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सीएसआर से मिला बाइक एम्बुलेंस, दिव्यांगों को रोजी रोटी

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सीएसआर से बदलती जिंदगियां, जयपुर को मिला बाइक एम्बुलेंस, दिव्यांगों को रोजी रोटी
 
सीएसआर, ना सिर्फ जिंदगी में बदलाव ला रहा है बल्कि लोगों को सामाजिक तौर पर सशक्त भी बना रहा है। सीएसआर यानि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी की यही ख़ूबी है जिसकी वजह से समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति को भी मुख्य धारा में लाया जा सकता है। करोड़ों रुपयों के सीएसआर फंड की मदद से समाज में बड़े पैमाने पर सकारात्मक बदलाव हो रहा है। जिससे नयी उम्मीद मिलती है, नयी जिंदगी मिल रही है साथ ही सीएसआर अपने पैरों पर भी खड़े होने का मौका देती है।

सीएसआर से दिव्यंजनों को ई रिक्शा से मिलेगी रोजी रोटी

CSR (Corporate Social Responsibility) के तहत ओड़िसा के संबलपुर में पीएसयू महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड ने दिव्यांगों को आर्थिक और सामाजिक तौर पर सशख्त बनाने के लिए ई रिक्शा दिए है ताकि ये दिव्यंजन अपना गुजर बसर कर पाएं। महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड ने कुल 11 ई रिक्शा दिया है और आने वाले कुछ दिनों में पीएसयू महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड अपने इस सीएसआर पहल को और विस्तार करेगी साथ ही अन्य 9 दिव्यांगनों को ई रिक्शा वितरित करेगी। जाहिर है महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड की पहल से ना सिर्फ दिव्यंजनों को आत्मनिर्भरता होगी बल्कि उनको रोजगार मिलेगा।

सीएसआर के तहत जयपुर को मिला बाइक एम्बुलेंस

वही स्वस्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जयपुर में बाइक एम्बुलेंस सेवाओं की शुरुआत की। बाइक एम्बुलेंस स्वस्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाएगा। सीएसआर के तहत हीरो मोटोकॉर्प ने स्वास्थ्य विभाग को पांच बाइक एम्बुलेंस प्रदान की हैं। जिसका राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बाइक एंबुलेंस को रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर- I ने बताया कि इस सेवा के लिए एक आपातकालीन नंबर जारी होगा और जिस जरूरतमंद मरीज को सेवा चाहिए उसे जल्दी ही सेवा मिलेगी। बाइक एम्बुलेंस की सेवा जोधपुर और अजमेर में भी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
ये बाइक एम्बुलेंस सभी प्राथमिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं, इसमें फर्स्ट ऐड बॉक्स, फ्लो मीटर के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, ह्यूमिडिफायर मास्क, अग्निरोधक उपकरण, फोल्डेबल हुड और तीन-टोन सायरन की सुविधाएं है। ये बाइक एम्बुलेंस उन इलाकों में कारगर साबित होगा जो पुराना शहर क्षेत्र है जहां गलियां संकरी हैं और सामान्य आकार की एम्बुलेंस में प्रवेश करना मुश्किल है। ये मोटरबाइक एम्बुलेंस आकार में छोटी हैं और इतनी संकरी गलियों में आसानी से जा सकती हैं। प्रत्येक बाइक एम्बुलेंस की लागत है लगभग 1.70 लाख रुपये है।