वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में देश की रेल तस्वीर बदलने वाली ऐतिहासिक घोषणा की, बड़े शहरों से लेकर ‘चिकन नेक’ तक तेज़ कनेक्टिविटी का रोडमैप तैयार!
Budget 2026 में वित्त मंत्री ने प्रस्तावित किए 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की रेल व्यवस्था को नई ऊंचाई देने का बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए देशभर में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-Speed Rail Corridors) विकसित करने की घोषणा की। इन कॉरिडोरों का उद्देश्य बड़े आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्रों को तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल रेल नेटवर्क से जोड़ना है। इन घोषणाओं में सबसे अधिक चर्चा वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, इस रूट पर हाई-स्पीड ट्रेन चलने के बाद वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर मात्र लगभग 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में यही यात्रा 15 से 18 घंटे तक लेती है।
क्या है 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना?
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि ये 7 कॉरिडोर “Growth Connectors” के रूप में काम करेंगे। यानी ये केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार, निवेश और क्षेत्रीय संतुलन को भी गति देंगे। सरकार का मानना है कि हाई-स्पीड रेल से-
• यात्रा समय में भारी कमी आएगी,
• सड़क और हवाई यातायात पर दबाव घटेगा,
• ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी होगी,
• शहरों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: पूरी सूची
1. मुंबई – पुणे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- महाराष्ट्र के दो बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाला यह रूट उद्योग, आईटी और स्टार्ट-अप सेक्टर के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। रोज़ाना लाखों यात्रियों को इससे लाभ मिलेगा।
2. पुणे – हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर– यह कॉरिडोर पश्चिम और दक्षिण भारत के औद्योगिक शहरों को सीधे जोड़ेगा। इससे व्यापारिक आवाजाही और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
3. हैदराबाद – बेंगलुरु हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर– देश के दो बड़े टेक-हब्स को जोड़ने वाला यह मार्ग आईटी, स्टार्ट-अप और कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए बेहद अहम होगा।
4. हैदराबाद – चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- तेलंगाना और तमिलनाडु के बीच तेज़ कनेक्टिविटी से शिक्षा, व्यापार और बंदरगाह आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा।
5. चेन्नई – बेंगलुरु हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- दक्षिण भारत के मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब्स को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर पहले से ही काफी चर्चा में रहा है।
6. दिल्ली – वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर– राष्ट्रीय राजधानी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र से जोड़ने वाला यह रूट पर्यटन और तीर्थ यात्रा को नई गति देगा।
7. वाराणसी – सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर– यह कॉरिडोर रणनीतिक और भौगोलिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) से होकर पूर्वोत्तर भारत को जोड़ता है।
वाराणसी-सिलीगुड़ी: ‘चिकन नेक’ तक बुलेट रफ्तार
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