UP Vridha Pension: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना ने वर्ष 2025 में सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत बीते आठ महीनों में प्रदेश भर से 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को पेंशन से जोड़ा गया है। इसके साथ ही प्रदेश में पेंशन पाने वाले बुजुर्गों की कुल संख्या बढ़कर 67.50 लाख तक पहुंच गई है। सरकार का दावा है कि डिजिटल सिस्टम और पारदर्शी व्यवस्था के कारण अब सही लाभार्थियों तक ही सहायता पहुंच रही है।
UP Vridha Pension: डिजिटल सत्यापन और आधार से बढ़ी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में Digital Verification, Aadhaar Based Authentication और Real-Time Monitoring को लागू किया गया है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि इन सुधारों से पेंशन वितरण प्रणाली पहले से अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है। डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और केवल पात्र वृद्धजन ही योजना का लाभ उठाएं। वर्ष 2024 में जहां योजना से करीब 61 लाख बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 67.50 लाख हो गई है। यह वृद्धि योगी सरकार की Social Security Scheme को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सरकार का मानना है कि आर्थिक संबल मिलने से बुजुर्गों का आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ी है।
UP Vridha Pension: नियमित समीक्षा से हटे अपात्र नाम
योजना की शुचिता बनाए रखने के लिए नियमित सत्यापन अभियान चलाया गया। इसके तहत वर्ष 2024 में 1.77 लाख और वर्ष 2025 में 3.32 लाख मृतक व अपात्र लाभार्थियों के नाम पेंशन सूची से हटाए गए। इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट हुआ कि Transparency in Pension Scheme केवल नीतियों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे रही है।
UP Vridha Pension: 60 वर्ष होते ही स्वतः मिलेगी पेंशन
समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक अमरजीत सिंह ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र वृद्धजन योजना से वंचित न रहे। इसी सोच के तहत Family ID One Family One Identity सिस्टम को पेंशन योजना से जोड़ा गया है। अब जैसे ही कोई व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी करेगा, उसकी पात्रता स्वतः जांची जाएगी और पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। इससे बुजुर्गों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कुल मिलाकर, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना योगी सरकार के लिए केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है।
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