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सीएसआर को लेकर छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट पर लगा ये आरोप

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राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के अधीन आनेवाली छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट पर गंभीर आरोप लगे है। छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट पर सीएसआर खर्च में भेदभाव और गड़बड़ी के आरोप लगें हैं। जिसको लेकर छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट पर बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किया गया। छबड़ा मोतीपुरा थर्मल पॉवर प्लांट के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के कार्यों का लाभ प्रभावित गांवों को थर्मल प्रशासन द्वारा नहीं दिया जा रहा है। इसके विरोध में थर्मल परिसर में स्थानीय निवासियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया।

छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट के खिलाफ बीजेपी का प्रदर्शन, लगे सीएसआर में करप्शन के आरोप

प्रदर्शनकारियों ने थर्मल गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए थर्मल क्षेत्र के विकास की मांग की। मांगे नहीं मानने पर फिर से प्रदर्शन कर धरना दिया जाएगा ऐसी भी बात कही गयी। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले बीजेपी के विधायक प्रताप सिंह सिंघवी से जब The CSR Journal ने बात की तो विधायक ने बताया कि छबड़ा में विकास की बहुत जरूरत है और CSR से Development की अपार संभावनाएं है लेकिन छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट Corporate Social Responsibility फंड के खर्च में भेदभाव करती है। सीएसआर के तहत छबड़ा थर्मल के आसपास के क्षेत्र में गांव की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए, लेकिन सीएसआर (CSR) के तहत होने वाले कामों में भेदभाव का मनमानी कर जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के बिना राशि खर्च की जा रही है।

सीएसआर नियमों में स्थानीय प्रभावितों को प्राथमिकता दी जा सकती है

विधायक का कहना है कि सीएसआर के तहत कराए जाने वाले कार्यों में थर्मल के अधिकारियों द्वारा भेदभाव व भ्रष्टाचार किया जा रहा है और मनमानी कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया जाता है। थर्मल द्वारा गांव के विकास कार्य नहीं कराए जाने के मामले में हालही में एसडीएम सहित थर्मल अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच पहले बातचीत हुई थी लेकिन वो असफल रही। थर्मल प्रशासन द्वारा प्रभावित गांव तीतरखेड़ी, चौकी, मोतीपुरा, भाटखेड़ी समेत अन्य गांवों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन 12 साल बाद भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी है। हम आपको बता दें कि सीएसआर कानून के तहत स्थानीय प्रभावितों को सीएसआर खर्च में प्राथमिकता दी जा सकती है।