महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को बचाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की है कि राज्य के 500 मंदिरों, 60 राज्य संरक्षित किलों और 1800 कुओं के संरक्षण के लिए एक वृहद योजना (Comprehensive Plan) तैयार की जा रही है। इस योजना में न केवल इन धरोहरों का संरक्षण और पुनरुद्धार शामिल होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इसके लिए पुरातत्व विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि “मैत्री” संस्था के सहयोग से यह योजना लागू की जाएगी।
तीन जिलों में बनेगा “डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन”
मंत्री शेलार ने बताया कि पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और नासिक जिलों में ‘डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO)’ बनाया जाएगा। इन जिलों के मंदिरों, किलों और ऐतिहासिक स्थलों का एक एकीकृत विकास रूपरेखा तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूत स्थान मिल सके। उन्होंने कहा कि इस आराखड़े में इतिहास, वास्तुकला, पुरातत्व और संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए PIU (Project Implementation Unit) के तहत नए अधिकारियों की भर्ती भी की जाएगी।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप से विकास
आशीष शेलार ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए सरकारी और निजी साझेदारी (PPP) मॉडल पर काम किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक से भी फंड जुटाने की योजना है। मार्च 2026 तक पहले चरण में 5 Well, 5 मंदिरों और 5 किलों के विकास का काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
महाराष्ट्र का गौरव बढ़ेगा
मंत्री शेलार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह योजना महाराष्ट्र की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया, वैसे ही अब पूरे महाराष्ट्र के ऐतिहासिक स्थलों का एक संपूर्ण सांस्कृतिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों, इतिहास प्रेमियों और पर्यटन संगठनों से इस मिशन में सहयोग करने की अपील की। महाराष्ट्र सरकार का यह कदम राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और पर्यटन को गति देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह योजना न केवल धरोहरों को नया जीवन देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का माध्यम भी बनेगी।
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