प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के संदर्भ में देश की महिलाओं के लिए एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने 2029 तक लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और स्वयं सहायता समूहों की सफलता की भी सराहना की। मोदी ने मंगलवार, 14 अप्रैल को इस पत्र के माध्यम से जनसामान्य से अपने विचार साझा किए।
महिलाओं के हक की लड़ाई में नया कदम
पीएम मोदी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि आने वाले संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है। यह एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन होगा, जिसे लेकर पूरे देश में उत्साह है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस अवसर से खुशी महसूस कर रही हैं, जिससे उन्हें विकास में योगदान देने का एक मजबूत मौका मिलेगा।
बाबासाहेब आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
पत्र में उन्होंने 14 अप्रैल के दिन को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के तौर पर महत्व बताया। पीएम ने आंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उनके द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों की सराहना की, जो आज भी समाज को मार्गदर्शन करते हैं। उनकी श्रद्धांजलि ने भी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती दी है।
महिलाओं की भागीदारी का बढ़ता सिलसिला
पीएम ने कहा कि आज की महिलाएं स्टार्टअप, विज्ञान, खेल, कला और साहित्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिली है। महिला सशक्तिकरण का यह उदाहरण पूरे देश में फैल रहा है।
आत्मनिर्भरता की मिसाल
प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की मापदंड बन रही हैं। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलों को लेकर भी महिलाओं के प्रयासों को सराहा है, जो न केवल खुद को सशक्त बना रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों का महत्व
मोदी ने पत्र में भारत में महिलाओं को स्वतंत्रता के समय ही मतदान का अधिकार मिलने का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में भारत ने अन्य देशों की तुलना में पहले ही महिलाओं को अधिकार दिए हैं। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के महत्व को दर्शाता है।
विकसित भारत के लिए आवश्यक है महिलाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि देश को विकसित बनाना है तो महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। जब महिलाएं नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होंगी, तब लोकतंत्र मजबूत होगा। इसी सिद्धांत के कारण नारी शक्ति वंदन अधिनियम का गठन किया गया है।
लोकतंत्र को मजबूती देने की अपील
मोदी ने कहा कि सभी को मिलकर काम करना चाहिए ताकि विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व जल्द से जल्द लागू किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 2029 से आरक्षण लागू होगा तो लोकतंत्र और अधिक जीवंत बनेगा। इसके लिए उचित विधेयक का संसद में पारित होना आवश्यक है।
महिलाओं से पीएम की सीधी अपील
अंत में, पीएम मोदी ने सभी महिलाओं से निजी सांसदों
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