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January 21, 2026

बिजनेस क्लास यात्री को वीगन नाश्ते के नाम पर परोसा सिर्फ एक केला, एयरलाइन सेवा पर उठे सवाल!

The CSR Journal Magazine

 

जाकार्ता से टोक्यो की उड़ान पर यात्रा कर रहे एक बिजनेस-क्लास यात्री को वीगन नाश्ते के तौर पर परोसा गया सिर्फ एक केला और चॉपस्टिक्स! सोशल मीडिया और ट्रैवल कम्युनिटी में चर्चा का विषय एयरलाइंस की लापरवाही!

बिजनेस क्लास यात्री को वीगन नाश्ते में मिला सिर्फ एक केला, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में प्रीमियम सेवा और बेहतरीन खान-पान के दावों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जाकार्ता से टोक्यो जा रही जापान एयरलाइंस (JAL) की बिजनेस क्लास उड़ान में एक यात्री को वेगन नाश्ते के नाम पर सिर्फ एक केला और चॉपस्टिक्स परोसे जाने का मामला सामने आया है। यह घटना सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं और एयरलाइन की भोजन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।रिपोर्ट के अनुसार, बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे यात्री क्रिस चारी ने उड़ान से पहले ही विशेष रूप से वीगन मील (VGML) की मांग की थी। उड़ान के दौरान जब सुबह का नाश्ता परोसा गया, तो अन्य यात्रियों को सैलड, ब्रेड, चीज़ और सीयर्ड टूना जैसे संतुलित और आकर्षक व्यंजन मिले। वहीं वीगन यात्री की ट्रे में केवल एक पका हुआ केला रखा था, जिसे खाने के लिए चॉपस्टिक्स भी दिए गए थे।

यात्री ने जताई नाराज़गी

यात्री ने इसे न सिर्फ निराशाजनक बल्कि अपमानजनक अनुभव बताया। उनका कहना था कि बिजनेस क्लास टिकट की कीमत चुकाने के बाद वे एक संतुलित और पौष्टिक वीगन नाश्ते की उम्मीद कर रहे थे, जैसे वीगन सैंडविच, फ्रूट- सलाद, ब्रेड और स्प्रेड या कोई हल्का गरम व्यंजन ! लेकिन पूरे नाश्ते के रूप में सिर्फ एक केला दिया जाना उनकी उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत था।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

जैसे ही इस घटना की तस्वीरें और विवरण सोशल मीडिया पर सामने आए, यात्रियों और ट्रैवल एक्सपर्ट्स ने एयरलाइन की आलोचना शुरू कर दी। कई लोगों ने सवाल उठाया कि-
• क्या वीगन यात्रियों को गंभीरता से नहीं लिया जाता?
• क्या प्रीमियम क्लास में डाइटरी विकल्पों के साथ भेदभाव हो रहा है?
कुछ यूज़र्स ने इसे “Minimalism की हद” बताया तो कुछ ने इसे “Airline Negligence” करार दिया।

जापान एयरलाइंस की सफाई

मामला तूल पकड़ने के बाद जापान एयरलाइंस ने प्रतिक्रिया देते हुए स्वीकार किया कि इस उड़ान में परोसा गया वीगन नाश्ता यात्रियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। एयरलाइन की ओर से कहा गया कि वे यात्री के अनुभव के लिए क्षमा चाहते हैं और भविष्य में स्पेशल मील विकल्पों की गुणवत्ता और विविधता पर दोबारा विचार किया जाएगा। हालांकि, एयरलाइन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर वीगन नाश्ते के रूप में सिर्फ केला ही क्यों परोसा गया।

बिजनेस क्लास और वीगन यात्रियों का सवाल

यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि-
• यह मामला बिजनेस क्लास से जुड़ा है,
• आज वैश्विक स्तर पर वीगन यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है,
• कई एयरलाइंस अब वीगन और विशेष डाइट को अपनी प्रीमियम सेवा का अहम हिस्सा बना रही हैं। ऐसे में सिर्फ एक फल को पूरे भोजन के रूप में परोसना, एयरलाइन इंडस्ट्री में सेवा-स्तर पर एक बड़ी चूक मानी जा रही है।

एयरलाइंस में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर लापरवाही, सवालों के घेरे में उड़ान सेवाएं

हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों को परोसा जाने वाला भोजन केवल सुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सेवा-गुणवत्ता से जुड़ा एक गंभीर विषय है। हाल के दिनों में एयरलाइंस द्वारा यात्रियों को दिए जाने वाले भोजन को लेकर लापरवाही के कई मामले सामने आए हैं, जिनसे न केवल यात्रियों की नाराज़गी बढ़ी है बल्कि विमानन कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों से भोजन के लिए विशेष विकल्प पूछे जाते हैं, जैसे वीगन, जैन, डायबिटिक या ग्लूटेन-फ्री मील। इसके बावजूद कई बार यात्रियों को या तो अधूरा भोजन परोसा जाता है या फिर उनकी विशेष डाइट को गंभीरता से नहीं लिया जाता। जापान में बिजनेस क्लास यात्री को वीगन नाश्ते के नाम पर केवल एक केला परोसे जाने की घटना ने इस लापरवाही को उजागर कर दिया।

एयरलाइंस के लिए मील महज़ औपचारिकता?

यात्री संगठनों का कहना है कि प्रीमियम टिकट के बावजूद संतुलित और पौष्टिक भोजन न मिलना सेवा मानकों का उल्लंघन है। विमान में परोसा गया भोजन लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों की ऊर्जा और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा होता है। ऐसे में मात्रा, गुणवत्ता और विकल्पों में की गई लापरवाही यात्रियों के अनुभव को खराब करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइंस अक्सर स्पेशल मील को ‘औपचारिकता’ समझकर तैयार करती हैं, जबकि आज बड़ी संख्या में यात्री धार्मिक, स्वास्थ्य और जीवनशैली कारणों से इन भोजन विकल्पों पर निर्भर हैं। भोजन की सही योजना और प्रशिक्षण के अभाव में यह समस्या बार-बार सामने आ रही है।

एयरलाइंस में भोजन को लेकर बड़े सुधार की जरूरत

नागरिक उड्डयन से जुड़े जानकारों का कहना है कि एयरलाइंस को भोजन व्यवस्था पर सख्त आंतरिक  निगरानी, कैटरिंग ऑडिट और यात्रियों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो ऐसी घटनाएं एयरलाइंस की ब्रांड छवि और यात्रियों के भरोसे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जाकार्ता से टोक्यो की उड़ान में हुआ यह मामला एयरलाइंस की स्पेशल मील नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रीमियम टिकट के बावजूद वीगन यात्री को संतुलित भोजन न मिलना बताता है कि अभी भी विशेष डाइट को लेकर कई एयरलाइंस को अपनी तैयारियों में सुधार की ज़रूरत है। अब देखना होगा कि जापान एयरलाइंस इस आलोचना से क्या सबक लेती है और भविष्य में अपने यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए क्या कदम उठाती है।

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