Ayodhya Deepotsav 2025: कार्तिक मास की चतुर्दशी की यह सांझ इतिहास के पन्नों में अमर हो गई। सरयू तट पर दीपों का सागर लहराया तो आस्था की ज्योति से पूरी रामनगरी जगमगा उठी। दीपोत्सव 2025 में 26,17,215 दीपों (26 लाख 17 हजार 215) ने श्रीराम की नगरी को ऐसा प्रकाशमय बना दिया कि लगा जैसे त्रेतायुग फिर लौट आया हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नौवें दीपोत्सव पर जब सरयू किनारे दीप जलाए गए, तब “जय श्रीराम” की गूंज ने आसमान तक को कंपा दिया।
Ayodhya Deepotsav 2025: योगी सरकार के नाम दो विश्व रिकॉर्ड
इस साल का दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व स्तर का चमत्कार साबित हुआ। 26,17,215 दीपों का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, ड्रोन गणना से पुष्टि के बाद अयोध्या ने फिर इतिहास रच दिया। 2128 वेदाचार्यों और अर्चकों द्वारा एक साथ सरयू आरती, यह दृश्य देखकर हर भक्त की आंखें श्रद्धा से नम हो उठीं। गिनीज बुक के प्रतिनिधियों ने मंच से घोषणा की, और उसी पल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों हाथ उठाकर मुस्कुराते हुए प्रभु श्रीराम को नमन किया। उनके चेहरे पर “आस्था और उपलब्धि” दोनों की छवि झलक रही थी।
रामनगरी में दीपों का सागर, 56 घाटों पर एक साथ जले लाखों दीप
अयोध्या की राम की पैड़ी से लेकर 56 घाटों तक हर जगह दीपों की पंक्तियां सरयू की लहरों में प्रतिबिंबित हो रहीं थीं। 32 हजार से अधिक स्वयंसेवकों विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों ने दीपों की सजावट और प्रज्ज्वलन में योगदान दिया। हर गली, हर मंदिर, हर घर, और हर चौराहा प्रकाश से आलोकित था। अयोध्या की हवा में भक्ति का स्पर्श था और हर दीप की लौ में “राम नाम” झिलमिला रहा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया श्रीराम-मां सीता का पूजन
मुख्यमंत्री ने रामकथा पार्क में श्रीराम, मां सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की आरती उतारी। मंच पर उपस्थित संतों-महंतों के साथ प्रतीकात्मक “राज्याभिषेक” हुआ। “राम आए अवध की ओर सजनी…” जैसे गीतों की स्वर लहरियों में वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा — “दीप केवल प्रकाश नहीं, यह हमारी संस्कृति, श्रद्धा और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक है।”
हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा और रथ खींचते योगी
अवधपुरी का दृश्य तब और भावनात्मक हो गया जब पुष्पक विमान से ‘राम, सीता और लक्ष्मण’ का स्वागत पुष्प वर्षा से किया गया। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रथ खींचकर प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। चारों ओर जयकार — “सियावर रामचंद्र की जय, जय श्रीराम!” मुख्यमंत्री संग महंत नृत्यगोपाल दास, चंपत राय, डॉ. रामविलास वेदांती, और सैकड़ों संतों ने भी दीप प्रज्वलित किए।
राम मंदिर में पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन
दीपोत्सव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने रामलला के चरणों में दीप जलाया, आरती उतारी और श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। मंदिर परिसर को फूलों और रंगीन लाइटिंग से सजाया गया था। भक्तों ने मंत्रोच्चार के बीच “जय सिया राम” के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजा दिया।
पांच देशों के कलाकारों ने रामलीला मंचित की
अयोध्या के दीपोत्सव का आकर्षण केवल दीपों तक सीमित नहीं रहा। रूस, थाईलैंड, नेपाल, इंडोनेशिया और श्रीलंका के कलाकारों ने अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार रामलीला प्रस्तुत की। 22 भव्य झांकियों और 2000 से अधिक कलाकारों ने जब ‘रामायण के प्रसंगों’ को जीवंत किया, तो लगा मानो पूरी धरती रामकथा में डूब गई हो।
1100 स्वदेशी ड्रोन शो – रामायण की गाथा आकाश में
अयोध्या के आकाश में 1100 स्वदेशी ड्रोन ने जब श्रीराम के जीवन प्रसंगों की झलकियां दिखाई, तो हजारों आंखें भाव-विह्वल हो उठीं। ड्रोन के माध्यम से राम का वनवास, सीता-हरण, सेतु निर्माण और रामराज्य की झलक ने दीपोत्सव को “टेक्नोलॉजी और परंपरा का अद्भुत संगम” बना दिया।
2017 से 2025 तक – योगी सरकार का ‘राम मिशन’
पहली बार 2017 में जब दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी, तब 1.71 लाख दीप जलाए गए थे। 2025 तक यह संख्या बढ़कर 26 लाख से अधिक पहुंची। योगी सरकार का यह सफर केवल रिकॉर्ड का नहीं, बल्कि रामभक्ति, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विश्व को भारत की आत्मा दिखाने का प्रतीक बन गया है। मुख्यमंत्री ने समापन में कहा कि “आज अयोध्या केवल एक शहर नहीं, भारत की आध्यात्मिक राजधानी बन चुकी है। जब तक एक भी दीप जलता रहेगा, तब तक श्रीराम का नाम अमर रहेगा।” दीपोत्सव 2025 ने यह सिद्ध कर दिया कि रामनगरी अयोध्या सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का केंद्र है। 26 लाख दीपों की यह ज्योति आने वाले समय में भी यही संदेश देती रहेगी “जहां राम हैं, वहीं उजाला है।”
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