आंखें खुली लेकिन शरीर बेजान- ‘जॉम्बी ड्रग’ ने दी देश में दस्तक, दहशत में लोग 

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‘जॉम्बी ड्रग’ का बढ़ता खतरा! पंजाब के बाद देश के अन्य राज्यों में भी दिखे डरावने मामले

देश में एक खतरनाक नशीले पदार्थ को लेकर चिंता तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसे आम भाषा में “जॉम्बी ड्रग” कहा जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो ने इस खतरे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। इन वीडियो में लोग सड़कों पर पूरी तरह जमे हुए, बिना किसी प्रतिक्रिया के खड़े नजर आ रहे हैं, जिससे आम जनता और प्रशासन दोनों में चिंता बढ़ गई है।

 

क्या है “जॉम्बी ड्रग”?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ड्रग में ज़ाइलाज़ीन (Xylazine) नामक एक खतरनाक केमिकल होता है, जो मूल रूप से पशुओं को शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ट्रैंक्विलाइज़र है। इसे अक्सर फेंटेनिल (Fentanyl) जैसे शक्तिशाली ओपिओइड्स के साथ मिलाकर अवैध रूप से तैयार किया जाता है। इसका असर इतना गंभीर होता है कि व्यक्ति होश में रहते हुए भी शरीर पर नियंत्रण खो देता है। वह घंटों तक एक ही स्थिति में खड़ा या बैठा रह सकता है, आंखें खाली और शरीर पूरी तरह सुन्न हो जाता है।

कहां-कहां सामने आए मामले?

इस खतरनाक ट्रेंड की शुरुआत चंडीगढ़ से वायरल हुए एक वीडियो से मानी जा रही है, जिसमें एक डिलीवरी बॉय करीब दो घंटे तक सड़क पर बिना हिले-डुले खड़ा दिखाई दिया। इसके बाद बेंगलुरु के बागलूर इलाके और बिहार के कुछ हिस्सों से भी ऐसे ही वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लोग सड़कों के किनारे पूरी तरह जमे हुए नजर आते हैं, जिससे “जॉम्बी जैसी स्थिति” का डर पैदा हो रहा है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

इन घटनाओं के सामने आने के बाद विभिन्न राज्यों की पुलिस और स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। संदिग्ध पदार्थों की जांच, निगरानी और अवैध ड्रग नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ये सभी मामले ज़ाइलाज़ीन-युक्त ड्रग्स के ही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिंथेटिक ड्रग भारत में फैल रहा है, तो यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन सकता है।

युवाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के सिंथेटिक ड्रग्स का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ सकता है। यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। माता-पिता और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे बच्चों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

क्या कहती है विशेषज्ञों की राय?

ड्रग विशेषज्ञों के अनुसार, ज़ाइलाज़ीन का लगातार सेवन शरीर में घाव, संक्रमण और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकता है। यह दवा इंसानों के लिए स्वीकृत नहीं है, इसलिए इसका इस्तेमाल बेहद खतरनाक माना जाता है।

बढ़ती चिंता, जरूरी सतर्कता

भले ही अभी इस ड्रग के व्यापक प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रहे वीडियो ने एक संभावित खतरे की ओर इशारा जरूर किया है। सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर इस खतरे से निपटने के लिए सतर्क रहना होगा, ताकि यह समस्या एक बड़े संकट में न बदल जाए। जॉम्बी ड्रग से जुड़े वायरल वीडियो सिर्फ सोशल मीडिया की सनसनी नहीं, बल्कि एक संभावित चेतावनी भी हो सकते हैं। समय रहते कदम उठाना ही इस खतरे को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।

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