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370 खत्म – अब कश्मीर में भी लहराएगा तिरंगा

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टीवी की स्क्रीन जैसे ही चालू होती, एक बड़ा सवाल दिखाई देता कि कश्मीर में क्या होगा, कयासों के बाजार गर्म थे, डिबेट पर सब अपने तर्क वितर्क रख रहे थे, किसी को कुछ नहीं पता था कि कश्मीर में क्या होगा, सेना की टुकड़ियों ने पूरे कश्मीर में मोर्चा संभाल लिया, अमरनाथ यात्रा बीच में ही रोक दिया गया, सभी को जम्मू कश्मीर छोड़ने का आदेश जारी कर दिया गया, कर्फ्यू लग गया, इंटरनेट, केबल टीवी सब बंद, हलचल तेज़ हुआ, सुबह सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक हुई, कैबिनेट की बैठक हुई और फिर गृहमंत्री अमित शाह हाथों में कुछ दस्तावेज लेकर सदन की और बढ़ पड़े, मीडिया के चमकते कैमरे अमित शाह के हावभाव का मतलब निकालने लगे, अमित शाह का बॉडी लैंग्वेज और हंसी साफ़ बता रही थी कि कुछ बड़ा होने वाला है और वो भी देश हित में। घडी की सुई में 11 बज गए देश की जानना चाहती थी कि कश्मीर में हुआ क्या है। राज्य सभा की सदन बैठी, कश्मीर का मुद्दा विपक्ष नेता गुलाम नबी आज़ाद ने उठाया, कश्मीर को लेकर सदन में हंगामा शुरू हुआ, विपक्ष आक्रामक रहा इसी बीच गृहमंत्री अमित शाह ने ऐतिहासिक फैसले को देश के सामने रखा। ये फैसला था आज़ादी को लेकर, ये फैसला था कश्मीर को लेकर, ये फैसला था आर्टिकल 370 को लेकर।
अमित शाह ने राज्यसभा में एक साथ चार फैसले से जम्मू-कश्मीर पर मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। इन फैसलों में से एक है जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान के अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंडों को हटाने और राज्य का विभाजन करने का प्रस्ताव, दूसरा फैसला जम्मू कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव, तीसरा फैसला जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र की अपनी विधायिका के बारे में प्रस्ताव, और चौथा फैसला लद्दाख बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र होने के बारे में प्रस्ताव रखा। अपने फैसलों से लगातार चौंकाती रही नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर आज के अपने फैसले से विपक्षी दलों समेत हर किसी को हैरान कर दिया। अमित शाह के ऐलान के बाद सदन में एक के बाद एक दल आर्टिकल 370 को खत्म करने का समर्थन करने लगे वही कांग्रेस चिल्लाती रह गयी। पूरे देश में जश्न की एक लहर दौड़ पड़ी, हर भारतीय को फक्र होने लगा। इस बीच सुरक्षा में कोई दिक्कत न हो इसलिए कश्मीर पर केंद्र के फैसले के बाद गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में सुरक्षा व्यवस्था को अधिकतम स्तर पर रखने को कहा गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब बहुत कुछ बदल जायेगा, आईये जानते है कि आर्टिकल 370 खत्म होने से क्या कुछ बदलाव होगा
1) अब कश्मीर में भी तिरंगा फहरेगा, अभी तक जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा था। अब ऐसा नहीं होगा यानी राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर सजा होगी।
2) संसद की ओर से बनाए गए हर क़ानून अब वहां प्रदेश की विधानसभा की मंज़ूरी के बिना लागू होंगे, संसद में पास कानून जम्मू कश्मीर में तुरंत लागू नहीं होते थे। शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, सीएजी, मनी लांड्रिंग विरोधी कानून, कालाधन विरोधी कानून और भ्रष्टाचार विरोधी कानून कश्मीर में लागू नहीं थे। ये अब लागू हो सकेंगे।
3) अब तक सिर्फ़ कश्मीरी ही वहां ज़मीन ख़रीद सकते थे लेकिन 370 हटने के बाद हर भारतीय कश्मीर में जमीन खरीद सकता है।
4) सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों पर भी अमल लागू हो जाएगा।
5) अब तक सिर्फ़ कश्मीरी को ही प्रदेश सरकार की नौकरियां मिलती थीं लेकिन अब यह सबके लिए खुल जाएगा।
6) अब तक क़ानून व्यवस्था मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी होती थी, लेकिन अब वह सीधे केंद्र सरकार के अधीन होगी और गृह मंत्री प्रदेश में अपने प्रतिनिधि उपराज्यपाल के ज़रिये क़ानून-व्यवस्था संभालेंगे।
7) जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल छह से घटकर पांच साल का हो जाएगा।
8) इस फैसले के बाद आईपीसी की धाराएं प्रदेश में लागू होंगी इसके पहले स्थानीय रनबीर पीनल कोड यानि आरपीसी लागू थी।
9) इस पर भी फ़ैसला लिया जाएगा कि पहले से लागू स्थानीय पंचायत क़ानून जारी रहेंगे या उन्हें बदल दिया जाएगा।
10) कश्मीर में अल्पसंख्यकों को आरक्षण नहीं मिलता था। गृहमंत्री ने अमित शाह ने कहा कि इस बिल के तहत जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
बहरहाल नरेंद्र मोदी सरकार का ये फैसला बेहद सराहनीय है और जब भी भारत के राजनितिक फैसलों का जिक्र होगा मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले को स्वर्णिम जरूर बताया जायेगा।