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January 25, 2026

डिजिटल हेल्थ में यूपी की बड़ी छलांग, सीएम योगी के विजन से बना राष्ट्रीय रोल मॉडल

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश अब सिर्फ आबादी के लिहाज से ही नहीं, बल्कि Digital Health Infrastructure के मामले में भी देश का अगुवा राज्य बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट विजन और लगातार मॉनिटरिंग का नतीजा है कि प्रदेश में Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM) के तहत हेल्थ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी Health DPI की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है। अस्पताल, डॉक्टर, लैब और मरीज सभी को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर यूपी ने हेल्थ सिस्टम को तेज, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बना दिया है।

देश में सबसे ज्यादा ABHA ID यूपी में

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब तक 14.52 करोड़ से अधिक ABHA ID बनाई जा चुकी हैं, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। इसके साथ ही 70 हजार से ज्यादा हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और 1.04 लाख से अधिक हेल्थ प्रोफेशनल्स ABDM ecosystem से जुड़ चुके हैं। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि यूपी में डिजिटल हेल्थ को लेकर सिस्टम लेवल पर बड़ा बदलाव हुआ है।

Digital Health Records से इलाज में सहूलियत

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के क्षेत्र में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड बनाया है। 13.03 करोड़ से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड ABHA से लिंक हो चुके हैं। इससे मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास एक क्लिक पर डॉक्टर के सामने होता है। इससे न सिर्फ सही इलाज में मदद मिलती है, बल्कि बार-बार जांच कराने की जरूरत भी कम होती है। सीएम योगी के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों में Hospital Information System (HIS) को हेल्थ सिस्टम की रीढ़ बनाया गया है। NIC का Next-Gen HIS और C-DAC का e-Sushrut सिस्टम आज प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, CHC और PHC तक पहुंच चुका है।

ABHA आधारित रजिस्ट्रेशन से खत्म हुई लाइनें

अब सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए लंबी लाइनें और कागजी झंझट धीरे-धीरे इतिहास बन रही हैं। ABHA-based OPD registration के जरिए मरीज स्कैन एंड शेयर सुविधा से तुरंत पंजीकरण करा सकते हैं। फिलहाल करीब 40 फीसदी रजिस्ट्रेशन ABHA आधारित हो चुके हैं। एक बार डाटा दर्ज होने के बाद भविष्य में किसी भी सरकारी अस्पताल में वही डाटा काम आता है।

SMS और WhatsApp पर मिल रही Lab Report

योगी सरकार की डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा मरीजों को सीधे मिल रहा है। Laboratory Information System (LIS) को HIS से जोड़ने के बाद अब मरीज अपनी Lab Test Report सीधे SMS, WhatsApp और PHR App पर पा रहे हैं। डॉक्टरों को भी रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है, जिससे इलाज में देरी नहीं होती। प्रदेश के 1,112 स्वास्थ्य संस्थानों में LIS सक्रिय हो चुका है।

AI Healthcare की ओर बढ़ता यूपी

डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए उत्तर प्रदेश ने AI-based Healthcare, सुरक्षित डेटा एक्सचेंज और Interoperable Health System के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर लिया है। यही वजह है कि आज यूपी का मॉडल देश के दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहा है।
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