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ख़ुशख़बरी – कोरोना टेस्ट के लिए मेड इन इंडिया का देसी किट तैयार, अब सस्ते में होगा कोरोना टेस्ट

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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और 21 दिनों के लिए जारी लॉक डाउन के बीच पुणे से देश के लिए एक अच्छी ख़बर आई है। भारत में अभी तक कोरोनावायरस के टेस्ट के लिए विदेशी किट का इस्तेमाल हो रहा था। जो काफी महंगी भी थी, ऊपर से जरूरत के हिसाब से मौजूद भी नहीं हो पा रही थी। लेकिन पुणे की मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने मेड इन इंडिया के तहत एकदम सस्ती किट तैयार कर ली है। इस देसी कमाल को देखते हुए सरकार ने भी तेजी दिखाई और किट के उत्पादन को भी सरकारी मंजूरी दे दी है। अब इस स्वदेशी किट से ही कोरोना का टेस्ट संभव हो सकेगा। इस बड़ी उपलब्धी पर The CSR Journal ने एक्सक्लूसिव बातचीत की मायलैब डिस्कवरी सोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड के एडवाइजर और कॉर्पोरेट स्ट्रेटेजी के मेंटर सुजीत जैन से।

बहुत स्वागत है The CSR Journal में, आज के इस संकट की घड़ी में जब कोरोना वायरस लगातार पैर पसार रहा है, संक्रमण और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है वहीं मायलैब डिस्कवरी सोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड ने एक बड़ी उपलब्धी हासिल की है, कैसे ये संभव हो पाया कोरोना का देसी टेस्ट किट ?

सबसे पहले The CSR Journal का बहुत-बहुत शुक्रिया कि मुझे ये मौक़ा दिया। वाकई में देश एक संकट से गुजर रहा है, इस संकट के दौरान हम सबको एकजुट होकर इससे उबरना होगा, भारत सरकार और राज्य सरकारें जो भी दिशा निर्देश देती है उसे बतौर नागरिक हमें मानना ही चाहिए, इस संकट की घड़ी में ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि ही है कि हम ये कोरोना को टेस्ट करने के लिए स्वदेशी किट तैयार कर पाए है। इसके लिए हम केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार के आभारी है, मायलैब डिस्कवरी सोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड एक स्टार्ट अप है और इस कंपनी की शुरवात 2013 में हुई थी, इस कंपनी में काम करनेवाले सभी वैज्ञानिक बड़े बड़े मल्टी नेशनल कंपनियों में काम कर चुके है, पिछले सात सालों में हम लगातार रिसर्च करते आ रहे है, कड़ी मेहनत कर रहे है शायद यही कारण है कि आज हम भारत में पहली कंपनी बन पाए है जो कोरोना को लेकर ये किट 100 फीसदी सही रिजल्ट दे पा रही है।

कोरोना वायरस टेस्टिंग किट पूर्ण रूप से स्वदेशी है, भारत द्वारा भारत में निर्मित है ?

बिलकुल ये किट पूरी तरह से भारत में ही निर्मित हुई है, पूरी तरह से स्वदेशी है, मेक इन इंडिया के तहत बनी है, इस किट को बनाने का रिसर्च भी इंडिया में हुआ है और बनाया भी भारत में जा रहा है।

मायलैब डिस्कवरी सोल्युशंस ने कितने दिनों की मेहनत के बाद ये कारनामा कर दिखाया ?

मैं बताना चाहता हूँ कि कोरोनावायरस टेस्टिंग किट महज 19 दिनों के भीतर बनकर तैयार हुआ है, ये एक रेकॉर्ड ही है, मायलैब का मॉलिक्युलर बायोलॉजी में वर्चस्व है, हमारी काफी हाइली एक्सपीरियंस टीम है, कोरोनावायरस जब से आया है तब से लेकर हमारी टीम इसपर रिसर्च कर रही थी, कोरोना को लेकर हम क्या कर सकते है इसको लेकर हम लोग काफी मंथन कर रहे थे, जब भी इस तरह से संक्रमण फैलता है, वायरस फैलता है तो हम डिटेल्ड स्टडी करते है और यही कारण है कि कम समय में हम महज 19 दिनों के भीतर ही कोरोना टेस्टिंग किट को निजात कर पाए। जिसका रिजल्ट सौ फीसदी है। साथ ही ये भी बताना चाहूंगा कि ये किट किसी भी RTPCR मशीन पर काम करेगी। कंपनी ने इसका पूरा ख्याल रखा है कि ये किट किसी ख़ास मशीन नहीं बल्कि यूनिवर्सल RTPCR मशीनों पर चल सकें।

ये कोरोना टेस्ट किट मार्किट में कब तक उपलब्ध हो पायेगा ?

ये हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि जब देश को कोरोना किट की सबसे ज्यादा जरूरत है तब हम ये प्रोवाइड करा पा रहे है, ये किट आज से कमर्शियली मार्किट में लांच हुई है और आज से ही बड़े पैमाने पर इसकी डिमांड होने लगी है। ICMR और प्राइवेट लैब को मिलाकर अब तक हमारे पास 5 लाख किट के ऑर्डर मिल चुके हैं और लगातार पूरे भारत से इस किट के लिए कॉल आ रहे हैं। महाराष्ट्र हो या आंध्र, गुजरात, गोवा हो या नॉर्थ ईस्ट, हर जगह से फ़ोन आ रहे है, इतना ही नहीं विदेशों से भी कॉल आ रहे है। अमेरिका यूरोप से भी कॉल आ रहे है।

जब इतने बड़े पैमाने पर इस किट के लिए कॉल आ रहे है तो आप लोग सप्लाई कैसे कर पाएंगे ?

हम बहुत ज्यादा प्रेशर में है, हमें अपने देश भारत में ज्यादा से ज्यादा किट मुहैया करना है ताकि देश और राज्य सरकारों की हम मदद कर सकें और बड़े पैमाने पर कोरोना का टेस्ट हो सके। कुछ दिक्कतें हो रही है जैसे आर्थिक दिक्कतें जिसपर हम काम कर रहें है और ये दिक्कतें खत्म भी हो रहीं है, आज के इस दौर में हम एक दिन में 10 हज़ार किट बना पा रहें है। सोमवार या मंगलवार से हमारा प्रोडक्शन 1 लाख तक हो जायेगा यानि एक दिन में हम 1 लाख किट तैयार कर पाएंगे। जिस तरह से देश में इसकी डिमांड है अब हमारा लक्ष्य 5 लाख किट तैयार करने की है।

इस किट को बनाने के लिए आपने बताया कि आर्थिक दिक्कत हो रही है, इस मामले में क्या सरकार कोई मदद कर रही है आपकी ?

जी बिलकुल, हमने हमारी दिक्कत भारत सरकार के समक्ष रखी है और वो हमें ग्रांट देने की बात कर रहे है। जैसे जैसे आर्डर करेंगे हमें आर्थिक मदद देतें रहेंगे। हम भारत सरकार के शुक्रगुजार है कि उन्होंने हमें किट बनाने के लिए लायसेंस दिया। इस तरह की किट बनाने के लिए फैसिलिटी रहनी चाहिए, डेढ़ साल तक लग जाते है इस तरह का इंफ़्रा को तैयार करने में लेकिन हमारी तैयारी पहले से ही थी और फिर जाकर हमें ये लायसेंस मिला। महाराष्ट्र सरकार ने ये किट की टेस्टिंग कस्तूरबा में भी किया, हर पहलु को देखने के बाद हमें सरकार ने किट की मंजूरी दी।

ये किट रिजल्ट कैसे बताता है, क्या अवधि रहती है, कितने समय के बाद रिपोर्ट आता है और इसकी अकुरसी कितनी होती है ?

भारत सरकार ने अपने लाइसेंस में कहा है कि इसकी अकुरसी 100 फीसदी होती है, जो पहले से ही मार्किट में किट मौजूद थे वो 8 घंटों में रिजल्ट बताते थे लेकिन ये स्वदेशी किट ढाई घंटों में ही रिजल्ट बता देता है, पहले स्क्रीनिंग और फिर कन्फर्मेशन ये दो प्रोसेस होते थे लेकिन हमने इसे दोनों कंबाइंड किया और ढाई घंटों में आपको पता चल जायेगा कि आपको कोरोना है या नहीं, इससे लैब की भी क्षमता बढ़ेगी और जल्दी टेस्ट भी हो पायेगा और इलाज भी जल्दी संभव हो पायेगा।

सबसे अहम सवाल, हर भारतीय जानना चाहता है कि इस कोरोनावायरस टेस्ट किट की क्या कीमत है ?

ये हमारे लिए फक्र की बात है कि ये किट बेहद सस्ती है, एक सैंपल किट की कीमत महज 1200 रुपये है, ये कुछ कीमत को लेकर कंफ्यूजन है जिसको मैं The CSR Journal के इस मंच पर क्लेरिफाई करना चाहता हूँ, एक सैंपल की कीमत 1200 है और एक सैंपल से एक व्यक्ति का ही टेस्टिंग हो पायेगा। फिलहाल इसकी कीमत 1200 है लेकिन जैसे ये बहुत बड़े पैमाने पर निर्मित होगा ये और भी कम हो सकता है।

चूँकि आप मायलैब के कॉर्पोरेट स्ट्रटेजिस्ट है ऐसे में आपसे समझना चाहेंगे कि क्या आपसे कॉर्पोरेट्स भी संपर्क में है ?

बिलकुल देश की बड़ी कॉर्पोरेट्स हमारे इस कोरोना टेस्टिंग किट के लिए आर्डर कर रही है, जांच पड़ताल कर रही है, ये कंपनियां अपने सीएसआर फंड का इस्तेमाल कर ये किट ख़रीददकर सरकार को मुहैया कराएंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना की चपेट में आने से बचाया जा सके, इंडिया आयल और पेटीएम जैसे कॉर्पोरेट्स हमसे संपर्क में है।

CSR यानि Corporate Social Responsibility की बात चली है तो आपसे जानना चाहते है कि कोरोना से लड़ने के लिए सीएसआर को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है, सरकार के इस फैसले को आप कैसे देखते है?

सरकार का सीएसआर को लेकर फैसला बेहद ही सराहनीय है, सरकार के आव्हान पर अगर कॉर्पोरेट्स सीएसआर फंड का इस्तेमाल इस महामारी से बचने के लिए कर रहे है इससे अच्छी बात नहीं हो सकती। देश में बड़े कॉर्पोरेट्स सरकार की मदद के लिए सामने आ रहें है, एक बात हमें समझना होगा कि इस बीमारी से बचने के लिए जल्द से जल्द ये पता लगना जरुरी होता है कि आप कोरोना पॉजिटिव है या नहीं। जितना ज्यादा टेस्टिंग होगा हम जल्दी ही इससे लड़ पाएंगे और सीएसआर इसमें मददगार साबित हो रहा है।

मायलैब का सीएसआर प्लान क्या है ?

हम अभी एक स्टार्ट अप है, अभी हम सीएसआर तो नहीं करते है लेकिन जरूर इसको लेकर हम प्लानिंग कर रहे है, हम आने वाले दिनों में रिमोट इलाकों में और जहाँ मेडिकल सुविधाएं पर्याप्त नहीं है वहां कई प्रकार के टेस्टिंग उपकरण देंगे ताकि हर गरीब से गरीब इंसान तक सही उपचार पहुंच सकें।