Diva & Jeet Adani Wedding Anniversary: दिवा और जीत अदाणी ने दिव्यांग महिलाओं के साथ मनाई शादी की पहली सालगिरह, अदाणी मंगल सेवा से 500 महिलाओं को मिली आर्थिक सुरक्षा
10 लाख की एफडी से हर साल 500 दिव्यांग महिलाओं को स्थायी आय
Diva & Jeet Adani Celebrate First Wedding Anniversary with Divyang Women: अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के बेटे जीत अदाणी और बहू दिवा अदाणी ने अपनी शादी की पहली सालगिरह को सेवा और संवेदनशीलता के साथ मनाकर एक मिसाल पेश की। गुरुवार शाम अहमदाबाद के शांतिग्राम स्थित बेल्वेडियर क्लब में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘अदाणी मंगल सेवा’ (Adani Mangal Seva) के एक वर्ष पूरे होने का उत्सव दिव्यांग महिलाओं के साथ साझा किया। यह पहल विवाह से पहले 5 फरवरी 2025 को ली गई उस प्रतिज्ञा का परिणाम है, जिसके तहत हर साल दिव्यांग महिलाओं की दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी है।
सेवा से जुड़ा वैवाहिक संकल्प
जो पहल एक निजी संकल्प के रूप में शुरू हुई थी, वह आज एक सशक्त सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम बन चुकी है। अपने पहले ही वर्ष में ‘अदाणी मंगल सेवा’ ने 500 दिव्यांग महिलाओं को सहायता देने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को 10 लाख रुपये की सावधि जमा (FD) दी गई है, जिससे उन्हें सुनिश्चित मासिक आय और भविष्य की आर्थिक स्थिरता मिल सके।
दीर्घकालिक सुरक्षा का मॉडल
अदाणी मंगल सेवा के अंतर्गत 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग की दिव्यांग महिलाओं को चुना गया है, जिनके पास यूडीआईडी कार्ड है। चयन ‘यूथ फॉर जॉब्स’ प्रोजेक्ट के माध्यम से किया गया। यह योजना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से चलाई जा रही है, जिसमें 10 वर्षों बाद एफडी की मूल राशि लाभार्थी को मिल जाती है। इसका उद्देश्य एकमुश्त मदद के बजाय लंबे समय तक सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। इस पहल के लिए हर साल 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
‘सेवा ही साधना है’ की भावना
यह पहल अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित है और गौतम अदाणी के ‘सेवा ही साधना है’ के दर्शन से प्रेरित है। कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों और उनके परिवारों के चेहरों पर संतोष और सुरक्षा की झलक साफ दिखाई दी, जब उन्हें एफडी प्रमाणपत्र सौंपे गए। अहमदाबाद के नेत्रहीन संघ द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को भावुक और प्रेरणादायक बना दिया।
अदाणी परिवार की भावनाएं
इस अवसर पर गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह पहल उनके लिए गर्व और कृतज्ञता का विषय है, क्योंकि जब किसी बेटी के जीवन में आत्मविश्वास लौटता है, तो वही सच्ची समृद्धि होती है। अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि यह पहल केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि गरिमा, आशा और सशक्तिकरण की भावना है। वहीं जीत अदाणी ने इसे एक निरंतर जिम्मेदारी बताया, और दिवा अदाणी ने कहा कि सुरक्षा और गरिमा परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
एक साल, मजबूत संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘अदाणी मंगल सेवा’ पर आधारित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। पहले वर्ष की सफलता ने यह साबित कर दिया कि जब व्यक्तिगत खुशी को सामाजिक भलाई से जोड़ा जाता है, तो उसका प्रभाव दूर तक जाता है।
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