एकनाथ शिंदे करेंगे सीधा संवाद, आरक्षण पर खुल सकती है गांठ
मुंबई में रहने वाले उत्तर भारतीय ओबीसी समाज के लिए 20 दिसंबर 2025 का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे इस दिन उत्तर भारतीय OBC समाज के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद करेंगे। यह बैठक ठाणे के टिप टॉप प्लाजा सभागृह में आयोजित की जाएगी, जिसे शिवसेना नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने बुलाया है। लंबे समय से OBC Status in Maharashtra को लेकर परेशान समाज को इस बैठक से बड़ी उम्मीदें हैं।
OBC Status of North Indian in Mumbai: ठाणे में क्यों बुलाई गई है यह अहम बैठक
इस संवाद बैठक का मकसद मुंबई और महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारतीय ओबीसी समाज की जमीनी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाना है। समाज के लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में उन्हें OBC का दर्जा मिलता है, लेकिन महाराष्ट्र में नियम-कानून इतने जटिल हैं कि यहां वही पहचान मान्य नहीं हो पाती। इसी वजह से शिक्षा, नौकरी और सरकारी योजनाओं में मिलने वाला OBC Reservation का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
OBC दर्जे और आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बैठक में एकनाथ शिंदे के सामने सबसे बड़ा मुद्दा महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों को OBC Status of North Indian in Mumbai देने का रहेगा। समाज के प्रतिनिधि बताएंगे कि कैसे दस्तावेज़, जाति प्रमाण पत्र और स्थानीय नियमों की वजह से हजारों परिवार आरक्षण से वंचित रह जाते हैं। OBC Reservation Maharashtra आज भी उत्तर भारतीय समाज के लिए एक बड़ी लड़ाई बना हुआ है, जिस पर ठोस नीति की मांग की जाएगी।
कई OBC समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस बैठक में विश्वकर्मा समाज, यादव समाज, कुर्मी (पटेल) समाज, निषाद समाज, मौर्य समाज, पाल समाज, चौरसिया समाज, धोबी समाज, कुम्हार समाज, पासी समाज, नाई समाज, राजभर समाज, लोधी समाज और माली समाज सहित कई OBC Communities in Mumbai के प्रमुख प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सभी समाज अपनी-अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं उपमुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक दोनों नजरिए से अहम
राजनीतिक जानकारों की मानें तो Eknath Shinde North Indian OBC Meeting सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम है। मुंबई, ठाणे और आसपास के इलाकों में उत्तर भारतीय मतदाताओं की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में इस संवाद से सरकार और समाज के बीच भरोसा बढ़ने के साथ आने वाले चुनावों पर भी असर पड़ सकता है।
समाधान की उम्मीद लेकर आ रहा है संवाद
उत्तर भारतीय OBC समाज को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद उनकी समस्याओं पर गंभीर पहल होगी और महाराष्ट्र में OBC दर्जे को लेकर कोई व्यावहारिक समाधान निकलेगा। समाज का मानना है कि अगर सरकार ने इस मुद्दे को समझ लिया, तो हजारों परिवारों को शिक्षा, रोजगार और योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
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