उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में 7 अप्रैल को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए आगरा में ₹6,466.37 करोड़ की लागत वाली 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने आगरा को ‘दूसरा नोएडा’ बनाने का विजन पेश किया, जिसका मुख्य केंद्र ‘ग्रेटर आगरा’ टाउनशिप होगी। उन्होंने 6,466.37 करोड़ रुपये की लागत वाली 325 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ये परियोजनाएं आगरा क्षेत्र को एक नए रूप में ढालने का वादा करती हैं। योगी ने ‘ग्रेटर आगरा’ टाउनशिप के विकास की योजनाओं को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी।
नवोदित परियोजनाओं का महत्व
सीएम योगी ने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी। विकास कार्यों में सड़कों, पार्कों और अन्य अवसंरचनाओं का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के जरिए आगरा को एक स्मार्ट शहर में परिवर्तित करने की योजना है, जो क्षेत्र की समग्र तरक्की की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दूसरा नोएडा बनने की संभावना
सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रेटर आगरा को ‘दूसरा नोएडा’ बनाने का सपना सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि एक वास्तविकता है। आगरा की ऐतिहासिकता और उनकी स्थायी संस्कृति को ध्यान में रखते हुए, यह टाउनशिप क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगी। इस योजना का उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली को अपनाना और उसकी बुनियाद को मजबूत करना है।
आगरा के रायपुर और रहनकलां क्षेत्र में बनेगा ग्रेटर आगरा
यह टाउनशिप आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा ₹5,142 करोड़ की अनुमानित लागत से 449.65 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जाएगी। इसे आगरा के रायपुर और रहनकलां क्षेत्रों में बसाया जाएगा। इस आधुनिक शहर में 10 सेक्टर (टाउनशिप) होंगे, जिनके नाम भारत की पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, और सिंधु के नाम पर रखे जाएंगे। यहाँ 10,000 से अधिक परिवारों के लिए बहुमंजिला फ्लैट, प्लॉट और सामूहिक आवास विकसित किए जाएंगे।
औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास
रोजगार के अवसर: सीएम योगी ने कहा कि ग्रेटर आगरा में बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
कनेक्टिविटी: शहर को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो के अगले चरणों और साल के अंत तक एक नए सिविल टर्मिनल (एयरपोर्ट) का काम पूरा करने का लक्ष्य है।
स्मार्ट और सुरक्षित शहर: इस योजना के तहत आधुनिक सड़कें, सीवरेज सिस्टम, ग्रीन स्पेस और अत्याधुनिक नागरिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे आगरा ‘स्मार्ट आगरा’ के साथ-साथ ‘सेफ आगरा’ के रूप में स्थापित होगा।
निवेशकों के लिए अवसर
योगी सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई नई योजनाएं पेश की हैं। ग्रेटर आगरा में औद्योगिक विकास के लिए सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे यहां नए व्यापार की स्थापना संभव होगी। यह कदम आगरा को तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। परियोजना को RERA (रेरा) की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। टाउनशिप में समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीबों और उद्यमियों के लिए समावेशी आवास सुनिश्चित किए गए हैं।
आवागमन में सुधार
इन विकास परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से आगरा की आवागमन सेवाओं में भी सुधार होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क और परिवहन सेवाओं का विकास किया जाएगा। इससे स्थानीय निवासियों को यात्रा में आसानी होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आगरा में पर्यटन को बढ़ावा देना, इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आगरा मेट्रो का काम बहुत तेज़ी से चल रहा है और शहर को आधुनिक कनेक्टिविटी देने के लिए इसे दो मुख्य कॉरिडोर में बाँटा गया है। वर्तमान में 6 किमी लंबे प्रायोरिटी स्ट्रेच (ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर स्टेशन तक) पर मेट्रो का संचालन पहले से ही हो रहा है। कॉरिडोर-1 (सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट): इस कॉरिडोर के शेष हिस्से का निर्माण अंतिम चरण में है और इसके जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार): यह पूरी तरह एलिवेटेड 15.4 किमी लंबा कॉरिडोर है। इसका ट्रायल रन जून 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरा कॉरिडोर जून 2027 तक तैयार होने की संभावना है। नए स्टेशन: मार्च 2026 में 5 नए स्टेशनों का उद्घाटन प्रस्तावित था, जो शहर के मुख्य हिस्सों को बस स्टैंड (ISBT) से जोड़ेंगे।
ग्रेटर आगरा टाउनशिप: प्लॉट बुकिंग और कीमतें
ग्रेटर आगरा टाउनशिप को ‘दूसरा नोएडा’ बनाने की दिशा में सीएम योगी ने 7 अप्रैल 2026 को शिलान्यास कर दिया है। शिलान्यास समारोह के लगभग एक महीने बाद (मई 2026 के आसपास) जनता के लिए आधिकारिक बुकिंग शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती प्लॉट की कीमत लगभग ₹33,000 प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है, जिसे आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। खबरों के अनुसार, नर्मदापुरम और गंगापुरम सेक्टरों को सबसे पहले लॉन्च किया जा सकता है।
स्थायी विकास की दिशा में कदम
सीएम योगी ने कहा कि इन परियोजनाओं में पारिस्थितिकी के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। ग्रेटर आगरा को एक पर्यावरण-अनुकूल और स्मार्ट शहर बनाना उनका लक्ष्य है। इससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
समुदाय का सहयोग
योगी सरकार ने स्थानीय समुदाय से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह विकास परियोजना केवल सरकार की नहीं, बल्कि सभी की साझी जिम्मेदारी है। स्थानीय निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी की आवाज सुनी जाए और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाए।
नए दौर की शुरुआत
सीएम योगी की यह घोषणा उत्तर प्रदेश के विकास में एक नई शुरुआत को दर्शाती है। ग्रेटर आगरा के निर्माण से न केवल शहरीकरण होगा, बल्कि यह क्षेत्र की राजधानी के विकास में भी मददगार साबित होगा। आगरा के नागरिक अब एक नई पहचान और अवसरों की दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं।
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