Street Food Hygiene Shock: विरार में पान विक्रेता की लापरवाही कैमरे में कैद, स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा! नाले के पानी से लेकर थूक तक- स्ट्रीट फूड में लापरवाही के डरावने मामले! देशभर में सामने आईं घटनाएं, सेहत पर बड़ा खतरा !
विरार के वायरल वीडियो से दहशत में पानप्रेमी!
मुंबई के विरार इलाके से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सड़क किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थों की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर एक पान विक्रेता को पान की पत्तियां गंदे नाले के पानी में धोते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पेज ‘Vasai Virar Updates’ पर साझा किया गया, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूज़र्स में भारी आक्रोश देखने को मिला। वीडियो के वायरल होते ही लोगों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी सीधे भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे फूड पॉइज़निंग, टाइफॉइड, डायरिया, हेपेटाइटिस-A जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पान जैसे उत्पाद, जिन्हें बिना पकाए सीधे उपभोग किया जाता है, उनमें यह जोखिम और भी अधिक बढ़ जाता है। https://www.instagram.com/reel/DSozjKYCO1i/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA==
वसई- विरार वासियों की हाइजीन को लेकर पुरानी शिकायत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि विरार–वसई क्षेत्र में खुले में खाद्य पदार्थों की तैयारी और स्वच्छ पानी की अनदेखी पहले भी चिंता का विषय रही है। इस मामले में नागरिकों ने महानगरपालिका (नगर निकाय) से त्वरित जांच, खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई और ऐसे विक्रेताओं पर जुर्माना/लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा संज्ञान लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि/कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह मौके की जांच कर पानी के स्रोत, खाद्य सामग्री और स्वच्छता मानकों की पड़ताल करे।
जनहित में सलाह-विशेषज्ञों की चेतावनी
भारत में स्ट्रीट फूड संस्कृति जितनी लोकप्रिय है, उतनी ही बार-बार स्वच्छता नियमों की अनदेखी भी सामने आती रही है। विरार की ताज़ा घटना कोई अपवाद नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे पहले भी खुले में खाद्य पदार्थों के साथ खतरनाक प्रयोग उजागर हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बार-बार चेतावनी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
• सड़क भोजन खरीदते समय साफ पानी और स्वच्छ बर्तनों का उपयोग होते देखें।
• दस्ताने, ढका हुआ काउंटर और साफ जगह रखने वाले विक्रेताओं को प्राथमिकता दें।
• दूषित या संदिग्ध पानी में धुले खाद्य पदार्थों से बचें।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि खाद्य सुरक्षा केवल विक्रेता की नहीं, बल्कि प्रशासन और उपभोक्ता, तीनों की साझा जिम्मेदारी है।
नाले के पानी से लेकर थूक तक: स्ट्रीट फूड में लापरवाही के डरावने मामले
भारत में विरार जैसी घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। बीते वर्षों में दिल्ली, मुंबई, कानपुर, लखनऊ और अहमदाबाद समेत कई शहरों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को नाले या गंदे पानी से फल-सब्जियां, पान की पत्तियां और चाट का सामान धोते हुए पाया गया। कई बार वीडियो वायरल हुए जिनमें बिना हाथ धोए, गंदे हाथों से या थूक लगाकर खाना तैयार किया जा रहा था, जबकि कुछ जगहों पर कई दिनों तक इस्तेमाल किए गए बासी तेल में समोसे, कचौड़ी और भजिए तले जा रहे थे। खुले में रखी खाद्य सामग्री पर मक्खियों और धूल का जमाव भी आम है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ताकि लोग बाहर खाना खाते समय स्वच्छता के प्रति अधिक सतर्क रहें वीडियो में एक स्ट्रीट वेंडर को नाले के गंदे पानी का उपयोग बिरयानी बनाने या उसे पकाने के लिए करते हुए देखा जा सकता है। pic.twitter.com/M3CPtdxXXi
— 🇮🇳 Maailah Noor (مائلہ نور) (@Maailah1712) December 20, 2025

