मुंबई-ठाणे के बीच सफर होगा आसान, ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन ने पकड़ी रफ्तार; 90 टन से ज्यादा का पहला प्रीकास्ट सेगमेंट लॉन्च
मुंबई में ईस्टर्न फ्रीवे के विस्तार का काम अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने 13.9 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन के मुख्य ऊपरी ढांचे यानी सुपरस्टक्चर का निर्माण शुरू कर दिया है। इस दिशा में बड़ी उपलब्धि तब हासिल हुई, जब भांडुप पंपिंग स्टेशन के पास पियर P78 पर 90 टन से अधिक वजन वाले पहले प्रीकास्ट सेगमेंट को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। यह काम ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के ऊपर किया गया और खास बात यह रही कि नीचे हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा।
13.90 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
MMRDA के अनुसार, इस काम के लिए 115 मीटर लंबे यांत्रिक लॉन्चिंग गैंट्री-01 (LG-01) का इस्तेमाल किया गया। भारी प्रीकास्ट सेगमेंट को उठाकर निर्धारित स्थान पर रखने के लिए तैयार की गई यह मशीन सड़क के नीचे बड़े पैमाने पर जगह घेरने की जरूरत को कम करती है। इसका फायदा यह है कि व्यस्त ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात को पूरी तरह रोकने या बड़े पैमाने पर डायवर्जन करने की आवश्यकता कम होती है। MMRDA के आधिकारिक प्रोजेक्ट विवरण में भी इस परियोजना को 13.90 किलोमीटर लंबा और 3+3 लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर बताया गया है।
नींव और पियर के बाद अब शुरू हुआ असली सुपरस्टक्चर का काम
ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन परियोजना में अब तक नींव, पाइल, पियर और पियर कैप जैसे कामों पर जोर दिया जा रहा था। पहले प्रीकास्ट सेगमेंट की लॉन्चिंग के साथ परियोजना ने अब मुख्य ऊपरी ढांचे के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है। यानी जिन पियर्स को जमीन पर तैयार किया गया है, उनके ऊपर अब प्रीकास्ट सेगमेंट जोड़कर सड़क का वास्तविक एलिवेटेड हिस्सा तैयार किया जाएगा। MMRDA की हालिया जानकारी के अनुसार, परियोजना में लगभग 81 प्रतिशत मोनोपाइल, 19 प्रतिशत ग्रुप पाइल, 51 प्रतिशत पियर और 33 प्रतिशत पियर कैप का काम पूरा हो चुका है। कुल 3,732 प्रीकास्ट सेगमेंट तैयार किए जाने हैं, जिनमें से 135 सेगमेंट की कास्टिंग पूरी हो चुकी है। परियोजना में 2,500 मिलीमीटर व्यास वाले मोनोपाइल और सिंगल-पियर व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य निर्माण के लिए जमीन पर कम जगह लेना और मौजूदा यातायात को ज्यादा प्रभावित किए बिना काम आगे बढ़ाना है।
छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर
यह एलिवेटेड कॉरिडोर चेडा नगर, घाटकोपर से आनंद नगर, ठाणे के बीच बनाया जा रहा है। इसका मार्ग मुंबई के पूर्वी हिस्से के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित संरेखण में घाटकोपर, विक्रोली, कंजूरमार्ग, जेवीएलआर, ऐरोली और मुलुंड जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। आनंद नगर के पास यह कॉरिडोर मुलुंड ऑक्ट्रॉय नाका क्षेत्र में आनंद नगर-साकेत एलिवेटेड रोड से जुड़ने की योजना का हिस्सा है। MMRDA के अनुसार, इस परियोजना की कुल लंबाई 13.90 किलोमीटर और चौड़ाई करीब 25 मीटर होगी। सड़क छह लेन यानी 3+3 लेन की होगी। सामान्य स्पैन की लंबाई करीब 40 मीटर रखी गई है। परियोजना का स्वीकृत ठेका मूल्य 2,682 करोड़ रुपये है। मूल परियोजना को मार्च 2024 में MMRDA की 156वीं प्राधिकरण बैठक में 3,314.40 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी गई थी। बाद में स्वीकृत अनुबंध राशि 2,682 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
एक स्पैन में जुड़ेंगे 16 प्रीकास्ट सेगमेंट
इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में प्रीकास्ट तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। एक सामान्य 40 मीटर लंबे स्पैन में करीब 16 प्रीकास्ट सेगमेंट जोड़े जाएंगे। प्रत्येक सेगमेंट का अधिकतम वजन करीब 106 टन तक हो सकता है, जबकि पूरा स्पैन लगभग 1,450 टन तक भारी हो सकता है। सेगमेंट को पियर्स के बीच स्थापित करने के बाद उन्हें लंबवत दिशा में पोस्ट-टेंशनिंग तकनीक से आपस में मजबूत तरीके से जोड़ा जाएगा। पहले सेगमेंट की लॉन्चिंग के बाद LG-01 के जरिये आगे भी प्रीकास्ट सेगमेंट स्थापित किए जाएंगे। MMRDA के अनुसार, यह गैंट्री मुंबई की दिशा में 1,632 सेगमेंट लगाने का काम करेगी। वहीं, दूसरी लॉन्चिंग गैंट्री LG-02 विक्रोली की ओर से मुंबई दिशा में काम आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा भांडुप से कंजूरमार्ग और ठाणे की दिशा में ग्राउंड सपोर्ट सिस्टम के जरिये निर्माण कार्य जारी रहेगा।
हाईवे पर ट्रैफिक चलता रहेगा, ऊपर बनता रहेगा एलिवेटेड रोड
परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि निर्माण कार्य को मौजूदा सड़क यातायात के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। भांडुप पंपिंग स्टेशन के पास पहले प्रीकास्ट सेगमेंट को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के ऊपर स्थापित किया गया, जबकि नीचे वाहनों की आवाजाही जारी रही। 115 मीटर लंबी लॉन्चिंग गैंट्री भारी सेगमेंट को उठाने, आगे ले जाने और पियर्स के बीच सही स्थान पर रखने में मदद करती है। इस तकनीक से जमीन पर बड़े पैमाने पर अस्थायी संरचनाएं या भारी उपकरण खड़े करने की आवश्यकता कम होती है। खासकर मुंबई जैसे घनी आबादी और अत्यधिक यातायात वाले क्षेत्र में यह निर्माण पद्धति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चेडा नगर से आनंद नगर तक बनेगा नया तेज मार्ग
ईस्टर्न फ्रीवे का यह विस्तार मुंबई और ठाणे के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। मौजूदा ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर मुंबई-ठाणे के बीच बड़ी मात्रा में यातायात रहता है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होने के बाद इस मार्ग पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। MMRDA ने इसे मुंबई महानगर क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने वाली परियोजना के रूप में तैयार किया है। परियोजना के रास्ते में मुलुंड, ऐरोली, जेवीएलआर, कंजूरमार्ग, विक्रोली, घाटकोपर और चेडा नगर जैसे महत्वपूर्ण कनेक्शन आते हैं। इसके अलावा मुलुंड चेकनाका, ऐरोली जंक्शन और विक्रोली जंक्शन के आसपास दक्षिण दिशा में आने-जाने के लिए रैंप की योजना भी परियोजना में शामिल है। नवघर फ्लाईओवर के पास छह लेन का टोल प्लाजा प्रस्तावित है।
288 स्पैन तैयार किए जाएंगे
पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर में करीब 288 स्पैन बनाए जाने हैं। प्रत्येक सामान्य स्पैन करीब 40 मीटर का होगा। प्रीकास्ट सेगमेंट को क्रमवार तरीके से पियर्स पर रखा जाएगा और फिर उन्हें पोस्ट-टेंशनिंग के जरिये एक मजबूत संरचना में बदला जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में सेगमेंट की कास्टिंग, परिवहन, उठाने, सही स्थान पर स्थापित करने और अंतिम रूप से जोड़ने के कई चरण शामिल होंगे। MMRDA के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार परियोजना के निर्माण की निर्धारित अवधि 48 महीने है। इसमें डिजाइन और पर्यावरणीय मंजूरियों के लिए 12 महीने तथा निर्माण के लिए 36 महीने का प्रावधान बताया गया है। परियोजना के लिए नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को दिसंबर 2024 में ठेकेदार नियुक्त किया गया था, जबकि शेलाडिया एसोसिएट्स इंक. और एसएमईसी इंटरनेशनल की संयुक्त टीम को परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त किया गया।
मुंबई-ठाणे यात्रा समय में कमी की उम्मीद
एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन के पूरा होने के बाद मुंबई और ठाणे के बीच सड़क यात्रा को तेज बनाने की उम्मीद है। अलग-अलग परियोजना अपडेट में यात्रा समय को करीब 20 से 30 मिनट के दायरे में बताया गया है, इसलिए इसे अनुमानित समय के रूप में देखा जाना चाहिए। वास्तविक यात्रा समय उस समय के यातायात, प्रवेश-निकास व्यवस्था और कॉरिडोर के संचालन पर निर्भर करेगा। फिलहाल परियोजना निर्माण के उस चरण में पहुंच चुकी है जहां जमीन के नीचे और पियर्स से जुड़े काम के साथ-साथ ऊपर एलिवेटेड सड़क का वास्तविक ढांचा दिखाई देना शुरू हो गया है। भांडुप में 90 टन से अधिक वजन वाले पहले प्रीकास्ट सेगमेंट की सफल लॉन्चिंग इस लिहाज से अहम है कि अब आने वाले चरण में इसी तकनीक के जरिये बड़ी संख्या में सेगमेंट स्थापित किए जाएंगे। इससे चेडा नगर से आनंद नगर तक प्रस्तावित छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर धीरे-धीरे आकार लेगा और मुंबई-ठाणे सड़क नेटवर्क में एक नया महत्वपूर्ण संपर्क जुड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
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