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भारत-चीन झड़प में 20 जवान शहीद, देश नहीं भूलेगा शहादत

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भारत चीन सेना के झड़प में 20 जवान शहीद, भारत ने कहा देश नहीं भूलेगा शहादत
 
कन्नौज हो या कानपुर, दिल्ली हो या मुंबई, हर जगह चीनी चालबाजी के खिलाफ समूचे देश में गुस्सा है, चीनी उत्पादों को जलाया जा रहा है, चीनी झंडों को आग के हवाले कर चीन के कायराना हरकतों का विरोध किया जा रहा है, भारतीयों में गुस्सा है, उबाल है। एक बार फिर से चाइना ने ऐसी हरकत की है जिसका बदला भारत जल्द लेगा। 1962 के युद्ध के समय चीन ने जिस तरह धोखा दिया था, वैसी ही दगाबाजी उसने 58 साल बाद फिर कर डाली। पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में सोमवार दोपहर बाद बातचीत करने गए भारतीय सैन्य दल पर चीनी सैनिकों ने अचानक हमला कर दिया। भारतीय सैनिकों ने भी मुंह तोड़ जवाब दिया। कई घंटे चली खूनी झड़प में कर्नल सहित 20 भारतीय शहीद हो गये जबकि चीन के करीब चार दर्जन सैनिक हताहत हो गये।भारतीय सेना ने इस बात की पुष्टि की कि गत रात्रि हुई बिना गोलीबारी वाली इस हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए हैं। दूसरी ओर चीन के कम से कम 43 सैनिक हताहत हुए हैं।

भारत चीन सेना के झड़प में एक भी गोली नहीं चली, लाठी-डंडों, पत्थर से हमला

भारत और चीन दोनों ही देशों की ओर से कोई गोलीबारी नहीं हुई। दोनों पक्षों में सेनाओं के पीछे हटने पर बनी सहमति के बावजूद पीछे जाने के बजाय चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर पत्थरबाजी की और लोहे की कीलें लगीं लाठियों से भारत की सेना पर हमला किया। हाल फिलहाल में LAC पर इस तरह से दोनों देशों के जवानों के बीच झड़प की ख़बरें जरूर आयी थी लेकिन हिंसक झड़प में 20 जवानों के शहीद होने की खबर सालों बाद आयी है। बहरहाल चीन की इस करतूत पर अब भारत कड़ा रुख अख्तियार कर रहा है।

भारत चीन सेना झड़प – प्रधानमंत्री मोदी ने तीन घंटे की बैठक, शाह भी मौजूद रहे

लद्दाख प्रकरण को लेकर नई दिल्ली में दिनभर उच्च स्तरीय बैठकें हुईं। पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और तीनों सेना अध्यक्षों के साथ बैठक की। इसके बाद रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हालात से अवगत कराया। कल देर शाम करीब 8 बजे से रात 11 बजे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक करने गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे। इस बीच भारतीय सेना ने फिर दोहराया है कि किसी भी कीमत पर भारतीय क्षेत्र की रक्षा की जाएगी और किसी को भी कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के साथ बैठक की।

चीन की इस हरकत पर पीएम मोदी की नज़र, 19 जून को बुलाई सर्वदलीय बैठक

इस बीच भारत-चीन सीमा क्षेत्र में मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए PM नरेंद्र मोदी ने 19 जून को शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई हैं। इस बैठक में अलग-अलग पार्टियों के अध्यक्ष शामिल होंगे। इस बैठक में भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष इस वर्चुअल बैठक में हिस्सा लेंगे। बता दे कि इसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर दी गई हैं।

राजनाथ सिंह बोले- सैनिकों की क्षति परेशान करने वाली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि गलवान में सैनिकों की क्षति परेशान करने वाली और दर्दनाक है। हमारे सैनिकों ने अनुकरणीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में अपने जीवन का बलिदान दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी संवेदनाएं जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के साथ हैं। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के बहादुरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है।

चीन के खिलाफ बड़ा आर्थिक एक्शन ले सकती है मोदी सरकार

बुधवार को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद लद्दाख सीमा पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इस बीच खबर है कि भारत चीन के खिलाफ सख्त आर्थिक फैसले ले सकता है। कहा जा रहा है कि भारत उन चीनी प्रोजेक्ट को रद्द कर सकता है, जिनमें चीनी कंपनियों ने करार हासिल किया हुआ है। इनमें से एक मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट भी है। इस प्रोजेक्ट की बिड भी चीनी कंपनियों ने हासिल की है। कहा जा रहा है कि भारत सरकार ने चीन के साथ सीमा पर तनाव के बाद चीनी कंपनियों को दी गई प्रोजेक्ट की समीक्षा भी शुरू कर दी है।
इसमें दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस परियोजना भी शामिल है। भारत सरकार चीन की बिड को रद्द करने के लिए सभी कानूनी पहलुओं को देख रही है। कहा जा रहा है कि इस बिड को सरकार द्वारा रद्द किया जा सकता है। दिल्ली-मेरठ RRTS प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली-मेरठ के बीच सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनना है। इसमें दिल्ली गाजियाबाद होते हुए मेरठ से जुड़ेगी। इस परियोजना से खासकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जाने वालों को बहुत फायदा मिलेगा। यह कुल 82.15 किलोमीटर लंबा होगा। जिसमें 68.03 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा और 14.12 किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा।