Raksha Bandhan 2026: इस बार नहीं होगा भद्रा का साया, जानें इसके पीछे की वजह

The CSR Journal Magazine
रक्षा बंधन का पर्व हर साल भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है। लेकिन 2026 में इस दिन भद्रा का साया नहीं होगा। भद्रा काल को हिंदू पंचांग में अशुभ समय माना जाता है। यह अवधि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती। इस बार, किसान, व्यापारी और परिवार के लोग गर्वित महसूस कर रहे हैं कि वे अपने प्रियजनों के साथ इस पर्व को सही तरीके से मना सकेंगे। भद्रा काल में राखी बांधने से बचने की सलाह दी जाती है, और इसके पीछे कई धार्मिक और तार्किक कारण हैं।

भद्रा कौन है?

भद्रा एक वैदिक देवी हैं, जिन्हें शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लेकिन राजनीति और संस्कृति की दृष्टि से, भद्रा का काल शुभ नहीं होता। कई लोग इसे समय विराम का काल मानते हैं। यही वजह है कि इसे रक्षा बंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर टालने की आवश्यकता होती है। जब भद्रा का साया होता है, तब किसी भी शुभ काम को करना अशुभ माना जाता है।

रक्षा बंधन पर राखी बांधने का सही समय

रक्षा बंधन 2026 में कई लोग मनाएंगे, और यह जानना आवश्यक है कि इस दिन राखी बांधने का सही समय क्या है। भद्रा से बचने के लिए, शुभ मुहूर्त का पालन करना महत्वपूर्ण है। इस साल, बहने अपने भाइयों को सुबह-सुबह Rakhi बांध सकती हैं, जब भद्रा का कोई असर नहीं होगा। सही समय पर राखी बांधने से रक्षाबंधन की संवेदना और बढ़ जाती है।

कैसे पहचानें भद्रा का समय

भद्रा काल की पहचान करना आसान है, लेकिन इसके लिए पंचांग या ज्योतिष की मूल बातें जाननी जरूरी है। आमतौर पर भद्रा का समय पूर्णिमा तिथि के दिन शुरुआती और अंतिम पक्ष में आता है। इस दौरान किसी भी पवित्र कार्य को करने से बचने की सलाह दी जाती है। यह समय उन परिवारों के लिए चिंता का कारण बनता है जो इस दिन अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए उत्सुक रहते हैं।

भद्रा का असर और सावधानियाँ

भद्रा के प्रभाव से न केवल धार्मिक कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि लोग इस अवधि में धैर्य रखें और राखी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को टालें। इससे न सिर्फ उन्हें मानसिक संतोष मिलेगा, बल्कि रिश्तों में भी मजबूती आएगी। आपके द्वारा सावधानी बरतने से बढ़िया अनुभव होगा और माता-पिता भी खुश रहेंगे।

रक्षा बंधन का महत्व

रक्षा बंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक है। यह दिन भाई-बहन के प्यार और सुरक्षा के बंधन को प्रगाढ़ बनाता है। जब कोई भी धर्म और संस्कृति इस प्रकार के रिश्ते को महत्व देती है, तो यह जरूरी है कि हम सही समय का पालन करें। 2026 में भद्रा के न होने से, सभी लोग अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सकेंगे और एक खुशहाल रक्षा बंधन मना सकेंगे, जो जीवन में खुशहाली का संकेत होगा।

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