टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया को मिला नया बोइंग 787-9 ‘लाइन फिट’ ड्रीमलाइनर सिर्फ एक और विमान नहीं है, बल्कि यह एयरलाइन के पुनर्जागरण (Revival) की रणनीति में एक मील का पत्थर है। जनवरी 2022 में टाटा समूह के हाथों में जाने के बाद यह पहला फैक्ट्री-फ्रेश, लाइन फिट वाइड-बॉडी विमान है। इससे साफ संकेत मिलता है कि एयर इंडिया अब सिर्फ पुराने विमानों के सहारे नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ रही है। बोइंग जैसे वैश्विक निर्माता का एयर इंडिया पर दोबारा भरोसा भी दर्शाता है।
एयर इंडिया को मिला पहला ‘लाइन फिट’ बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर
टाटा समूह के स्वामित्व वाली राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपने बेड़े के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। एयर इंडिया ने पहली बार बोइंग 787-9 ‘ड्रीमलाइनर’ विमान को ‘लाइन फिट’ कॉन्फ़िगरेशन के साथ अपने बेड़े में शामिल किया है। यह विमान न केवल निजीकरण के बाद एयर इंडिया को मिलने वाला पहला ‘लाइन फिट’ ड्रीमलाइनर है, बल्कि बीते आठ वर्षों से अधिक समय में कंपनी के बेड़े में शामिल होने वाला पहला नया ड्रीमलाइनर भी है।
सिएटल में हुआ स्वामित्व हस्तांतरण
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 7 जनवरी को अमेरिका के सिएटल स्थित बोइंग के एवरेट (Everett) कारखाने में इस बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर का स्वामित्व औपचारिक रूप से एयर इंडिया को सौंपा गया। अब यह विमान भारतीय विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के निरीक्षण और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है।
क्या होता है ‘लाइन फिट’
विमानन उद्योग में ‘लाइन फिट’ शब्द का विशेष महत्व है। इसका अर्थ होता है कि किसी विमान में आवश्यक उपकरण, केबिन इंटीरियर, इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम, सीटिंग कॉन्फ़िगरेशन और अन्य तकनीकी फीचर्स विमान के निर्माण और असेंबली प्रक्रिया के दौरान ही लगाए जाते हैं। इसके विपरीत ‘रेट्रो फिट’ में ये सुविधाएं विमान के डिलीवरी के बाद जोड़ी जाती हैं, जिसमें अतिरिक्त समय और लागत लगती है। ‘लाइन फिट’ विमान आमतौर पर अधिक उन्नत, बेहतर इंटीग्रेटेड और एयरलाइन की जरूरतों के अनुसार तैयार होते हैं।
आठ साल बाद नया ड्रीमलाइनर
एयर इंडिया ने इससे पहले आखिरी बार अक्टूबर 2017 में ‘लाइन फिट’ ड्रीमलाइनर विमान हासिल किया था। उस समय एयर इंडिया सरकार के स्वामित्व में थी। इसके बाद लंबे समय तक बेड़े में नए वाइड-बॉडी विमानों की कोई बड़ी एंट्री नहीं हुई। जनवरी 2022 में टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के निजीकरण के बाद यह पहला मौका है जब कंपनी को फैक्ट्री-फिटेड ड्रीमलाइनर विमान मिला है, जिसे एयर इंडिया के नए वैश्विक मानकों और ब्रांड रिफ्रेश के अनुरूप तैयार किया गया है।
बेड़े के आधुनिकीकरण की रणनीति
यह डिलीवरी एयर इंडिया की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने पुराने विमानों को चरणबद्ध तरीके से बदलकर आधुनिक, ईंधन-कुशल और यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक विमानों को शामिल कर रही है। बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए जाना जाता है और इसमें बेहतर ईंधन दक्षता, कम कार्बन उत्सर्जन और आधुनिक केबिन डिजाइन जैसी खूबियां होती हैं।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मिलेगा बल
एयर इंडिया के लिए यह नया ड्रीमलाइनर खास तौर पर उसके अंतरराष्ट्रीय रूट नेटवर्क को मजबूती देने में मददगार साबित होगा। माना जा रहा है कि इसे यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के मार्गों पर तैनात किया जा सकता है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा, बल्कि एयर इंडिया की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति भी मजबूत होगी।
टाटा समूह की बड़ी योजना का हिस्सा
टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया ने 470 से अधिक नए विमानों के ऑर्डर देकर भारतीय विमानन इतिहास का सबसे बड़ा विमान खरीद समझौता किया है। इस ‘लाइन फिट’ बोइंग 787-9 की डिलीवरी उसी दीर्घकालिक योजना का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत एयर इंडिया को एक आधुनिक, विश्वस्तरीय और भरोसेमंद वैश्विक एयरलाइन के रूप में फिर से स्थापित किया जाना है। कुल मिलाकर, यह ड्रीमलाइनर डिलीवरी एयर इंडिया के लिए सिर्फ एक नया विमान नहीं, बल्कि उसके नए युग की शुरुआत का प्रतीक मानी जा रही है।
निजीकरण के बाद भरोसे की पहली बड़ी मुहर
एयर इंडिया को मिला ‘लाइन फिट’ बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर केवल एक नए विमान की डिलीवरी नहीं है, बल्कि यह भारतीय विमानन क्षेत्र में एयर इंडिया की पुनर्स्थापना की ठोस घोषणा है। टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद यह पहला फैक्ट्री-फ्रेश वाइड-बॉडी विमान उस भरोसे का प्रतीक है, जो वर्षों की उपेक्षा और जड़ता के बाद एयर इंडिया में लौट रहा है। आठ साल के लंबे अंतराल के बाद बेड़े में शामिल हुआ यह ड्रीमलाइनर बताता है कि अब एयर इंडिया पैबंद और अस्थायी समाधानों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी सोच के साथ उड़ान भर रही है।
Air India का पुनर्जन्म
‘लाइन फिट’ कॉन्फ़िगरेशन के जरिए बेहतर केबिन, उन्नत तकनीक और कम लागत वाली परिचालन क्षमता न सिर्फ यात्रियों के अनुभव को नया स्तर देगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एयर इंडिया को खाड़ी और यूरोपीय एयरलाइनों के समकक्ष खड़ा करने में मदद करेगी। यह विमान ‘पुरानी एयर इंडिया’ के बोझिल अतीत से निकलकर ‘नई एयर इंडिया’ के आत्मविश्वास भरे भविष्य की ओर बढ़ता एक स्पष्ट संकेत है जहां राष्ट्रीय पहचान के साथ वैश्विक मानकों पर खरा उतरने की महत्वाकांक्षा झलकती है।
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