Home हिन्दी फ़ोरम अब क्राइम भी रोकेगी सीएसआर, एसबीआई की मदद से मुंबई में खुले...

अब क्राइम भी रोकेगी सीएसआर, एसबीआई की मदद से मुंबई में खुले 13 साइबर सेल

455
0
SHARE
अब क्राइम भी रोकेगी सीएसआर, एसबीआई की मदद से मुंबई में खुले 13 साइबर सेल
 
हमेशा सामाजिक उत्थान के लिए काम आने वाला सीएसआर फंड अब मुंबई में साइबर क्राइम को रोकेगी। साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने 13 साइबर सेल का उद्घाटन किया। ये सभी Cyber Cell एसबीआई की मदद से बनाये गए है। मुंबई में कुल 13 ज़ोन्स है जहां ये Mumbai Police Cyber Cell बनाये गए है। इन साइबर सेल को स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI CSR) ने अपने सीएसआर फंड्स से बनाये है। Mumbai Police Commissioner Vivek Phansalkar और State Bank of India के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने 13 साइबर सेल का उद्घाटन किया।

साइबर सेल के लिए सीएसआर मददगार, एसबीआई करेगी सपोर्ट

भारतीय स्टेट बैंक ने अपने Corporate Social Responsibility से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान (CSR Help by SBI) की है जिसका उपयोग इन Cyber Cell में किया जाएगा। प्रत्येक जोन में नए साइबर सेल के साथ, पुलिस स्टेशन अब साइबर अपराध के मामलों में मदद के लिए सीधे जोनल सेल से संपर्क कर सकते हैं। हर सर्किल में साइबर सेल की स्थापना से साइबर अपराधों का पता लगाने और रोकथाम के लिए सेल का व्यापक रूप से उपयोग किया जा सकेगा। The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर विवेक फणसलकर ने बताया कि मुंबई पुलिस का लक्ष्य साइबर खतरे पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक पुलिस कर्मी को साइबर अपराध जांच में प्रशिक्षण प्रदान करना है।

साइबर ठगी के मामले में पुलिस से आगे ठग, अब सीएसआर से एसबीआई लगाएगी अंकुश

आज के इस डिजिटल दुनिया में हर घर, हर सड़क, हर व्यक्ति, हर वेंडर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करता है और ये दायरा लगातार बढ़ रही है, आजकल तकनीक दैनिक कार्यों में आसानी लाती है और जोखिम भी बढ़ाती है। ऐसे में साइबर अपराध की दुनिया में अपराधियों को आसान टारगेट मिल गया है, खासकर बैंकिंग में। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ना सिर्फ टेक्निकल सपोर्ट कर रही है बल्कि इन साइबर पुलिस स्टेशन में तैनात मुंबई पुलिस के प्रत्येक कांस्टेबल और अधिकारी को साइबर अपराध और साइबर जांच में ट्रेनिंग भी देगी। The CSR Journal से बात करते हुए स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने बताया कि ऐसे भी केसेस हमने देखें हैं जिनमें लोगों ने साइबर धोखेबाजों के कारण अपनी जीवन भर की बचत खो दी है और पीड़ितों में से कई शिक्षित थे और वरिष्ठ पदों पर थे।

साइबर ठगी के सिर्फ 5 फीसदी ही मामले होते हैं रिपोर्ट

स्पेशल पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने बताया कि साइबर क्राइम में केवल 5 प्रतिशत मामले ही रिपोर्ट किए जा रहे हैं और लोगों को यह पता नहीं है कि क्या करना है और कहां शिकायत दर्ज करनी है। मुंबई पुलिस के पास पीड़ितों के लिए एक हेल्पलाइन है और बैंकों की मदद से पैसा रोकने के सभी प्रयास किए जाते हैं। एक आकड़ों में मुताबिक पिछले 11 महीनों में मुंबई पुलिस ने साइबर ठगों से 14 करोड़ रुपये रोकने में कामयाब रही है। गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने 2007-8 में साइबर पुलिस स्टेशन शुरू करने वाली देश की पहली पुलिस थी। और अब मुंबई पुलिस के हर जोन में साइबर पुलिस सेल से साइबर ठगी से मुंबईकरों को राहत मिलेगी। साइबर धोखाधड़ी में शामिल लोग पुलिस से मीलों आगे है। ऐसे में अब Cyber Crime को रोकने में सीएसआर मददगार साबित होगी।