Diwali Bonus: दिवाली से पहले तेलंगाना के कोयला खदान मजदूरों (Coal Mine Workers) के चेहरों पर खुशियां छा गईं। राज्य सरकार की सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) ने अपने 39,500 कर्मियों को ₹1.03 लाख का दिवाली बोनस (Diwali Bonus) देने का ऐलान किया है। यह राशि परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवॉर्ड (PLR) स्कीम के तहत दी गई है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने कुल ₹400 करोड़ रुपये का बोनस बांटा है। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमारका ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह बोनस उन मेहनती कोयला कर्मियों के लिए है जिन्होंने अपने परिश्रम से राज्य और देश का नाम रोशन किया है।
कर्मचारियों के बैंक खातों में पहुंचा बोनस
कंपनी के प्रबंध निदेशक एन. बलराम ने बताया कि शनिवार को सभी पात्र कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस राशि जमा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार की कर्मचारियों के कल्याण (Employee Welfare) के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अधिकारियों को नहीं मिलेगा Diwali Bonus
जारी आदेश के अनुसार, यह बोनस केवल मजदूरों के लिए है, अधिकारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जिन कर्मचारियों ने वित्त वर्ष 2024–25 में भूमिगत खदानों में कम से कम 190 दिन (Muster Days) या ओपन-कास्ट और सतही संचालन में 240 दिन पूरे किए हैं, उन्हें पूरे ₹1.03 लाख का बोनस दिया गया है।
खुशियों से भरे 40 हजार परिवार
जिन कर्मियों ने कम दिन काम किया है, उन्हें उनके कार्य दिवसों के अनुसार प्रो-राटा बोनस (Pro-Rata Bonus) मिलेगा। हालांकि, जिन कर्मचारियों पर अनुशासनहीनता, हिंसा या कंपनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं, उन्हें बोनस नहीं दिया जाएगा। एन. बलराम ने बताया कि इस पहल से करीब 40 हजार सिंगरेनी परिवारों (Singereni Families) में दिवाली की खुशियां पहुंचेंगी। उन्होंने कर्मियों से अपील की कि वे इस बोनस राशि का उपयोग अपने परिवार की जरूरतों या बचत योजनाओं में समझदारी से करें।
CSR और कर्मचारी कल्याण का उदाहरण
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी की यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR Initiative) और कर्मचारी कल्याण का बेहतरीन उदाहरण है। इससे न सिर्फ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि कंपनी की उत्पादकता और प्रदर्शन में भी सुधार आने की उम्मीद है। तेलंगाना सरकार और सिंगरेनी कंपनी का यह निर्णय उन हजारों कोयला मजदूरों के जीवन में नई रोशनी लेकर आया है, जो धरती के नीचे मेहनत करके देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं। इस दिवाली बोनस योजना (Diwali Bonus Scheme) ने साबित कर दिया कि जब सरकार और उद्योग साथ मिलकर काम करते हैं, तो त्योहार वाकई “सबके लिए खुशियों का पर्व” बन जाते हैं।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
Union Home Minister Amit Shah addressed concerns regarding illegal infiltration in Assam during a public meeting on Friday, attributing the issue to the extended...
The Supreme Court of India issued an unprecedented directive on Friday, mandating that judicial officers in West Bengal serve as Electoral Register Officers (ERO)...
As the Kumbh Mela approaches, scheduled to take place in Haridwar next year, the Mela administration is undertaking comprehensive preparations to ensure a smooth,...