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March 12, 2026

मिडल ईस्ट क्राइसिस में आधे दाम पर बिकने को मजबूर अंडों की आई शामत

The CSR Journal Magazine

ईरानी जंग से भारत के अंडा व्यापार में गिरावट, कीमतें हुईं आधी

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का भारत के अंडा निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। खाड़ी देशों को अंडों का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में अंडों की कीमतें तेजी से गिर गई हैं। अंडों की कीमत जो पहले 7 रुपये प्रति अंडा थी, वह अब घटकर 4.60 रुपये तक पहुंच गई है। रमजान महीने में भी अंडों की मांग में कमी आई है।

डिमांड में कमी का प्रभाव

NECC के अनुसार, हाल ही में कर्नाटक में अंडों की कीमतों में भारी गिरावट आई है। राष्ट्रीय एग कोआर्डिनेशन कमेटी के सेल्स प्रमोशन ऑफिसर वी. शेषनारायण ने बताया कि पिछले 15 दिनों में कई कारणों के चलते कीमतों में गिरावट आई है। इनमें खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात में रुकावट और मौसमी मांग का उतार-चढ़ाव शामिल है।

खाड़ी देशों के लिए निर्यात ठप

कर्नाटक में हर दिन 2.2 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है। होसपेट सबसे बड़ा उत्पादक है, उसके बाद मैसूर का स्थान आता है। निर्यात के लिए अंडे आमतौर पर तमिलनाडु के नामक्कल स्थित एक प्लांट में भेजे जाते हैं। युद्ध के चलते, मैसूर से नामक्कल के लिए जा रहे 4.7 लाख अंडों से भरे एक कंटेनर को वापस लौटना पड़ा। इस वजह से निर्यात पूरी तरह से रुक गया है।

रमजान का महिना और गर्मी की भूमिका

पवित्र रमजान महीने के कारण अंडों की खपत में कमी आई है। इसके अलावा, मौसम के बदलाव ने भी खपत को प्रभावित किया है। उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ मांग में कमी आई है, जिसके चलते अंडों की कीमतें गिरने लगी हैं। उत्पादक अतिरिक्त अंडों को कोल्ड स्टोरेज में जमा कर रहे हैं, लेकिन इसमें काफी लागत आ रही है।

तेलंगाना में कीमतों में गिरावट

तेलंगाना में भी अंडों की कीमतें गिर रही हैं। पिछले दो महीने में खुदरा कीमतें जो 8 रुपये प्रति अंडा थीं, अब ₹3.50 से ₹3.80 तक आ गई हैं। व्यापारियों और किसानों का कहना है कि निर्यात की मांग और स्थानीय खपत दोनों ही कम हुई हैं, जिससे मुनाफा घट रहा है।

तेलंगाना का अंडा उत्पादन

तेलंगाना में लगभग 2,000 लेयर फार्म हैं, जिनसे हर दिन लगभग 3.50 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है। राज्य में अंडों का सालाना उत्पादन लगभग 18,600 करोड़ है, और यह अंडे उत्पादन में भारत में तीसरे स्थान पर है। यहां हैदराबाद के आसपास अनेक पोल्ट्री फार्म हैं।

40 देशों में निर्यात

तेलंगाना के अंडों का निर्यात आमतौर पर पश्चिम एशिया और अफ्रीका के 40 देशों में किया जाता है। हाल के दिनों में निर्यात की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से धीमी हो गई है, जिससे उत्पादकों को स्थानीय खरीदारों पर अधिक निर्भर होना पड़ रहा है।

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