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दो सालों से बंद थी सीटी स्कैन और एमआरआई, CSR से अब इलाज होगा संभव

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CSR की ये ख़बर बेहद ही अहम इसलिए भी है क्योंकि सीएसआर की वजह से उन मरीजों की सालों से जटिल बनी समस्या अब खत्म होने वाली है, ये खबर उन मरीजों को बड़ी राहत देंगी जो छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में CT Scan और MRI कराने के चक्कर में दर दर भटकते थे, सीटी स्कैन और एमआरआई कराने के लिए मोटी रकम खर्च करने पर मजबूर रहते थे, लेकिन अब जल्द ही गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीएसआर के जरिये सीटी स्कैन और एमआरआई की नई मशीनें लगाई जाएंगी। NTPC द्वारा सीएसआर कानून के तहत राज्य सरकार को फंड मिले है और उस फंड में से रायगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में ये अत्याधुनिक मेडिकल की सुविधाएँ अब आम मरीजों को सस्ते दामों पर मिल सकेंगे।

CSR की वजह से अस्पताल को जल्द ही मिलेंगी अत्याधुनिक मशीनें

दरअसल रायगढ़ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पिछले 2 सालों से सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन खराब है, The CSR Journal ने मेडिकल कॉलेज के दीं डॉ. पीएम लूका से बात की तो उन्होंने बताया कि “बीच बीच में इसे रिपेयर किया जाता रहा लेकिन मशीनों के पार्ट्स नहीं मिलने की स्तिथि में मशीन पूरी तरह ठप हो गया, इस बीच मेडिकल कॉलेज ने कई एमआरआई सेंटरों से जाँच के लिए टाइअप किया था”। सीटी स्कैन और एमआरआई सेंटर के सुचारु रूप से काम नहीं करने की वजह से मरीजों को दूसरे जगह भेजा जाता रहा है लेकिन एनटीपीसी के CSR की वजह से अस्पताल को जल्द ही अत्याधुनिक मशीनें मिल जाएँगी और मरीजों का इलाज संभव हो पायेगा।

NTPC CSR के तहत छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ खर्च करेगी

सीएसआर के तहत NTPC यानि नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन ने छत्तीसगढ़ सरकार को 25 करोड़ रुपये दिए है, जिनमें से स्वास्थ विभाग ने 5.25 करोड़ की सीटी स्कैन मशीन खरीदी है। छत्तीसगढ़ सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल कौंसिल ने मेडिकल कॉलेज को सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध करा दी है। जिसके इंस्टालेशन के लिए साइड विजिट कर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन ने हालही में छत्तीसगढ़ सरकार को सामाजिक कामों के लिए 100 करोड़ रुपए का कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी यानी CSR फंड दिया जिसके बाद स्वास्थ विभाग ने 25 करोड़ रुपए की धनराशि मेडिकल कॉलेज को दी। सीटी स्कैन के साथ ही 12.5 करोड़ रुपए की एमआरआई मशीन खरीदी जा रही है।

अब एक ही छत के नीचे सभी जांचे होंगी मुहैया

मरीजों को जल्द ही ये सभी सुविधाएं मिल सकें इसलिए प्रक्रिया को जल्द ही पूरा करने की कोशिश में अस्पताल प्रसाशन जुटा है। एटामिक एनर्जी रेग्यूलेटरी बोर्ड से लाइसेंस लेने के बाद साइड विजिट होगा। बोर्ड की टीम यहां पहुंच कर रेडिएशन रोकने के लिए किए गए उपायों की जांच भी करेगी। दोनों मशीनों का जल्द ही इंस्टालेशन करा कर चालू कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार और नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन की सहभागिता से एक ही छत के नीचे एमआरआई, सीटी, डिजिटल एक्सरे, पैथालॉजी की सभी जांचे मुहैया हो सकेगी।