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January 30, 2026

ऑनलाइन बिजनेस में मुनाफे का झांसा, वाराणसी के व्यापारी से 9.84 लाख की साइबर ठगी ! 

The CSR Journal Magazine

 

दो महीने तक बातचीत कर जीता भरोसा, 16 से 19 जून के बीच पांच किश्तों में RTGS और ऑनलाइन भुगतान से ट्रांसफर हुई रकम, मोबाइल बंद होते ही खुली ठगी की परतें !

ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर वाराणसी के व्यापारी से 9.84 लाख की ठगी, छह महीने बाद सामने आया मामला

सिगरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने ऑनलाइन बिजनेस में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक व्यापारी से 9 लाख 84 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित व्यापारी हौसला प्रसाद मिश्रा ने इस संबंध में थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के अनुसार, करीब दो महीने पहले उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक ऑनलाइन प्रोडक्ट सेलिंग कंपनी से जुड़ा बताया और निवेश पर 15 प्रतिशत तक लाभ देने का भरोसा दिलाया। लगातार बातचीत और भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने व्यापारी को निवेश के लिए तैयार कर लिया।

कई हफ्तों तक किया ब्रेनवॉश

मार्च- अप्रैल में अज्ञात नंबर से व्यापारी हौसला प्रसाद मिश्रा को कॉल, ऑनलाइन बिजनेस में निवेश का प्रस्ताव आया। अगले कई हफ्ते आरोपी द्वारा लगातार बातचीत, कंपनी से जुड़े होने और मुनाफे के दावे, भरोसा जीतने की कोशिश चलती रही। 16 जून को पहली बार RTGS/ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई। 16 से 19 जून के बीच कुल पांच किश्तों में 9.84 लाख रुपये आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में भेजे गए। लेकिन रकम ट्रांसफर के बाद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस हुई। कुछ दिन बादआरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया, संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया। इसके बाद पीड़ित ने सिगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

6 महीने बाद क्यों सामने आया मामला?

पुलिस सूत्रों और पीड़ित की शिकायत के अनुसार, साइबर ठगी का यह मामला करीब छह महीने बाद इसलिए सामने आया क्योंकि आरोपी ने शुरुआत में मुनाफा मिलने में देरी और टेक्निकल प्रोसेस का हवाला देकर पीड़ित को लगातार भरोसे में रखा। पीड़ित को उम्मीद थी कि निवेश की गई रकम या तय लाभ कुछ समय बाद वापस मिल जाएगा, इसलिए उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की। लंबे समय तक संपर्क में रहने के बाद जब अचानक आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया और किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो पाया, तब ठगी का संदेह गहराया। इसके बाद पीड़ित ने बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई और सलाह-मशविरा करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इन्हीं कारणों से यह साइबर ठगी का मामला लगभग छह महीने बाद पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हो सका और सार्वजनिक रूप से सामने आया।

IT एक्ट की धाराओं में पुलिस की कार्रवाई

सिगरा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश, ज्यादा मुनाफे के लालच और अज्ञात कॉल्स से सावधान रहें। बिना सत्यापन किसी भी स्कीम या कंपनी में पैसा न लगाएं। ठगी की आशंका होने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचना दें।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना

यह पोर्टल पीड़ितों/शिकायतकर्ताओं को रिपोर्ट करने की सुविधा प्रदान करने के लिए भारत सरकार की एक पहल है साइबर अपराध की शिकायतें ऑनलाइन। यह पोर्टल केवल साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों को पूरा करता है महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान। इस पोर्टल पर दर्ज की गई  शिकायतों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों/पुलिस द्वारा निपटाया जाता है। यह है त्वरित कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज करते समय सही और सटीक विवरण प्रदान करना अनिवार्य है।
आपातकालीन स्थिति में या साइबर अपराधों के अलावा अन्य अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए कृपया स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 है। राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन नंबर 181 है और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 है।

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