महिलाओं की बढ़ती नाराज़गी और आने वाले स्थानीय चुनावों को देखते हुए सरकार का बड़ा फैसला
Maharashtra Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की बहुचर्चित ‘लाडकी बहन योजना (Ladki Bahin Yojana)’ से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने इस योजना की e-KYC प्रक्रिया (Electronic Know Your Customer) को अब आसान कर दिया है। यानी जिन महिलाओं का नाम तकनीकी या दस्तावेज़ी त्रुटियों की वजह से लाभार्थी सूची से हट गया था, उन्हें अब दोबारा मौका मिलेगा।
क्यों जरूरी पड़ा Maharashtra Ladki Bahin Yojana में बदलाव?
इस योजना की शुरुआत 28 जून 2024 को की गई थी, और जुलाई से महिलाओं के खातों में पहली किस्तें पहुंचनी शुरू हुई थीं। शुरुआती दौर में 2 करोड़ 56 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था। लेकिन बाद में हुई जांच में कई महिलाएं अपात्र ठहराई गईं। इनमें चारपहिया वाहन धारक, सरकारी कर्मचारी, या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही महिलाएं शामिल थीं। इन सभी कारणों से योजना के लाभार्थियों की संख्या घटकर 1.80 करोड़ रह गई। इसके बाद जब ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य (mandatory e-KYC) की गई, तो कई महिलाओं के आधार-बैंक लिंक में त्रुटियां और तकनीकी अड़चनों के कारण हजारों नाम हट गए। यही वजह रही कि महिलाओं में नाराज़गी बढ़ने लगी, कई जगहों पर तहसील कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन भी हुए।
महाराष्ट्र सरकार पर है चुनावी दबाव
चूंकि इस योजना का सीधा संबंध महिला मतदाताओं (Women Voters in Maharashtra) से है, इसलिए आगामी स्थानीय स्वराज्य चुनावों से पहले सरकार को इस असंतोष की गंभीरता का अहसास हुआ। नाराज़ महिलाएं चुनाव में सरकार के खिलाफ वोट दे सकती थीं। इसी राजनीतिक समीकरण को देखते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महा यूती सरकार (Mahayuti Government) ने तत्काल राहत देने का निर्णय लिया।
Maharashtra Ladki Bahin Yojana: क्या होगा अब नया नियम?
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया को शिथिल (Relax) किया जाएगा। जिन महिलाओं के आवेदन तकनीकी कारणों से अटके या रद्द हुए हैं, उन्हें अब पुनः मौका (Re-Verification) मिलेगा। जिलों में विशेष समितियां (District-level Committees) गठित की गई हैं जो लंबित आवेदनों की दोबारा जांच करेंगी।
लाभार्थियों के लिए राहत
सरकार ने आदेश दिया है कि शहरी क्षेत्रों में महानगरपालिकाओं और ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से स्पेशल कैंप (Special Camps) लगाए जाएं, जहां महिलाओं की शिकायतें दर्ज कर तुरंत समाधान किया जाएगा। इससे उन महिलाओं को दोबारा योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है, जो ई-केवाईसी के झंझट में फंस गई थीं।
महिलाओं के लिए बड़ी उम्मीद
‘लाडकी बहन योजना’ का मकसद है— राज्य की हर पात्र महिला को आर्थिक सशक्तिकरण (Financial Empowerment) की दिशा में सहायता देना। योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता (Monthly Financial Assistance) दी जाती है, ताकि वे परिवार और शिक्षा में आत्मनिर्भर बन सकें। अब ई-केवाईसी प्रक्रिया में राहत मिलने से हजारों महिलाएं एक बार फिर इस योजना के दायरे में आएंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ राजनीतिक रूप से संवेदनशील है बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी राहत देने वाला कदम है।
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