भारत ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर चार बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ा दी है। ये कदम पाकिस्तान के लिए पानी की उपलब्धता पर रणनीतिक दबाव बढ़ा सकते हैं। भारत अब पश्चिमी नदियों का पूरा पोटेंशियल बिजली उत्पादन और पानी के प्रवाह पर नियंत्रण के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी में है।
चार बड़े डैम: कौन-क्या बन रहा है?
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पाकल दुल:
किश्तवाड़ जिले में बनने वाला यह डैम 167 मीटर ऊंचा होगा और इसकी क्षमता 1,000 मेगावाट होगी। यह पश्चिमी नदियों पर पहला स्टोरेज प्रोजेक्ट होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास मई 2018 में किया था और अब इसे दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य है। -
किरु डैम:
135 मीटर ऊंचाई वाला किरु डैम भी किश्तवाड़ जिले में बन रहा है। यह रन-ऑफ-द-रिवर टाइप प्रोजेक्ट होगा और पाकल दुल के साथ दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। -
क्वार डैम:
109 मीटर ऊंचाई वाले क्वार डैम का नदी डायवर्शन जनवरी 2024 में पूरा हुआ था। यह भी रन-ऑफ-द-रिवर डैम होगा और इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। -
रतले डैम:
रतले डैम की क्षमता 850 मेगावाट होगी और इसकी ऊंचाई 133 मीटर है। 2024 में नदी को टनल के माध्यम से डायवर्ट किया गया और अब इसका कंक्रीट वर्क शुरू हो चुका है। इसे 2028 तक पूरा करने की योजना है। पाकिस्तान पहले ही इस प्रोजेक्ट के स्पिलवे डिजाइन पर आपत्ति जता चुका है।

