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January 30, 2026

प्रयागराज से DDU तक तीसरी रेल लाइन: 2649 करोड़ की परियोजना से बदलेगा हावड़ा–दिल्ली रूट का भविष्य, 31 गांवों की जमीन अधिग्रहित

The CSR Journal Magazine
प्रयागराज से पं. दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन तक तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम अब जमीन पर उतर चुका है। करीब 2649.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह 149 किलोमीटर लंबी परियोजना देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल हावड़ा–नई दिल्ली रूट पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए शुरू की गई है। रेलवे का दावा है कि इसके पूरा होते ही यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी और ट्रेनों की समयबद्धता भी बेहतर होगी।

मीरजापुर में सरकारी विभागों की जमीन ली जाएगी

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मीरजापुर जिले में सिंचाई, नागरिक उड्डयन, नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग की लगभग एक हेक्टेयर सरकारी भूमि रेलवे को दी जाएगी। संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी, इन भूखंडों पर भी तीसरी लाइन का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

चुनार और सदर तहसील में दिखेगा परियोजना का असर

तीसरी रेल लाइन का बड़ा हिस्सा चुनार तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रहा है, जहां चुनार जंक्शन को एक अहम स्टेशन माना जा रहा है। यहां परियोजना के लिए तीन चरणों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई है। इस दौरान निजी काश्तकारों की 17.3384 हेक्टेयर और सरकारी भूमि की 1.2784 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।

31 गांवों के 541 किसानों की जमीन अधिग्रहित

इस परियोजना के लिए कुल 31 गांवों के 541 किसानों की भूमि ली गई है। सरकारी भूमि के अंतर्गत बंजर जमीन, नवीन परती, चकमार्ग, नाली, तालाब और नहर जैसी श्रेणियों की जमीन भी शामिल है। प्रशासन के अनुसार, अधिग्रहण और कब्जे की प्रक्रिया करीब एक साल पहले ही पूरी कर ली गई थी, जिससे अब निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।

हर 15 मिनट में ट्रेन, इसलिए जरूरी हुई तीसरी लाइन

हावड़ा–नई दिल्ली रेल मार्ग को देश का सबसे व्यस्त रूट माना जाता है। इस मार्ग पर औसतन हर 15 मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। वर्तमान में यहां 46 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें अप और डाउन लाइन पर संचालित हो रही हैं, जबकि एक अलग लाइन केवल मालगाड़ियों के लिए आरक्षित है। बढ़ती यात्री संख्या और ट्रैफिक को देखते हुए रेलवे ने तीसरी लाइन बिछाने का फैसला लिया है।

अलग-अलग विभागों की जमीन कहां-कहां

रेलवे को मिलने वाली सरकारी जमीन में लोक निर्माण विभाग की भूमि भरूहना और आमघाट, नागरिक उड्डयन विभाग की भूमि झिंगुरा हवाई अड्डे पर, नगर पालिका मीरजापुर की भूमि बरौंधा में और सिंचाई विभाग की भूमि झिंगुरा व चुनार क्षेत्र में शामिल है। लोक निर्माण विभाग ने अपनी जमीन के लिए NOC जारी कर दी है, जबकि अन्य विभागों से प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

परियोजना से यात्रियों और रेलवे दोनों को फायदा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तीसरी लाइन के चालू होने से न केवल ट्रेनों की गति और समयबद्धता बेहतर होगी, बल्कि भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुलेगा। यह परियोजना पूर्वी और उत्तरी भारत को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर को नई रफ्तार देने वाली साबित हो सकती है।
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