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April 5, 2025

Shubhanshu Shukla: राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय

Mission Axiom 4: भारत जल्द ही अंतरिक्ष में नया इतिहास रचने वाला है। भारतीय वायुसेना के कैप्टन Shubhanshu Shukla इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ISS में जाने वाले पहले भारतीय बनने वाले हैं। Mission Axiom 4 की लॉन्चिंग डेट सामने आ गई है। अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams और Butch Wilmore को सफलतापूर्वक धरती पर वापस लाने के बाद, वही SpaceX Dragon अंतरिक्ष यान एक और ऐतिहासिक मिशन के लिए तैयार है। अब सभी की निगाहें आगामी Mission Axiom 4 (X-4) पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री Shubhanshu Shukla अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाएंगे। शुभांशु पहले भारतीय होंगे जो ISS जाएंगे।
Shubhanshu Shukla, SpaceX Dragon अंतरिक्ष यान पर सवार होकर ISS की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री के रूप में इतिहास रचने के लिए तैयार हैं। यह मिशन Florida में NASA के Kennedy Space Centre से लॉन्च होगा। इसके अलावा, शुभांशु भारत के Mission Gaganyan का भी हिस्सा हैं। भारत अपने पहले मानव अंतरिक्ष यान मिशन, Gaganyan की तैयारी कर रहा है, जिसे 2025 में लॉन्च किया जाना है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री होंगे, जो सभी अनुभवी भारतीय वायु सेना (IAF) पायलट हैं, और जिन्हें इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इनमें से एक ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla हैं।

कौन हैं Shubhanshu Shukla

10 अक्टूबर 1985 को Lucknow, Uttar Pradesh में जन्मे Shubhanshu Shukla एक कुशल लड़ाकू पायलट हैं, जिन्हें 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। Shubhanshu ने लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) पुणे से स्नातक की, और बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (B.Tech.) की डिग्री ली। बाद में उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), Banglore से मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की। वह 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और एक टेस्ट पायलट बन गए। उन्होंने Su-30 MKI, MiG-21 और जगुआर जैसे विभिन्न विमानों में महारत हासिल की। 2019 में, उन्हें अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण के लिए चुना गया और Yuri Gagarin Cosmonaut Training Center Russia में उन्होंने तैयारी की। मार्च 2024 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया।
ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla के परिवार के अनुसार कारगिल के दौरान भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की वीर गाथाओं को पढ़ने के बाद उन्हें सशस्त्र बल में शामिल होने की प्रेरणा मिली। एक इंटरव्यू के दौरान उनकी बड़ी बहन का कहना था कि 1999 में जब कारगिल में युद्ध छिड़ा था, तब वह सिर्फ 14 साल के थे। उस समय पाकिस्तानी घुसपैठियों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर भारतीय चौकियों पर अतिक्रमण कर लिया था। इसकी ख़बरें TV चैनलों पर देखकर Shubhanshu का खून खौल उठता था। सचिवालय के रिटायर्ड शंभूदयाल शुक्ला के बेटे Shubhanshu बचपन से अंतरिक्ष में राज करने का सपना देखा करते थे। बचपन से ही बाइक और कार को स्पीड में चलाने का शौक था। छठी कक्षा के छात्र के रूप में, शुक्ला का वायुसेना में शामिल होने का सपना तब जगा, जब उन्होंने एक एयर शो के दौरान एक लड़ाकू विमान को अपने पीछे, बहुत नीचे से उड़ते देखा और वे इसके प्रति आकर्षित हो गए। शुभांशु की मां आशा हाउस वाइफ हैं। कठिन परिस्थितियों में सरवाईव करने की काबिलियत ने ही उन्हें Mission Gaganyan का हिस्सा बनाया।

भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री Rakesh Sharma हैं प्रेरणास्रोत

ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla का जन्म Rakesh Sharma की अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उड़ान के एक साल बाद हुआ था, जिसकी याद आज भी पूरे भारत में गूंजती है, जिनके बारे में आज भी कहा जाता है कि चांद पर पड़ने वाला सबसे पहला इंसानी कदम Rakesh Sharma का था, जिसके निशां आज भी चांद पर मौज़ूद हैं। NASA ने भारतीय वायु सेना के अधिकारी को SpaceX अंतरिक्ष यान को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक ले जाने की मंजूरी दे दी है। Gaganyan के अलावा, शुक्ला को 2024 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए Axiom Mission 4 (X-4) को पायलट करने के लिए चुना गया। इससे वह ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन जाएंगे, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक प्रमुख मील का पत्थर होगा। Shubhanshu Shukla, जिन्हें उनके Axiom 4 चालक दल के सदस्य प्यार से Shuks कहते थे, ने कहा, “पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने 1984 में अंतरिक्ष की यात्रा की थी। मेरा जन्म 1985 में हुआ था और मैं उनसे बहुत प्रभावित हूं।”

Mission Axiom 4

Mission Axiom 4 प्राइवेट स्पेस एजेंसी, ISRO और NASA के बीच एक सहयोग प्रोजेक्ट है, जो इसे दुनिया का पहला कमर्शियल अंतरिक्ष स्टेशन मिशन बनाता है। SpaceX Dragon अंतरिक्ष यान, जो हाल ही में Williams और Wilmore को वापस लाया है, इस मिशन को पूरा करने के लिए एक बार फिर Florida से उड़ान भरेगा। X-4 मिशन लगभग दो सप्ताह तक चलेगा और इसमें अलग-अलग सेक्टर के अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। चालक दल का नेतृत्व कमांडर के रूप में NASA की पूर्व अंतरिक्ष यात्री Peggy Whitson करेंगी। उनके साथ, Poland से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री सावोज़ उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और Hungry से टिबोर कापू भी मिशन का हिस्सा होंगे। इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान, आउटरीच पहल और कमर्शियल एक्टिविटीज को आगे बढ़ाना है। ISRO इस मिशन पर बारीकी से नज़र रखेगा, क्योंकि इसके रिजल्ट गगनयान मिशन की सफलता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अंतरिक्ष में अपने 14 दिवसीय मिशन के दौरान, Shubhanshu Shukla शून्य गुरुत्वाकर्षण में कई प्रयोग और विज्ञान अध्ययन करेंगे, जिसका उद्देश्य न केवल Space के बारे में हमारी समझ को बढ़ाना है, बल्कि भारत के गगनयान मिशन की तैयारियों को बढ़ावा देना भी है।

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