पश्चिम बंगाल चुनाव 2026- चुनाव आयोग ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था ताकि न हो 2021 जैसी हिंसा

The CSR Journal Magazine

पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। मतगणना के बाद भी लगभग 700 केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) कंपनियां तैनात रहेंगी। इनमें से 500 कंपनियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और 200 EVM/स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए कार्यरत रहेंगी। अगले कुछ दिनों में चुनाव होने की तैयारी चल रही है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनाव आयोग भी अपनी तैयारियों में व्यस्त है। आयोग ने यह निर्णय लिया है कि चुनाव खत्म होने के बाद भी सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।

ध्यान केवल कानून-व्यवस्था पर

पश्चिम बंगाल में अगले चुनाव में बड़ी संख्या में सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती होगी। 2021 में हुई हिंसा से सबक लेते हुए, चुनाव आयोग अब कोई भी चूक नहीं करना चाहता। इसके लिए ड्रोन और रोबोट जैसी नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए CRPF की 200, BSF की 150, CISF की 50, ITBP की 50 और SSB की 50 कंपनियों का समावेश होगा। आयोग को आशंका है कि मतदान के बाद प्रदेश में हिंसा होने की संभावना है, इसलिए यह तैयारियां समय से की जा रही हैं।

आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने कहा, “उम्मीद है कि ये 500 कंपनियां दो हफ्ते तक तैनात रहेंगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर इनका रुकना बढ़ाया भी जा सकता है।” केंद्रीय बल निगरानी के लिए विभिन्न गैजेट्स का उपयोग करेंगे। चुनावों के दौरान 2 लाख वेबकैम का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा बल बॉडी कैमरे और 360-डिग्री कैमरों का इस्तेमाल कर स्थिति पर नजर रखेंगे। रोबोट कुत्ते कंट्रोल रूम में तस्वीरें भेजेंगे, जबकि ड्रोन गड़बड़ी करने वालों पर निगरानी रखेंगे।

पिछले चुनाव की भयावहता

चुनाव आयोग के अधिकारी चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को लेकर सतर्क हैं। 2021 में 1,300 से अधिक हिंसा के मामले सामने आए थे, जिनमें से 90% मामले 2 से 5 मई के बीच हुए थे। यह घटनाएं तब सामने आई थीं जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 मई, 2021 को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर थी। शिकायतों के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।

कड़ी सुरक्षा में होगा चुनाव

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय बलों की 480 कंपनियां पहले से ही बंगाल में मौजूद हैं। 31 मार्च तक, 300 और कंपनियां तैनात की जाएंगी, इनमें CRPF की 125 और BSF की 100 कंपनियां शामिल होंगी। 10 अप्रैल तक 600 और कंपनियां पहुंच जाएंगी। इसके अलावा, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की राज्य सशस्त्र पुलिस (SAP) से 300 अतिरिक्त कंपनियां भी आएंगी। यह सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि चुनाव शांतिपूर्ण रूप से हो सके।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos