रहा लेकिन देवेंद्र सरकार के गिरने के बाद ये योजना सवालों के घेरे में आ गया और जब फिर से एकनाथ-देवेंद्र सरकार आयी है तब  जलयुक्त शिवार 2.0 अभियान की फिर से शुरुआत हुई है।

जल संरक्षण को लेकर इस जिलाधिकारी की ये पहल है सराहनीय

महाराष्ट्र का वर्धा मराठवाड़ा का सूखा जिला है, पानी की कमी यहां के लोग अरसे से झेल रहे है। वर्धा जिले के जिलाधिकारी राहुल कर्डिले की जल संरक्षण को लेकर एक फैसले पर इनकी खूब तारीफ हो रही है। दरअसल जिलाधिकारी राहुल कर्डिले ने Water Conservation को लेकर एक पहल की है जिसके अंतर्गत जिले के जितने भी सरकारी इमारतें है उनमें Rail Water Harvesting किया जायेगा। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की वजह से बारिश की एक भी बूंद बर्बाद नहीं होगी।