Shirdi में भिखारी मुक्त शिर्डी अभियान के दौरान पुलिस ने पूर्व ISRO कर्मचारी को भीख मांगते पकड़ा। Shirdi पुलिस ने बताया कि K S Narayanan। 1988 से 2008 तक ISRO में कार्यरत थे और नासिक में उनका सामान चोरी हो गया था, जिसके कारण उन्हें भिक्षा पर गुजारा करना पड़ा। Shirdi: महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिरडी में साईं बाबा के मंदिर के पास मुंबई भिक्षा निषेध अधिनियम, 1959 की धारा 5 (5) के तहत ‘भिखारी गिरफ्तारी अभियान’ के दौरान पकड़े गए पचास से अधिक भिखारियों में से एक भिखारी अंग्रेजी में भीख मांगता हुआ पाया गया, जिसे देखकर Shirdi Police हैरान रह गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वह व्यक्ति भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का पूर्व अधिकारी निकला। K S Narayanan नामक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह 1988 से 2008 तक ISRO में कार्यरत था, उसके बाद उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। उसके भाई ने उससे 12 लाख रुपए ठग लिए। Narayanan का बड़ा बेटा UK में पढ़ाई करता है। भीख मांगने के पीछे का कारण नासिक में उसका सामान चोरी हो जाना है।
ISRO कर्मचारी का Shirdi में सामान चोरी
Narayanan ने कहा, “मैं आठ दिन पहले नासिक गया था। उस समय मेरा बैग, पैसे और पहचान पत्र चोरी हो गए थे। मैं चार-पांच दिनों के लिए Shirdi आया था। चूंकि मेरे पास पैसे नहीं थे, इसलिए मैं भक्तों से भीख मांगकर गुजारा कर रहा था। आज पुलिस ने भिखारियों को पकड़ने के अभियान में मुझे गिरफ्तार कर लिया। मैं MCom हूं और ISRO के साथ काम कर रहा था। अब मैं सेवानिवृत्त हो चुका हूं। मेरा बेटा UK में पढ़ रहा है। मैं साईं बाबा के दर्शन के लिए शिरडी आया था, तभी नासिक में मेरा बैग चोरी हो गया। उसमें आधार कार्ड, पहचान पत्र और कुछ पैसे थे। इसलिए मेरे पास भिक्षा पर गुजारा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। आज शाम मैं सिकंदराबाद जा रहा था। मैंने ISRO के PSLV, GSAV और Chandrayan मिशन पर काम किया है। श्रीहरिकोटा के ए राजराजन मेरे मित्र हैं।”
Shirdi पुलिस ने छोड़ा जांच के बाद
Narayanan की पहचान उजागर होने के बाद उसे अन्य भिखारियों से अलग रखा गया। Shirdi पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में उसके खाते और अन्य विवरणों की जांच की। हालांकि पुलिस ISRO से संपर्क करके उसकी जानकारी की पुष्टि नहीं कर सकी, लेकिन उसके SBI खाते और अन्य लोगों से संपर्क की जानकारी पुलिस को विश्वसनीय लगी। बयान दर्ज करने के बाद उसे छोड़ दिया गया। इसी तरह की मिलती जुलती घटना में बंगाल भाजपा के एक समय ताकतवर नेता रहे इंद्रजीत सिन्हा को बीमार अवस्था में बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित श्मशान घाट में कटोरा लेकर भीख मांगते देखा गया था। इंटरनेट मीडिया पर भीख मांगते हुए उनकी तस्वीर वायरल होते ही पार्टी के भीतर हड़कंप मच गया। इंद्रजीत सिन्हा को क्षेत्र में Bullet Da के नाम से जाना जाता है। जैसे ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार को इसकी जानकारी मिली उन्होंने तुरंत जिला अध्यक्ष को फोन कर तत्काल उनकी चिकित्सा व्यवस्था के आदेश दिए। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी उनकी सुध ली। इसके बाद रविवार को रातों-रात सिन्हा को कोलकाता के एक नामी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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